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Bhiwani News: ग्रामीण सफाईकर्मियों ने शुरू की दो दिवसीय हड़ताल
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लघु सचिवालय के बाहर हड़ताल कर धरना पर बैठे ग्रामीण सफाई कर्मी
भिवानी। विभिन्न मांगों को लेकर ग्रामीण सफाईकर्मियों ने शुक्रवार से दो दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के पहले दिन कर्मचारियों ने उपायुक्त कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सफाईकर्मी हाई कोर्ट के फैसले के अनुसार कर्मचारियों को पक्का करने, 26,000 रुपये न्यूनतम वेतन लागू करने और 400 की आबादी पर स्थायी भर्ती करने की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शन की अध्यक्षता सुमित ने की जबकि संचालन यूनियन नेता संजय लोहारू ने किया। कर्मचारियों ने एक्सग्रेसिया नीति लागू करते हुए मृतक कर्मचारी के परिवार को नौकरी देने तथा ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी उठाई। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर रही। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि प्रदेश में ग्रामीण सफाईकर्मियों के 9700 पद खाली पड़े हैं।
उन्होंने कहा कि 24 नवंबर 2024 को मुख्यमंत्री ने 26,000 रुपये वेतन देने की घोषणा की थी। इसके बाद 11 जून 2025 को 2100 रुपये वेतन बढ़ोतरी की घोषणा भी की गई लेकिन आज तक इसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आठ दिसंबर को हुई वार्ता में कर्मचारियों को पक्का करने के लिए नीति बनाने का वादा भी अब तक पूरा नहीं हुआ है।
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ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन को ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के महासचिव विनोद कुमार, सीटू जिला सचिव कॉमरेड अनिल कुमार, सीटू नेता सुखदेव पालवास, किसान नेता कॉमरेड ओमप्रकाश, यूनियन नेता संजय अमीरवास, शनि कुमार, मोहनलाल, राजेंद्र और दुष्यंत कुमार ने संबोधित किया।
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प्रदर्शन की अध्यक्षता सुमित ने की जबकि संचालन यूनियन नेता संजय लोहारू ने किया। कर्मचारियों ने एक्सग्रेसिया नीति लागू करते हुए मृतक कर्मचारी के परिवार को नौकरी देने तथा ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी उठाई। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर रही। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि प्रदेश में ग्रामीण सफाईकर्मियों के 9700 पद खाली पड़े हैं।
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उन्होंने कहा कि 24 नवंबर 2024 को मुख्यमंत्री ने 26,000 रुपये वेतन देने की घोषणा की थी। इसके बाद 11 जून 2025 को 2100 रुपये वेतन बढ़ोतरी की घोषणा भी की गई लेकिन आज तक इसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आठ दिसंबर को हुई वार्ता में कर्मचारियों को पक्का करने के लिए नीति बनाने का वादा भी अब तक पूरा नहीं हुआ है।
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ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन को ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के महासचिव विनोद कुमार, सीटू जिला सचिव कॉमरेड अनिल कुमार, सीटू नेता सुखदेव पालवास, किसान नेता कॉमरेड ओमप्रकाश, यूनियन नेता संजय अमीरवास, शनि कुमार, मोहनलाल, राजेंद्र और दुष्यंत कुमार ने संबोधित किया।