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Bhiwani News: सीबीएलयू में ‘गूंगी चीखें’ नाटक ने झकझोरा, सात दिवसीय विरासत कला उत्सव शुरू
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चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय में आयोजित विरासत कला उत्सव में प्रस्तुति देतीं छात्राएं।
भिवानी। चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (सीबीएलयू) और उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज के संयुक्त तत्वावधान में हरियाणा दिवस के उपलक्ष्य में सात दिवसीय ‘विरासत कला उत्सव’ शुरू हुआ। पहले दिन महिलाओं पर अत्याचार और उनकी अनकही पीड़ा पर आधारित नाटक ‘गूंगी चीखें’ के मंचन ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. सुरेश मलिक, रविंद्र श्योराण और कला विशेषज्ञ रमन शांडिल्य सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। विकास शर्मा के लिखे और रवि शर्मा के निर्देशित नाटक ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को गहराई से प्रभावित किया। डॉ. सुरेश मलिक ने कहा कि यह उत्सव युवाओं को भारतीय संस्कृति, विरासत और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने बताया कि 26 अक्तूबर से एक नवंबर तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 27 अक्तूबर को सूफी गायन, 28 अक्तूबर को सांग, 29 अक्तूबर को नागालैंड का वाद्य वृंद, 30 अक्तूबर को हरियाणवी लोकगायन और 31 अक्तूबर को युवा कवि सम्मेलन आयोजित होगा। उत्सव के अंतिम दिन 1 नवंबर को विभिन्न राज्यों के लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां होंगी। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. सुरेश मलिक, रविंद्र श्योराण और कला विशेषज्ञ रमन शांडिल्य सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। विकास शर्मा के लिखे और रवि शर्मा के निर्देशित नाटक ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को गहराई से प्रभावित किया। डॉ. सुरेश मलिक ने कहा कि यह उत्सव युवाओं को भारतीय संस्कृति, विरासत और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।
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उन्होंने बताया कि 26 अक्तूबर से एक नवंबर तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 27 अक्तूबर को सूफी गायन, 28 अक्तूबर को सांग, 29 अक्तूबर को नागालैंड का वाद्य वृंद, 30 अक्तूबर को हरियाणवी लोकगायन और 31 अक्तूबर को युवा कवि सम्मेलन आयोजित होगा। उत्सव के अंतिम दिन 1 नवंबर को विभिन्न राज्यों के लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां होंगी। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
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