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Bhiwani News: घुमंतू जातियों के पास नहीं कोई वैध आईडी, एसआईआर में वोट कटने का सता रहा डर

Fri, 19 Jun 2026 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Fri, 19 Jun 2026 01:29 AM IST
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Nomadic tribes lack valid ID; fear of names being struck off the electoral roll looms.
ढिगावा मंडी के बूथ नंबर 182 पर मतदाता सूची का काम करते हुए बीएलओ सतीश कुमार, सरपंच धर्मबीर नेहर
ढिगावा मंडी। जिले भर में चल रहे मतदाता सूची संशोधन के काम के बीच घुमंतू जातियों के सामने वोट कटने का संकट खड़ा हो गया है। अकेले ढिगावामंडी कस्बे में भोपा, सरकीबंद, गाड़िया लोहार, सांसी, पेरना, बंजारा आदि जातियों के लोग बड़ी संख्या में रह रहे हैं। लेकिन उनके पास चुनाव आयोग के आदेश अनुसार मांगे जा रहे वैध कागजात उपलब्ध नहीं हैं।
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इसी को लेकर उनकी मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। वहीं चुनाव कार्यालय व प्रशासन की स्पष्ट हिदायतें हैं कि दस्तावेजों के बिना वोट संभव नहीं हैं, इसी को लेकर बीएलओ भी घर-घर जांच करने में जुटे हैं।
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भिवानी जिले में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम चल रहा है। मतदान स्तर अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फॉर्म) वितरित कर रहे हैं। जिले के चारों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र भिवानी, तोशाम, लोहारू और बवानीखेड़ा में सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं।
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इतना ही नहीं बीएलओ को हिदायत है कि वे मतदाताओं के घरों पर तीन बार जाकर गणना प्रपत्र प्राप्त करने का प्रयास करेंगे। जिन मतदाताओं का नाम वर्ष 2002 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, वे अपने माता-पिता अथवा दादा-दादी के रिकॉर्ड से संबंधित दस्तावेज भी जांच रहे हैं।
यदि इनमें से किसी का नाम भी वर्ष 2002 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है तो निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 12 दस्तावेजों में से कोई भी दस्तावेज सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य है। जिस मतदाता ने गणना प्रपत्र भरकर बीएलओ को जमा कर दिए हैं, उनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल होगा। ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 21 जुलाई को किया जाएगा।
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1987 से 2000 तक कोई कागज नहीं बने
स्थानीय निवासी शीशराम, महीपाल, कर्मबीर, संजय का कहना है कि 1987 से 2000 तक इन समुदायों के पास न बैंक खाता था, न डाकघर खाता और न कोई अन्य दस्तावेज। ये लोग एक गांव से दूसरे गांव घूमकर गुजर-बसर करते थे। अब उनके पास न बिजली कनेक्शन है, न गैस कनेक्शन, न जमीन नाम है और न ही पट्टा। ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड या किसी बोर्ड-यूनिवर्सिटी का फोटोयुक्त प्रमाण पत्र भी इनके पास नहीं है ऐसे में इनका वोट कटना स्वाभाविक है।

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बूथ नंबर 182 पर बड़ी संख्या में हैं घुमंतू परिवार
कस्बा ढिगावामंडी के बूथ नंबर 182 पर घुमंतू परिवारों की संख्या काफी है। अकेले इस बूथ पर घुमंतू जाति के परिवार शामिल हैं, जिनके पास कोई वैद्य दस्तावेज नहीं है। ऐसे में इनके वोट पर संकट मंडरा रहा है। इन्हें अन्य लाभ से भी वंचित होने का डर सता रहा है।
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वोट कटा तो अंत्योदय योजना से भी धोना पड़ सकता है हाथ

घुमंतू जातियों के लोगों ने डर जताया है कि अगर वोट कट गया तो सरकार द्वारा अंत्योदय योजना के तहत पिछड़े और वंचित वर्गों को दिए जा रहे लाभों से भी वे वंचित हो जाएंगे। उन्होंने हरियाणा सरकार, केंद्र सरकार, ईआरओ, आरओ और चुनाव आयोग से अपील की है कि इनके लिए कोई वैकल्पिक रास्ता निकालकर हल किया जाए। उनकी मांग है कि इन्हीं बूथों पर या जिस गांव में वोट बना है वहीं वोट डालने की व्यवस्था सुचारु रहे।

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बीएलओ बोले: मतदाताओं के पास पुराने फोटो स्कैन में दिक्कत

बूथ नंबर 182 के बीएलओ सतीश कुमार ने बताया कि लोगों के पास जो पुराने फोटो हैं, वे स्कैन जल्दी नहीं हो रहे। ऑनलाइन स्कैनिंग में चेहरा स्कैन करते समय बार-बार नेटवर्क एरर आ रहा है। इसे दुरुस्त किया जाए ताकि कम समय में काम सुचारु हो सके। इसी तरह घर-घर जांच में कई दिक्कतें सामने आ रही हैं, जिनका समाधान भी बीएलओ उच्चाधिकारियों से पूछ रहे हैं।

जिले में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम चल रहा है। बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित कर रहे हैं। चुनाव आयोग की तरफ से 12 तरह के दस्तावेज निर्धारित किए गए हैं। इसमें एक दस्तावेज भी अनिवार्य तौर पर दिखाना होगा। अगर दस्तावेज नहीं है तो फिर वोट संभव नहीं है। चुनाव आयोग की तरफ से सभी हिदायतें स्पष्ट तौर पर जारी की जा चुकी हैं।
-महेश कुमार एसडीएम भिवानी।

हमारे पुराने वोट बने हुए हैं, लेकिन राशन कार्ड के अलावा हमारे पास दूसरा कोई वैध दस्तावेज नहीं हैं। मैं पढ़ी लिखी भी नहीं हूं। मुझे अंदेशा है कि नई वेरिफिकेशन में मेरा वोट कट जाएगा।
-मूर्ति देवी

हम घुमंतू जाति से हैं, हमारा कोई स्थायी ठिकाना नहीं रहता है। ऐसे में हमारे पास कोई वैध दस्तावेज नहीं रहते। इस बार वोट के लिए जांच चल रही हैं इसमें घुमंतू जाति के लोगों के लिए दस्तावेजों में कोई राहत नहीं दी गई है।

-लालूराम

हम गरीब लोग हैं, न घर है ना ठिकाना। ऐसे में हमारे पास वैध दस्तावेज संभव नहीं है। केवल राशन कार्ड बना है जिसके सहारे अंत्योदय परिवार से मिलने वाला राशन लेकर परिवार पाल रहे हैं। वोट कट जाएगा तो नागरिकता ही छीन जाएगी।
रमन


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