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Bhiwani News: गोवंश की बदहाल स्थिति होने पर सामाजिक संगठनों ने सौंपा ज्ञापन
Tue, 24 Feb 2026 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 24 Feb 2026 01:01 AM IST
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लोहारू। गोपाल गोशाला में गोवंश की बदहाल स्थिति, बीमार और कमजोर पशुओं की देखभाल में लापरवाही तथा मृत गायों को खुले गड्ढों में डाले जाने के आरोपों को लेकर सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में एसडीएम लोहारू को एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई गई है।
संगठनों के प्रतिनिधियों के अनुसार, सबसे गंभीर मुद्दा मृत गोवंश के निस्तारण का है। आरोप है कि मृत गायों को वैज्ञानिक प्रक्रिया अपनाने के बजाय खुले गड्ढों में डाला जा रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। लोगों ने भी पर्यावरण प्रदूषण और हवा में फैल रहे दूषित प्रभाव को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति जनस्वास्थ्य के लिए भी बड़ा खतरा बन सकती है।
सामाजिक संगठनों ने इस मुद्दे को उठाकर वास्तविकता सामने लाने की कोशिश की, तो उन पर झूठे आरोप लगाए गए और आवाज दबाने का प्रयास किया गया। संगठनों का दावा है कि उनके पास पर्याप्त प्रमाण मौजूद हैं और स्थिति का सत्यापन मौके पर जाकर आसानी से किया जा सकता है। लोहारू समस्या समाधान के संस्थापक प्रदीप सैनी, गोरक्षा दल के संस्थापक सतबीर लाटा, अक्षय शास्त्री, अनिल सोलंकी, मनीष, सचिन मौजूद रहे।
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इस बारे में गोशाला समिति के सदस्य पवन ने बताया कि पूर्व में कुछ कमियां अवश्य थी, जिनमें अब सुधार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में गौशाला को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा रहा है और गोवंश की देखभाल बेहतर ढंग से सुनिश्चित की जा रही है।
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संगठनों के प्रतिनिधियों के अनुसार, सबसे गंभीर मुद्दा मृत गोवंश के निस्तारण का है। आरोप है कि मृत गायों को वैज्ञानिक प्रक्रिया अपनाने के बजाय खुले गड्ढों में डाला जा रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। लोगों ने भी पर्यावरण प्रदूषण और हवा में फैल रहे दूषित प्रभाव को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति जनस्वास्थ्य के लिए भी बड़ा खतरा बन सकती है।
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सामाजिक संगठनों ने इस मुद्दे को उठाकर वास्तविकता सामने लाने की कोशिश की, तो उन पर झूठे आरोप लगाए गए और आवाज दबाने का प्रयास किया गया। संगठनों का दावा है कि उनके पास पर्याप्त प्रमाण मौजूद हैं और स्थिति का सत्यापन मौके पर जाकर आसानी से किया जा सकता है। लोहारू समस्या समाधान के संस्थापक प्रदीप सैनी, गोरक्षा दल के संस्थापक सतबीर लाटा, अक्षय शास्त्री, अनिल सोलंकी, मनीष, सचिन मौजूद रहे।
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इस बारे में गोशाला समिति के सदस्य पवन ने बताया कि पूर्व में कुछ कमियां अवश्य थी, जिनमें अब सुधार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में गौशाला को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा रहा है और गोवंश की देखभाल बेहतर ढंग से सुनिश्चित की जा रही है।