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Bhiwani News: अब साढ़े पांच साल के बच्चों को भी मिलेगा सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों की पहली कक्षा में अस्थायी दाखिला
Fri, 29 Mar 2024 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 29 Mar 2024 11:25 PM IST
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भिवानी। अब आपका बच्चा अप्रैल में छह साल का नहीं है तो भी घबराने की जरूरत नहीं, उसे सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों की पहली कक्षा में प्रवेश मिल जाएगा। हालांकि ये दाखिला प्रोविजनल (अस्थायी) होगा। जब बच्चे की उम्र छह साल हो जाएगी तो उसे नियमित कर दिया जाएगा। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने अप्रैल 2024-25 के नए शिक्षा सत्र में पहली कक्षा में दाखिला में छह माह उम्र की छूट दी है। विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से राहत मिलने के बाद अब जो बच्चे सितंबर 2024 में छह साल के होंगे, उन्हें भी अप्रैल के नए शिक्षा सत्र से पहली कक्षा में प्रोविजनल प्रवेश मिल जाएगा।
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत बच्चे की पहली कक्षा में प्रवेश के लिए छह वर्ष की आयु निर्धारित की गई है। छह साल से कम उम्र के बच्चों के दाखिला पर भी रोक लगा दी गई थी, मगर अब नए शिक्षा सत्र 2024-25 में विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर पहली कक्षा में प्रवेश की उम्र में छह माह की छूट का प्रावधान कर दिया है। अधिकांश बच्चों की उम्र अप्रैल के बजाय सितंबर तक छह साल की होती है। अब ऐसे बच्चों को भी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों की पहली कक्षा में दाखिला दिया जाएगा। जिन्हें छह साल का होने में अभी छह माह बाकी है। हालांकि ये दाखिला प्रोविजनल रहेगा। जैसे ही विद्यार्थी छह साल का होगा उसकी एमआईएस पोर्टल पर हाजिरी दर्ज होगी और समस्त डाटा भी अपडेट होगा।
अब लेवल-3 के तहत बाल वाटिका में साढ़े चार साल के बच्चे को भी मिलेगा प्रवेश
हरियाणा मौलिक शिक्षा निदेशालय ने राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में बाल वाटिका भी खोल दी हैं। बाल वाटिका में लेबल-3 के तहत साढ़े चार साल की उम्र वाले बच्चों के भी दाखिला होंगे। इससे पहले बच्चे की लेवल-1 और लेवल-2 के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में ही पंजीकरण दर्ज होगा। जब बच्चा साढ़े चार साल का होगा तो उसका राजकीय प्राथमिक पाठशाला की बाल वाटिका में दाखिला होगा। इसके बाद उसका एमआईएस पोर्टल पर विवरण दर्ज होगा और हाजिरी भी लगेगी। इन बच्चों को मिड डे मील का लाभ भी दिया जाएगा और खेल-खेल में ये बच्चे पढ़ना लिखना भी सीखेंगे। बाल वाटिका में एक साल पढ़ने के बाद इनका सीधे पहली कक्षा में प्रवेश स्वत: हो जाएगा। अकेले भिवानी जिले में 450 बाल वाटिकाएं प्राथमिक स्कूलों में खोली गई हैं।
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विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने नए शिक्षा सत्र में पहली कक्षा में प्रवेश को लेकर बच्चों को छह माह की छूट का प्रावधान किया है। इसके तहत साढ़े पांच साल के बच्चे का प्रोविजनल दाखिला सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में होगा। इन बच्चों की उम्र अप्रैल 2024 के बाद जैसे ही छह वर्ष की होगी, इनके दाखिले को नियमित कर एमआईएस पोर्टल पर अपडेट कर दिया जाएगा। सभी सरकारी स्कूलों में नए सत्र से 25 फीसदी दाखिला बढ़ोतरी का लक्ष्य लेकर भी अध्यापक प्रवेश उत्सव की तैयारी कर रहे हैं। इससे निश्चित रूप से सरकारी स्कूलों में भी छात्र संख्या में इजाफा होगा।
-संतोष नागर, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, भिवानी।
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नई शिक्षा नीति 2020 के तहत बच्चे की पहली कक्षा में प्रवेश के लिए छह वर्ष की आयु निर्धारित की गई है। छह साल से कम उम्र के बच्चों के दाखिला पर भी रोक लगा दी गई थी, मगर अब नए शिक्षा सत्र 2024-25 में विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर पहली कक्षा में प्रवेश की उम्र में छह माह की छूट का प्रावधान कर दिया है। अधिकांश बच्चों की उम्र अप्रैल के बजाय सितंबर तक छह साल की होती है। अब ऐसे बच्चों को भी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों की पहली कक्षा में दाखिला दिया जाएगा। जिन्हें छह साल का होने में अभी छह माह बाकी है। हालांकि ये दाखिला प्रोविजनल रहेगा। जैसे ही विद्यार्थी छह साल का होगा उसकी एमआईएस पोर्टल पर हाजिरी दर्ज होगी और समस्त डाटा भी अपडेट होगा।
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अब लेवल-3 के तहत बाल वाटिका में साढ़े चार साल के बच्चे को भी मिलेगा प्रवेश
हरियाणा मौलिक शिक्षा निदेशालय ने राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में बाल वाटिका भी खोल दी हैं। बाल वाटिका में लेबल-3 के तहत साढ़े चार साल की उम्र वाले बच्चों के भी दाखिला होंगे। इससे पहले बच्चे की लेवल-1 और लेवल-2 के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में ही पंजीकरण दर्ज होगा। जब बच्चा साढ़े चार साल का होगा तो उसका राजकीय प्राथमिक पाठशाला की बाल वाटिका में दाखिला होगा। इसके बाद उसका एमआईएस पोर्टल पर विवरण दर्ज होगा और हाजिरी भी लगेगी। इन बच्चों को मिड डे मील का लाभ भी दिया जाएगा और खेल-खेल में ये बच्चे पढ़ना लिखना भी सीखेंगे। बाल वाटिका में एक साल पढ़ने के बाद इनका सीधे पहली कक्षा में प्रवेश स्वत: हो जाएगा। अकेले भिवानी जिले में 450 बाल वाटिकाएं प्राथमिक स्कूलों में खोली गई हैं।
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विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने नए शिक्षा सत्र में पहली कक्षा में प्रवेश को लेकर बच्चों को छह माह की छूट का प्रावधान किया है। इसके तहत साढ़े पांच साल के बच्चे का प्रोविजनल दाखिला सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में होगा। इन बच्चों की उम्र अप्रैल 2024 के बाद जैसे ही छह वर्ष की होगी, इनके दाखिले को नियमित कर एमआईएस पोर्टल पर अपडेट कर दिया जाएगा। सभी सरकारी स्कूलों में नए सत्र से 25 फीसदी दाखिला बढ़ोतरी का लक्ष्य लेकर भी अध्यापक प्रवेश उत्सव की तैयारी कर रहे हैं। इससे निश्चित रूप से सरकारी स्कूलों में भी छात्र संख्या में इजाफा होगा।
-संतोष नागर, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, भिवानी।