फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   pharmacists are on strike

हड़ताल पर रहे फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्सों ने बांटीं दवाइयां, फिर भी मरीज रहे परेशान

Wed, 28 Aug 2019 01:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 28 Aug 2019 01:15 AM IST
विज्ञापन
pharmacists are on strike
फार्मासिस्ट लगातार दूसरे दिन मंगलवार को हड़ताल पर रहे और करीब 1500 मरीज पसीने से तर-बतर लाइन में परेशान दिखे। दवाइयां लेने के लिए लाइन में लगी महिलाओं में भी नोकझोंक हुई। स्टाफ नर्स व्यवस्थाएं बनाने में जुटी रहीं और उन्होंने दवा वितरित की। वहीं फार्मासिस्टों ने अस्पताल परिसर में नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया और पार्क में धरना दिया।
विज्ञापन

उल्लेखनीय है कि फार्मासिस्ट छह अगस्त से लगातार काली पट्टी बांधकर, एक घंटा काम छोड़कर गेट मीटिंग कर अपना विरोध जता रहे हैं। 26 अगस्त से सभी फार्मासिस्ट कार्य छोड़कर सामूहिक अवकाश लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए हड़ताल पर चल रहे हैं।
विज्ञापन

जिला प्रधान अनिल झांवरी ने कहा कि फार्मासिस्ट छह अगस्त से लगातार विरोध जताते हुए धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट वर्ग की मुख्य मांग 4600 ग्रेड पे की फाइल मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री की मंजूरी के बाद भी वित्त मंत्रालय में धूल फांक रही है। राज्य प्रधान विनोद दलाल कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा। विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा फार्मासिस्ट वर्ग के धरने का समर्थन किया जा है। इस कड़ी में ईएसआई के फार्मासिस्ट संगठन एवं प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेज के फार्मासिस्ट संगठनों का हमें समर्थन मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मरीजों के बीच उमस भरी गर्मी में दवा खिड़की पर हुई धक्का-मुक्की
मंगलवार को सुबह से ही दवा खिड़की पर मरीजों की भीड़ जुट गई थी। दवा लेने के लिए मरीजों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इस दौरान पुलिस भी भीड़ पर काबू नहीं कर पा रही थी। कुछ लोग तो दवा लेने के लिए खिड़की पर ही चढ़ने का प्रयास करने लगे। वहीं दवा वितरण का वैकल्पिक तौर पर जिम्मा संभाल रही स्टाफ नर्सों को भी परेशानी उठानी पड़ी।
और बढ़ सकती है परेशानी
फार्मासिस्टों की हड़ताल जारी रहती है तो आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं में परेशानी और बढ़ सकती है। चीफ फार्मासिस्ट व फार्मासिस्ट वर्ग द्वारा विभिन्न वार्ड व ऑपरेशन थिएटर, डिस्पेंसरी, इमरजेंसी वार्ड में दवाएं, पट्टी, कॉटन व अन्य चीजें खरीदकर उपलब्ध करवाते हैं। जो कि डिमांड पर उपलब्ध करवाई जाती हैं। इसका स्टॉक तीन दिन तक रहता है, जो अब खत्म होने को है। हरियाणा मेडिकल सर्विस कारपोरेशन द्वारा दवाएं नाममात्र उपलब्ध करवाई जा रही हैं, बाकी लोकल लेवल पर फार्मासिस्ट वर्ग द्वारा मैनेज होती हैं। अगर विरोध बढ़ा तो ऑपरेशन व इमरजेंसी मरीजों की परेशानी बढ़ना तय है। राष्ट्रीय कार्यक्रमों की दवाएं समय पर नहीं पहुंचने से ये कार्यक्रम भी प्रभावित हो रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से ग्रामीणों को बिना दवा लौटना पड़ रहा है। जन्म-मृत्यु पंजीकरण में फार्मासिस्ट सब रजिस्ट्रार होने से यह कार्य प्रभावित हो रहा है।

फार्मेसी एक्ट की नहीं हो रही अनुपालना
फार्मासिस्टों ने बताया कि विभिन्न संस्थाओं में दवा नर्सिंग स्टूडेंट, बीएएमएस इंटर्न से दवा बंटवा कर फार्मेसी एक्ट 1948 के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। एसोसिएशन गवर्नमेंट फार्मासिस्ट ऑफ हरियाणा ने अपने स्तर पर वीडियोग्राफी करवाई है व जल्द ही उच्च न्यायालय में केस डालकर संबंधित पर कार्यवाही करवाई जाएगी। राज्य प्रधान विनोद दलाल ने कहा कि जिस तरह अकुशल लोगों से जिनको दवाइयों संबंधी नाममात्र ज्ञान भी नहीं है, उनसे दवा बंटवाकर जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed