{"_id":"68e8122dcc4187e6c50212e3","slug":"now-women-power-will-run-e-rickshaws-on-the-roads-will-get-benefit-of-government-scheme-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-140971-2025-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: अब नारी शक्ति दौड़ाएंगी सड़कों पर ई-रिक्शा, सरकारी योजना का मिलेगा फायदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: अब नारी शक्ति दौड़ाएंगी सड़कों पर ई-रिक्शा, सरकारी योजना का मिलेगा फायदा
Fri, 10 Oct 2025 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 10 Oct 2025 01:21 AM IST
विज्ञापन
भिवानी। महिलाओं को ड्राइविंग के क्षेत्र में बढ़ावा देने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग ने हरियाणा महिला विकास निगम के माध्यम से हरियाणा मूल की लड़कियों/महिलाओं के लिए ड्राइविंग प्रशिक्षण कार्यक्रम/ई-रिक्शा प्रशिक्षण प्रदान कर नारी ई-रिक्शा स्वावलंबन योजना नामक एक नई योजना शुरू की है। इसके बाद शहर की सड़कों पर भी महिलाएं ई-रिक्शा का हैंडल थामे दिखाई देंगी।
योजना का उद्देश्य हल्के वाहन ड्राइविंग कौशल के क्षेत्र में लड़कियों/महिलाओं को प्रोत्साहित कर उन्हें परिवहन के क्षेत्र में आर्थिक रूप से स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनाना है। डीसी साहिल गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना से एलएमवी/टीएसआर ड्राइविंग कौशल के क्षेत्र में लड़कियों/महिलाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। महिलाएं परिवहन के क्षेत्र में आर्थिक रूप से स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनेंगी। इसके लिए हल्के मोटर वाहन/ई-रिक्शा प्रशिक्षण के लिए एक व्यापक चालक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार किया गया है, जिसमें प्रत्येक प्रशिक्षु को सीएमवी नियम 1989 में निर्धारित पाठ्यक्रम के आधार पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद जिला प्रबंधक प्रशिक्षुओं को ई-रिक्शा खरीदने के लिए विभिन्न बैंकों से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का हर संभव प्रयास करेंगे। ई-रिक्शा खरीदने की पूरी प्रक्रिया 30 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी। जिला प्रबंधक समय-समय पर लाभार्थियों की निगरानी करेंगे
विज्ञापन
इस प्रकार रहेगी योजना की पात्रता
उन्होंने बताया कि शैक्षणिक योग्यता आठवीं पास, आयु 18-45 वर्ष, हरियाणा का स्थायी निवासी, बीपीएल परिवार के लिए 1.80 लाख रुपये, अन्य श्रेणियों के लिए 3.00 लाख रुपये प्रति वर्ष तक, विधवाओं/तलाकशुदा के लिए कोई आय सीमा नहीं, 400 बीपीएल, 100 विधवा/तलाकशुदा और 500 अन्य श्रेणी की महिलाओं-लड़कियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। बीपीएल लड़कियों/महिलाओं और विधवाओं को ई-रिक्शा की कुल लागत का 50 प्रतिशत अनुदान तथा उन लड़कियों/महिलाओं के लिए ई-रिक्शा की कुल लागत का 30 प्रतिशत अनुदान, जिनकी पारिवारिक आय 3.00 लाख रुपये प्रति वर्ष तक होगी। इसके अलावा परिवार के एक से अधिक सदस्य सब्सिडी का लाभ पाने के हकदार नहीं होंगे, चाहे वह मां हो या बेटी और सास हो या बहू हो।
इस प्रकार रहेगी चयन प्रक्रिया
योग्य उम्मीदवारों से प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन हरियाणा महिला विकास निगम के माध्यम से विज्ञापन के माध्यम से आमंत्रित किए जाएंगे और उम्मीदवारों को एचडब्लूडीसी के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होगा। इसके बाद आवेदकों के दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के लिए एक जिला चयन समिति गठित की जाएगी, जिसमें जिला कार्यक्रम अधिकारी, आईसीडीएस, जिला प्रबंधक एचडब्ल्यूडीसी, लाइसेंसिंग प्राधिकरण और चालक प्रशिक्षण स्कूल से एक-एक प्रतिनिधि शामिल होंगे। पूर्ण दस्तावेजों के अधीन पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। संबंधित जिले का जिला प्रबंधक एचडब्ल्यूडीसी संभावित प्रशिक्षुओं की सूची को अंतिम रूप देने के लिए अंतिम प्राधिकारी होगा। इसके अलावा, संबंधित श्रेणी में सभी प्रशिक्षुओं को अंतिम रूप देने के बाद, यदि आवेदनों की अनुपलब्धता के कारण किसी भी श्रेणी में सीटें खाली हैं, तो उन्हें किसी अन्य श्रेणी से भरा जाएगा। यदि विधवा/तलाकशुदा उम्मीदवार भी बीपीएल है, तो उसे इस उद्देश्य के लिए बीपीएल माना जाएगा।
