Sports Day: नीतू ने मां को मिले तानों का रिंग में पसीना बहा दिया जवाब, कॉमनवेल्थ में जीता स्वर्ण
48 किलो भारवर्ग की बॉक्सर नीतू सीबीएलयू से एमपीएड की पढ़ाई कर रही हैं। मुक्केबाजी में महज 10 साल के सफर में नीतू ने गांव की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बना दी है।
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नीतू ने जब मुक्केबाजी की शुरुआत की थी तब उनके क्षेत्र में अधिक लड़कियां अभ्यास नहीं करती थी। ऐसे में आस-पास के लोग परिवार को ताने देते थे कि कौन सा मेडल जीतकर लाएगी जो कि बॉक्सिंग सीखा रहे हैं। नीतू ने अपनी मां मुकेश को मिले तानों का जुबां से जवाब देने की बजाय रिंग में पसीना बहाया और कॉमनवेल्थ में स्वर्ण पदक लेकर लौटी।
नीतू अब एशियन व ओलंपिक में स्वर्णिम पंच लगाने के लिए द्रोणाचार्य अवॉर्डी कोच जगदीश सिंह के पास रोजाना सुबह-शाम तीन-तीन घंटे का अभ्यास कर रही है। साथ ही दूध, दही और देशी घी सहित पौष्टिक आहार ले रही है। हरियाणा के भिवानी जिले के गांव धनाना निवासी नीतू घनघस (21) ने वर्ष 2012 में भिवानी में कोच जगदीश के पास ट्रेनिंग शुरू की थी। मेहनत के बल पर वह आज इस मुकाम पर पहुंची है। 48 किलो भारवर्ग की बॉक्सर नीतू सीबीएलयू से एमपीएड की पढ़ाई कर रही हैं। मुक्केबाजी में महज 10 साल के सफर में नीतू ने गांव की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बना दी है।
नीतू घनघस की प्रमुख उपलब्धियां
- वर्ष-2017 में वर्ल्ड चैंपियनशिप गुवाहाटी में स्वर्ण पदक।
- वर्ष 2018 में एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
- वर्ष-2018 वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
- वर्ष 2022 में सोफिया बुल्गारिया में हुए स्ट्रेडजा कप में स्वर्ण पदक।
- वर्ष 2022 में कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक।