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अब एक रुपये में कचरा उठाएंगे सफाई कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो/भिवानी
Updated Fri, 04 Sep 2015 01:04 AM IST
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अब सफाई कर्मचारी घर और दुकानों से कचरा उठाएंगे। वह भी एक रुपया प्रति के हिसाब से। यानी 30 रुपये मासिक में प्रत्येक घर का कचरा घर से अपने आप डस्टबिन तक पहुंचेगा।
इससे न केवल शहर साफ सुथरा बनाएगा, बल्कि बेरोजगार सफाई कर्मचारियों को भी रोजगार मिलेगा। देश के दस सबसे गंदे शहरों में चौथे नंबर पर भिवानी शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए नगर परिषद अब डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करेगी।
इस प्लान के तहत मार्केट प्रधान अपने-अपने क्षेत्र की मार्केट के अलावा पार्षद अपने-अपने वार्डों में सफाई कर्मचारी नियुक्त करेगी। शहर के व्यापारियों और पार्षदों ने नगर परिषद की इस प्लानिंग को पसंद किया है।
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नगर परिषद के पास फिलहाल करीब 215 नियमित व करीब 160 अनुबंधित सफाई कर्मचारी हैं। इतने कर्मचारियों के लिए संभव नहीं है कि हर घर से कचरा उठा सके और हर गली की हर रोज सफाई हो सके।
कर्मचारियों की कमी और शहर में फैली गंदगी को देखते हुए जिला प्रशासनिक अधिकारियों, नप अधिकारियों, पदाधिकारियों व शहर के मौजिज लोगों ने बैठक कर नई प्लानिंग बनाई है।
डोर टू डोर कॉलेक्शन की नई प्लानिंग के तहत नगर परिषद के सफाई कर्मचारी तो पहले की तरह नियमित सफाई करेंगे ही मगर प्राइवेट सफाई कर्मचारी रख कॉलोनियों, बाजारों को साफ-सुथरा बनाया जाएगा।
घर, कमर्शियल स्थान, क्लीनिंग, इंडस्ट्रीज एरिया की सफाई के लिए कर्मचारियों के अलग-अलग रेट निर्धारित है। घर से कचरा उठान के लिए एक रुपया प्रति घर यानी 30 रुपये मासिक तय है।
... ताकि सड़क पर न आए दुकानों का कचरा
शहर के बाजारों को साफ सुथरा रखने के लिए एक प्लान और बनाया गया है। इसके तहत सभी बाजारों में दुकानदारों को प्रेरित किया गया है कि दुकान का कचरा सायं को जाने से पहले दुकान के बाहर रख दे। सुबह नप के सफाई कर्मचारी आएंगे और कचरा साफ कर देंगे। इसके बाद दुकान खोलने के समय दुकानदार कचरा सड़क पर डालने की बजाए अपने डस्टबीन में डाले और फिर रात को दुकान के बाहर रख दे। इससे कचरा सड़क पर नहीं आएगा और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकेगा।
मार्केट में दुकानदार व कॉलोनी वासी अपने स्तर पर सफाई कर्मचारी रखे। एक रुपया रोज के हिसाब के अनुसार। नगर परिषद सहयोग करेगा और जरूरत पड़ी तो रेहड़ी व अन्य संशाधन मुहैया कराएगा। प्राइवेट सफाई कर्मचारियों पर दुकानदारों व कॉलोनी वासियों का दबाव रहेगा और शहर साफ सुथरा बनेगा।
- हरदीप सिंह, कार्यकारी अधिकारी
नगर परिषद
एक रुपया प्रतिदिन के अनुसार कचरा उठान की प्लानिंग पर विचार-विमर्श हुआ है। 30 रुपये मासिक कोई ज्यादा नहीं है मगर इससे अच्छे से लागू करने की जरूरत है। उपायुक्त ने भी इस स्कीम के बारे में मीटिंग की है। नगर व्यापार मंडल इसमें सहयोग करेगा।
- भानूप्रकाश, प्रधान
नगर व्यापार मंडल
---------
कोई नहीं चाहता कि उसकी दुकान के पास गंदगी का ढ़ेर हो। मगर फिर भी शहर की लगभग सभी दुकानों के बाहर सड़क किनारे गंदगी फैली रहती है। ऐसे में अगर कुछ प्लानिंग और 30 रुपये मासिक में इस गंदगी से निजात मिलती है तो अच्छी बात है।
- गिरधारी लाल, प्रधान
किरयाणा दुकानदार
