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स्कूल खुले तो कोरोना संक्रमण पर काबू पाना होगा मुश्किल
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भिवानी। स्कूल खुले तो कोरोना वायरस संक्रमण पर काबू पाना मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि अभी जिले में लगातार कोरोना पॉजिटिव केस बढ़ रहे हैं। इसलिए बेहतर होगा कि अभी स्कूल बंद रखे जाएं। यह सुझाव शुक्रवार को राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में स्कूल खोलने को लेकर गठित की गई जिला स्तरीय कमेटी की बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने रखे।
जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह श्योराण की अध्यक्षता में हुई बैठक में अभिभावकों, नौंवी से बारहवीं के बच्चों, प्राइवेट व सरकारी स्कूल के प्राचार्यों के अलावा अन्य जनसंगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक में सभी खंडों के खंड शिक्षा अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में कोरोना वायरस संक्रमण के फैलाव के बीच स्कूलों को खोले जाने संबंधी अभिभावकों की राय व सुझाव जाने गए। बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि ऐसे बिगड़े हालात में अगर स्कूल खुले और बच्चों को विद्यालय भेजा गया तो संक्रमण फैलाव पर काबू पाना और भी मुश्किल हो जाएगा। जिले के अधिकांश सरकारी और निजी विद्यालयों के अंदर प्रत्येक बच्चे के लिए अलग से शौचालयों का प्रबंध कर पाना मुश्किल है और सामुदायिक दूरी के नियमों का अनुपालन भी संभव नहीं है। बैठक में मौजूद शिक्षाविदों ने भी सुझाव दिया गया कि अभी शैक्षणिक सत्र शुरू हुए केवल दो माह ही बीते हैं। इसलिए स्कूलों को खोलकर बच्चों की एक ही जगह पर शैक्षणिक गतिविधियां कराने की जल्दबाजी करना सही नहीं है। बैठक में हरियाणा व सीबीएसई बोर्ड से संबंद्ध निजी स्कूलों के प्राचार्यों ने भी राय रखी। बैठक में राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की तरफ से जिला महासचिव भूपेंद्र चाहर ने कहा कि जब तक कोरोना की रोकथाम का इलाज इजाद नहीं होता तब तक सरकार व विभाग जबरदस्ती स्कूलों को न खुलवाएं।
शिक्षा निदेशक को स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन ने लिखा पत्र, नहीं खोलें अभी स्कूल
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने सेकेंडरी शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर अभी स्कूल नहीं खोले जाने का सुझाव दिया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल सिंह ने कहा कि जिला स्तरीय कमेटी द्वारा स्कूल खुलने पर चर्चा की गई है। जब तक कोरोना का खतरा टल नहीं जाता तब तक बच्चों की जान पर कोई जोखिम न उठाया जाए। बृजपाल सिंह ने शिक्षा निदेशक से शिक्षा सत्र 2020-21 को शिक्षा के लिए शून्य वर्ष घोषित किए जाने की मांग की है।
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सरकार के निर्देश पर जिला स्तरीय कमेटी ने अभिभावकों, बच्चों व अन्य संगठनों से स्कूल खुलने पर विस्तृत चर्चा की है और एक मत से यही निष्कर्ष निकला है कि फिलहाल स्कूल नहीं खोले जाएं, क्योंकि कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है, जिससे बच्चों की जान पर भी भारी जोखिम होगा। चर्चा की रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को भेजी जाएगी। - अजीत सिंह जिला शिक्षा अधिकारी भिवानी।
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जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह श्योराण की अध्यक्षता में हुई बैठक में अभिभावकों, नौंवी से बारहवीं के बच्चों, प्राइवेट व सरकारी स्कूल के प्राचार्यों के अलावा अन्य जनसंगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक में सभी खंडों के खंड शिक्षा अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में कोरोना वायरस संक्रमण के फैलाव के बीच स्कूलों को खोले जाने संबंधी अभिभावकों की राय व सुझाव जाने गए। बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि ऐसे बिगड़े हालात में अगर स्कूल खुले और बच्चों को विद्यालय भेजा गया तो संक्रमण फैलाव पर काबू पाना और भी मुश्किल हो जाएगा। जिले के अधिकांश सरकारी और निजी विद्यालयों के अंदर प्रत्येक बच्चे के लिए अलग से शौचालयों का प्रबंध कर पाना मुश्किल है और सामुदायिक दूरी के नियमों का अनुपालन भी संभव नहीं है। बैठक में मौजूद शिक्षाविदों ने भी सुझाव दिया गया कि अभी शैक्षणिक सत्र शुरू हुए केवल दो माह ही बीते हैं। इसलिए स्कूलों को खोलकर बच्चों की एक ही जगह पर शैक्षणिक गतिविधियां कराने की जल्दबाजी करना सही नहीं है। बैठक में हरियाणा व सीबीएसई बोर्ड से संबंद्ध निजी स्कूलों के प्राचार्यों ने भी राय रखी। बैठक में राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की तरफ से जिला महासचिव भूपेंद्र चाहर ने कहा कि जब तक कोरोना की रोकथाम का इलाज इजाद नहीं होता तब तक सरकार व विभाग जबरदस्ती स्कूलों को न खुलवाएं।
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शिक्षा निदेशक को स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन ने लिखा पत्र, नहीं खोलें अभी स्कूल
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने सेकेंडरी शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर अभी स्कूल नहीं खोले जाने का सुझाव दिया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल सिंह ने कहा कि जिला स्तरीय कमेटी द्वारा स्कूल खुलने पर चर्चा की गई है। जब तक कोरोना का खतरा टल नहीं जाता तब तक बच्चों की जान पर कोई जोखिम न उठाया जाए। बृजपाल सिंह ने शिक्षा निदेशक से शिक्षा सत्र 2020-21 को शिक्षा के लिए शून्य वर्ष घोषित किए जाने की मांग की है।
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सरकार के निर्देश पर जिला स्तरीय कमेटी ने अभिभावकों, बच्चों व अन्य संगठनों से स्कूल खुलने पर विस्तृत चर्चा की है और एक मत से यही निष्कर्ष निकला है कि फिलहाल स्कूल नहीं खोले जाएं, क्योंकि कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है, जिससे बच्चों की जान पर भी भारी जोखिम होगा। चर्चा की रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को भेजी जाएगी। - अजीत सिंह जिला शिक्षा अधिकारी भिवानी।