विज्ञापन
योजना का उद्देश्य हल्के वाहन ड्राइविंग कौशल के क्षेत्र में लड़कियों/महिलाओं को प्रोत्साहित कर उन्हें परिवहन के क्षेत्र में आर्थिक रूप से स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनाना है। डीसी साहिल गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना से एलएमवी/टीएसआर ड्राइविंग कौशल के क्षेत्र में लड़कियों/महिलाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। महिलाएं परिवहन के क्षेत्र में आर्थिक रूप से स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनेंगी। इसके लिए हल्के मोटर वाहन/ई-रिक्शा प्रशिक्षण के लिए एक व्यापक चालक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार किया गया है, जिसमें प्रत्येक प्रशिक्षु को सीएमवी नियम 1989 में निर्धारित पाठ्यक्रम के आधार पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद जिला प्रबंधक प्रशिक्षुओं को ई-रिक्शा खरीदने के लिए विभिन्न बैंकों से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का हर संभव प्रयास करेंगे। ई-रिक्शा खरीदने की पूरी प्रक्रिया 30 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी। जिला प्रबंधक समय-समय पर लाभार्थियों की निगरानी करेंगे
विज्ञापन
इस प्रकार रहेगी योजना की पात्रता
उन्होंने बताया कि शैक्षणिक योग्यता आठवीं पास, आयु 18-45 वर्ष, हरियाणा का स्थायी निवासी, बीपीएल परिवार के लिए 1.80 लाख रुपये, अन्य श्रेणियों के लिए 3.00 लाख रुपये प्रति वर्ष तक, विधवाओं/तलाकशुदा के लिए कोई आय सीमा नहीं, 400 बीपीएल, 100 विधवा/तलाकशुदा और 500 अन्य श्रेणी की महिलाओं-लड़कियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। बीपीएल लड़कियों/महिलाओं और विधवाओं को ई-रिक्शा की कुल लागत का 50 प्रतिशत अनुदान तथा उन लड़कियों/महिलाओं के लिए ई-रिक्शा की कुल लागत का 30 प्रतिशत अनुदान, जिनकी पारिवारिक आय 3.00 लाख रुपये प्रति वर्ष तक होगी। इसके अलावा परिवार के एक से अधिक सदस्य सब्सिडी का लाभ पाने के हकदार नहीं होंगे, चाहे वह मां हो या बेटी और सास हो या बहू हो।
इस प्रकार रहेगी चयन प्रक्रिया
योग्य उम्मीदवारों से प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन हरियाणा महिला विकास निगम के माध्यम से विज्ञापन के माध्यम से आमंत्रित किए जाएंगे और उम्मीदवारों को एचडब्लूडीसी के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होगा। इसके बाद आवेदकों के दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के लिए एक जिला चयन समिति गठित की जाएगी, जिसमें जिला कार्यक्रम अधिकारी, आईसीडीएस, जिला प्रबंधक एचडब्ल्यूडीसी, लाइसेंसिंग प्राधिकरण और चालक प्रशिक्षण स्कूल से एक-एक प्रतिनिधि शामिल होंगे। पूर्ण दस्तावेजों के अधीन पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। संबंधित जिले का जिला प्रबंधक एचडब्ल्यूडीसी संभावित प्रशिक्षुओं की सूची को अंतिम रूप देने के लिए अंतिम प्राधिकारी होगा। इसके अलावा, संबंधित श्रेणी में सभी प्रशिक्षुओं को अंतिम रूप देने के बाद, यदि आवेदनों की अनुपलब्धता के कारण किसी भी श्रेणी में सीटें खाली हैं, तो उन्हें किसी अन्य श्रेणी से भरा जाएगा। यदि विधवा/तलाकशुदा उम्मीदवार भी बीपीएल है, तो उसे इस उद्देश्य के लिए बीपीएल माना जाएगा।