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रोडवेज कर्मचारियों ने किया जीएम कार्यालय का घेराव
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Mar 2017 12:00 AM IST
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शहर में प्रदर्शन करते रोडवेज कर्मचारी।
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रोडवेज कर्मशाला से हटाए 52 कर्मचारियों को वापस लेने की मांग को लेकर बुधवार को रोडवेज जीएम कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान महाप्रबंधक की अनुपस्थिति में निचले अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इससे पहले कर्मचारियों ने कुछ दिन पहले हटाए गए सभी कर्मचारियों की बहाली की मांग की। इससे पहले कर्मचारियों ने रोडवेज परिसर में नारेबाजी कर रोष जताया। यूनियनों ने चेतावनी दी है कि अगर दो अप्रैल तक कर्मचारियों की बहाली नहीं की गई तो कर्मचारी तीन दिवसीय धरने के बाद छह अप्रैल को राडवेज का तीन घंटे चक्का जाम कर देंगे।
बुधवार सुबह तालमेल कमेटी के आह्वान पर रोडवेज कर्मचारियों की बैठक आयोजित हुई। इंटक प्रधान राजेश रावलधी ने बताया कि बैठक में रोष प्रदर्शन के साथ जीएम कार्यालय के घेराव कर ज्ञापन सौंपने का फैसला लिया गया। नेताओं ने ज्ञापन में यह चेतावनी भी कि यदि कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर नहीं रखा गया तो तीन अप्रैल से धरना शुरू किया जाएगा। इसके बाद छह अप्रैल को रोडवेज बसो का चक्का जाम कर हड़ताल की जाएगी। ज्ञापन देने से पहले सभी कर्मचारी शहर के हुकम सिंह पार्क में एकत्रित हुए। इस मौके कर्मचारी नेता प्रधान धर्मबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा राज्य परिवहन की ओर से मार्च 2016 में रोडवेज कर्मशाला में आउट सोर्सिंग पॉलिसी के तहत 52 कर्मचारियों को वर्कशॉप में नियुक्ति किया गया था। उन्होंने कहा कि इन कर्मियों की नियुक्ति के समय परिवहन अधिकारियों ने आश्वस्त किया था जब तक नई भर्ती नहीं होगी, तब तक इन्हें काम पर रखा जाएगा। लेकिन 17 मार्च को बिना कोई नोटिस जारी किए ही इन कर्मियों को सेवामुक्त कर दिया गया है जबकि कर्मशाला में नई भर्ती भी नहीं की गई है। इसके बाद सभी कर्मचारी विरोध प्रदर्शन व नारेबाजी करते हुए रोडवेज महाप्रबंधक के पास ज्ञापन देने पहुंचे। ज्ञापन देने वालों में राजेश रावलधी, भूपसिंह धनासरी, अजीत सिंह, योगश, आशीश कुमार, नरेंद्र, सुमित, सुरेंद्र कुमार, विकास, संजय आदि शामिल थे।
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बुधवार सुबह तालमेल कमेटी के आह्वान पर रोडवेज कर्मचारियों की बैठक आयोजित हुई। इंटक प्रधान राजेश रावलधी ने बताया कि बैठक में रोष प्रदर्शन के साथ जीएम कार्यालय के घेराव कर ज्ञापन सौंपने का फैसला लिया गया। नेताओं ने ज्ञापन में यह चेतावनी भी कि यदि कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर नहीं रखा गया तो तीन अप्रैल से धरना शुरू किया जाएगा। इसके बाद छह अप्रैल को रोडवेज बसो का चक्का जाम कर हड़ताल की जाएगी। ज्ञापन देने से पहले सभी कर्मचारी शहर के हुकम सिंह पार्क में एकत्रित हुए। इस मौके कर्मचारी नेता प्रधान धर्मबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा राज्य परिवहन की ओर से मार्च 2016 में रोडवेज कर्मशाला में आउट सोर्सिंग पॉलिसी के तहत 52 कर्मचारियों को वर्कशॉप में नियुक्ति किया गया था। उन्होंने कहा कि इन कर्मियों की नियुक्ति के समय परिवहन अधिकारियों ने आश्वस्त किया था जब तक नई भर्ती नहीं होगी, तब तक इन्हें काम पर रखा जाएगा। लेकिन 17 मार्च को बिना कोई नोटिस जारी किए ही इन कर्मियों को सेवामुक्त कर दिया गया है जबकि कर्मशाला में नई भर्ती भी नहीं की गई है। इसके बाद सभी कर्मचारी विरोध प्रदर्शन व नारेबाजी करते हुए रोडवेज महाप्रबंधक के पास ज्ञापन देने पहुंचे। ज्ञापन देने वालों में राजेश रावलधी, भूपसिंह धनासरी, अजीत सिंह, योगश, आशीश कुमार, नरेंद्र, सुमित, सुरेंद्र कुमार, विकास, संजय आदि शामिल थे।
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