सभी दुकानदारों को प्रेरित किया गया है कि सुबह सफाई कर कचरा बाहर न फैंके। अपने यहां डस्टबिन रखे और रात का जाते समय दुकान के बाहर रख दे ताकि नप कर्मचारी सुबह उठा दे।
भरत शर्मा, प्रधान
सराय चौपटा मार्केट
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इससे न केवल शहर साफ सुथरा बनाएगा, बल्कि बेरोजगार सफाई कर्मचारियों को भी रोजगार मिलेगा। देश के दस सबसे गंदे शहरों में चौथे नंबर पर भिवानी शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए नगर परिषद अब डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करेगी।
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इस प्लान के तहत मार्केट प्रधान अपने-अपने क्षेत्र की मार्केट के अलावा पार्षद अपने-अपने वार्डों में सफाई कर्मचारी नियुक्त करेगी। शहर के व्यापारियों और पार्षदों ने नगर परिषद की इस प्लानिंग को पसंद किया है।
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नगर परिषद के पास फिलहाल करीब 215 नियमित व करीब 160 अनुबंधित सफाई कर्मचारी हैं। इतने कर्मचारियों के लिए संभव नहीं है कि हर घर से कचरा उठा सके और हर गली की हर रोज सफाई हो सके।
कर्मचारियों की कमी और शहर में फैली गंदगी को देखते हुए जिला प्रशासनिक अधिकारियों, नप अधिकारियों, पदाधिकारियों व शहर के मौजिज लोगों ने बैठक कर नई प्लानिंग बनाई है।
डोर टू डोर कॉलेक्शन की नई प्लानिंग के तहत नगर परिषद के सफाई कर्मचारी तो पहले की तरह नियमित सफाई करेंगे ही मगर प्राइवेट सफाई कर्मचारी रख कॉलोनियों, बाजारों को साफ-सुथरा बनाया जाएगा।
घर, कमर्शियल स्थान, क्लीनिंग, इंडस्ट्रीज एरिया की सफाई के लिए कर्मचारियों के अलग-अलग रेट निर्धारित है। घर से कचरा उठान के लिए एक रुपया प्रति घर यानी 30 रुपये मासिक तय है।
... ताकि सड़क पर न आए दुकानों का कचरा
शहर के बाजारों को साफ सुथरा रखने के लिए एक प्लान और बनाया गया है। इसके तहत सभी बाजारों में दुकानदारों को प्रेरित किया गया है कि दुकान का कचरा सायं को जाने से पहले दुकान के बाहर रख दे। सुबह नप के सफाई कर्मचारी आएंगे और कचरा साफ कर देंगे। इसके बाद दुकान खोलने के समय दुकानदार कचरा सड़क पर डालने की बजाए अपने डस्टबीन में डाले और फिर रात को दुकान के बाहर रख दे। इससे कचरा सड़क पर नहीं आएगा और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकेगा।
मार्केट में दुकानदार व कॉलोनी वासी अपने स्तर पर सफाई कर्मचारी रखे। एक रुपया रोज के हिसाब के अनुसार। नगर परिषद सहयोग करेगा और जरूरत पड़ी तो रेहड़ी व अन्य संशाधन मुहैया कराएगा। प्राइवेट सफाई कर्मचारियों पर दुकानदारों व कॉलोनी वासियों का दबाव रहेगा और शहर साफ सुथरा बनेगा।
- हरदीप सिंह, कार्यकारी अधिकारी
नगर परिषद
एक रुपया प्रतिदिन के अनुसार कचरा उठान की प्लानिंग पर विचार-विमर्श हुआ है। 30 रुपये मासिक कोई ज्यादा नहीं है मगर इससे अच्छे से लागू करने की जरूरत है। उपायुक्त ने भी इस स्कीम के बारे में मीटिंग की है। नगर व्यापार मंडल इसमें सहयोग करेगा।
- भानूप्रकाश, प्रधान
नगर व्यापार मंडल
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कोई नहीं चाहता कि उसकी दुकान के पास गंदगी का ढ़ेर हो। मगर फिर भी शहर की लगभग सभी दुकानों के बाहर सड़क किनारे गंदगी फैली रहती है। ऐसे में अगर कुछ प्लानिंग और 30 रुपये मासिक में इस गंदगी से निजात मिलती है तो अच्छी बात है।
- गिरधारी लाल, प्रधान
किरयाणा दुकानदार
सभी दुकानदारों को प्रेरित किया गया है कि सुबह सफाई कर कचरा बाहर न फैंके। अपने यहां डस्टबिन रखे और रात का जाते समय दुकान के बाहर रख दे ताकि नप कर्मचारी सुबह उठा दे।
भरत शर्मा, प्रधान
सराय चौपटा मार्केट