{"_id":"6005dca38ebc3e31c77be545","slug":"raid-at-private-hospital-given-medicine-to-miscarriage-doctor-arrested-bhiwani-news-rtk591489697","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजी अस्पताल में 800 रुपये में दी जा रही थी गर्भपात की दवा, चिकित्सक काबू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निजी अस्पताल में 800 रुपये में दी जा रही थी गर्भपात की दवा, चिकित्सक काबू
विज्ञापन
जूई के राज अस्पताल में निरीक्षण के दौरान कार्रवाई करती स्वास्थ्य विभाग की टीम।
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। जूई के एक निजी अस्पताल में महज 800 रुपये में गर्भपात की दवा दी जा रही थी। गुप्त सूचना मिलने के बाद डिकॉय की सहायता से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई की। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निजी अस्पताल से गर्भपात की दवा के अलावा गर्भपात में प्रयोग होने वाले उपकरण भी बरामद किए। इसकी शिकायत थाने में दी गई है। जहां देर रात तक केस दर्ज करने से संबंधित कार्रवाई चल रही थी।
सिविल सर्जन भिवानी को गुप्त सूचना मिली कि जूई के एक अस्पताल में गर्भपात का खेल चल रहा है। गर्भपात की दवा भी दी जा रही है। इसके बाद डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. राज दिसोदिया के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। टीम में महिला चिकित्सक डॉ. नेहा ग्रेवाल, औषधि नियंत्रक हेमंत ग्रोवर, डीएसी प्रदीप कुमार, क्लर्क आशीष तंवर और पुलिस कर्मचारी शामिल रहे। टीम ने दोपहर बाद डिकॉय को दो हजार रुपये देकर वहां से गर्भपात की दवा खरीदने के लिए भेजा। जहां 800 रुपये में गर्भपात की दवा दी गई। मिसिप्रिल किट नामक दवा की डोज भी डिकॉय को समझाई गई। जैसे ही डिकॉय ने दवा ली, टीम ने वहां से चिकित्सक को पकड़ लिया। अस्पताल से एमटीपी किट के अलावा गर्भपात में प्रयोग होने वाले उपकरण भी मिले। जांच में पाया कि चिकित्सक की बीएएमएस भी अल्टरनेटिव है। इसकी शिकायत जूई पुलिस थाने में दी गई है। टीम ने उसके पास से 400 रुपये भी बरामद किए। मामले में डॉ. राज ने बताया कि एमटीपी किट बेचने के मामले में एक आरोपी को जूई में पकड़ा है। अभी पुलिस कार्रवाई करवाई जा रही है।
वर्जन
जूई के राज अस्पताल में गर्भपात की दवा देते पकड़ा गया है। डिकॉय को वहां भेजा गया था। हमारी टीम अभी वहां कार्रवाई कर रही है। जिले में कहीं भी गर्भपात नहीं होने दिया जाएगा। अगर किसी को इस तरह गर्भपात की दवा देने या गर्भपात कराने की सूचना मिलती है तो वह हमें सूचित करें। उसका नाम गुप्त रखा जाएगा।
विज्ञापन
- डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन
विज्ञापन
सिविल सर्जन भिवानी को गुप्त सूचना मिली कि जूई के एक अस्पताल में गर्भपात का खेल चल रहा है। गर्भपात की दवा भी दी जा रही है। इसके बाद डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. राज दिसोदिया के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। टीम में महिला चिकित्सक डॉ. नेहा ग्रेवाल, औषधि नियंत्रक हेमंत ग्रोवर, डीएसी प्रदीप कुमार, क्लर्क आशीष तंवर और पुलिस कर्मचारी शामिल रहे। टीम ने दोपहर बाद डिकॉय को दो हजार रुपये देकर वहां से गर्भपात की दवा खरीदने के लिए भेजा। जहां 800 रुपये में गर्भपात की दवा दी गई। मिसिप्रिल किट नामक दवा की डोज भी डिकॉय को समझाई गई। जैसे ही डिकॉय ने दवा ली, टीम ने वहां से चिकित्सक को पकड़ लिया। अस्पताल से एमटीपी किट के अलावा गर्भपात में प्रयोग होने वाले उपकरण भी मिले। जांच में पाया कि चिकित्सक की बीएएमएस भी अल्टरनेटिव है। इसकी शिकायत जूई पुलिस थाने में दी गई है। टीम ने उसके पास से 400 रुपये भी बरामद किए। मामले में डॉ. राज ने बताया कि एमटीपी किट बेचने के मामले में एक आरोपी को जूई में पकड़ा है। अभी पुलिस कार्रवाई करवाई जा रही है।
विज्ञापन
वर्जन
जूई के राज अस्पताल में गर्भपात की दवा देते पकड़ा गया है। डिकॉय को वहां भेजा गया था। हमारी टीम अभी वहां कार्रवाई कर रही है। जिले में कहीं भी गर्भपात नहीं होने दिया जाएगा। अगर किसी को इस तरह गर्भपात की दवा देने या गर्भपात कराने की सूचना मिलती है तो वह हमें सूचित करें। उसका नाम गुप्त रखा जाएगा।
विज्ञापन
- डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन