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Bhiwani News: छूटी उम्मीदों को नए साल में लगेंगे पंख, ड्रॉपआउट बच्चों तक पहुंचेगी शिक्षा की रोशनी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 31 Dec 2025 01:22 AM IST
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The new year will give wings to lost hopes, and the light of education will reach dropout children.
राजकीय कन्या स्कूल का मुख्य गेट।
भिवानी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत पढ़ाई बीच में छोड़ चुके ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने एक जनवरी से 19 जनवरी तक विशेष सर्वे अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत विभाग की टीमें घर-घर जाकर ड्रॉपआउट बच्चों के अभिभावकों से संपर्क करेंगी और उन्हें पुनः स्कूल से जोड़ने का प्रयास करेंगी।
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अभियान के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारी, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, स्कूल मुखिया और शिक्षक संयुक्त रूप से सर्वे करेंगे। टीमों द्वारा बच्चों के अभिभावकों को शिक्षा का महत्व समझाया जाएगा और सरकार की ओर से मिलने वाली सभी शैक्षणिक सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। विभाग का उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और सभी ड्रॉपआउट विद्यार्थियों को दोबारा स्कूल तक लाया जा सके।
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सर्वे तीन स्तरों पर संचालित होगा जिसमें स्कूल, ब्लॉक और जिलास्तर की टीमें सक्रिय भूमिका निभाएंगी। अभियान के तहत 19 वर्ष आयु वर्ग तक के ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान की जाएगी और उनका पूरा विवरण एमआईएस पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा ताकि उन्हें पढ़ाई के दौरान सरकार की सभी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिल सके। बीईओ और एबीआरसी को अपने-अपने ब्लॉक में शत-प्रतिशत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग द्वारा ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की पढ़ाई दोबारा शुरू कराने के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र भी संचालित किए जाएंगे और अभिभावकों को लगातार जागरूक किया जाएगा।
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सामाजिक संगठनों का सहयोग भी लिया जाएगा
अभियान को सफल बनाने के लिए सामाजिक संगठनों का सहयोग भी लिया जाएगा। विभाग की ओर से सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी गई है। स्कूल मुखिया सर्वे टीमों का गठन करेंगे और उनके कार्यक्षेत्र तय किए जाएंगे। जितने बच्चों को ड्रॉपआउट सूची में शामिल किया जाएगा, उनकी जानकारी अनिवार्य रूप से एमआईएस पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।

चिह्नित बच्चों के लिए बनाए गए विशेष नियम
सर्वे के तहत पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों का डाटा एकत्र करने के लिए एजुकेशन वालंटियर नियुक्त किए गए हैं जो जनवरी से मैदानी स्तर पर बच्चों की पहचान कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। छह से सात वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को एमआईएस पोर्टल पर बनाए गए एसटीसी के तहत सीधे दाखिला दिया जाएगा। वहीं सात से 14 वर्ष और 16 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जाएंगे, ताकि वे पढ़ाई में पिछड़ापन दूर कर शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकें।


वर्सन ::
विभाग का मुख्य उद्देश्य किन्हीं भी कारणों से ड्रॉपआउट हो चुके विद्यार्थियों को फिर से शिक्षा की मुख्यधारा में लाना है। ऐसे बच्चों के अभिभावकों से बातचीत कर सर्वे अभियान चलाया जाएगा ताकि विद्यार्थियों का पिछड़ापन दूर हो सके। - शिवकुमार तंवर, उप जिला शिक्षा अधिकारी
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