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बंदर नहीं पकड़े तो अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे अनाज मंडी व्यापारी
ब्यूरो/अमर उजाला भिवानी
Updated Sat, 23 Jan 2016 12:55 AM IST
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भिवानी। अनाज मंडी से बंदर पकड़वाने का नप के इंकार के बाद अब व्यापारियों ने भी मोर्चा खोल दिया है। व्यापारियों ने बैठक कर चेतावनी दी है कि 15 दिन में बंदर नहीं पकड़वाये तो हाउस टैक्स रिफंड का दावा किया जाएगा।
नगर परिषद ने अनाज मंडी को मार्केटिंग बोर्ड के तहत बताते हुए यहां से बंदर पकड़वाने से इंकार कर दिया है। नप अधिकारियों का कहना है कि केवल नप के क्षेत्र से ही बंदर पकड़े जाएंगे। उधर अनाज मंडी में बंदरों की भरमार है। लोग परेशान है। इसी समस्या पर अनाज मंडी व्यापारियों ने शुक्रवार को बैठक की। बैठक में निर्णय लिया गया कि 15 दिन में बंदर नहीं पकड़े गए तो भरे गए हाउस टैक्स को रिफंड करवाने के लिए कोर्ट में दावा किया जाएगा। व्यापारियों ने कहा कि वे यहां बिजली बिल, हाउस टैक्स, प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करते है, ऐसे में नगर परिषद उन्हें बंदरों की समस्या से निजात दिलाने से इंकार कर नहीं कर सकती। ऐसे में अब नगर परिषद बंदर पकड़ने से इंकार करता है तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। बैठक में व्यापारी नेता विष्णु केडिया, हरिकृष्ण सांवरिया, बालकिशन सावडिया, शिवनारायण, प्रहलाद राय, गुगन राम, गोविंद राम, मनोज कुमार, विजय, हनुमान प्रसाद, रामनिवास आदि मौजूद रहे।
विकास नगर से पकड़े 22 बंदर
उधर विकास नगर में पिछले दो दिनों से बंदर पकड़ने का अभियान चल रहा है। पिछले दो दिनों में ठेकेदार के कारिंदे 52 बंदरे पकड़े जा चुके है। विकास नगर के नजदीक ही सब्जी मंडी है। इस कारण यहां बंदरों की भरमार है। ये बंदर विकास नगर कॉलोनी वासियों के लिए परेशानी बने है। कपड़े फाड़ देना, सामान उठा ले जाना, बच्चों, महिलाओं को काट लेना लगभग हर रोज की कहानी है। नगर परिषद ने लोगों की समस्या को देखते हुए शहर से बंदर पकड़े का ठेका दिया है। ठेकेदार के कारिंदों ने विकास नगर में लगातार दूसरे दिन अभियान चलाया। पहले दिन जहां करीब 30 बंदर पकड़े गए थे, दूसरे दिन करीब 22 बंदर पकड़े गए। विकास नगर नागरिक सभा के अध्यक्ष डॉ. आरबी गोयल ने बताया कि बंदर उनके लिए परेशानी बने हुए हैं।
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नगर परिषद ने अनाज मंडी को मार्केटिंग बोर्ड के तहत बताते हुए यहां से बंदर पकड़वाने से इंकार कर दिया है। नप अधिकारियों का कहना है कि केवल नप के क्षेत्र से ही बंदर पकड़े जाएंगे। उधर अनाज मंडी में बंदरों की भरमार है। लोग परेशान है। इसी समस्या पर अनाज मंडी व्यापारियों ने शुक्रवार को बैठक की। बैठक में निर्णय लिया गया कि 15 दिन में बंदर नहीं पकड़े गए तो भरे गए हाउस टैक्स को रिफंड करवाने के लिए कोर्ट में दावा किया जाएगा। व्यापारियों ने कहा कि वे यहां बिजली बिल, हाउस टैक्स, प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करते है, ऐसे में नगर परिषद उन्हें बंदरों की समस्या से निजात दिलाने से इंकार कर नहीं कर सकती। ऐसे में अब नगर परिषद बंदर पकड़ने से इंकार करता है तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। बैठक में व्यापारी नेता विष्णु केडिया, हरिकृष्ण सांवरिया, बालकिशन सावडिया, शिवनारायण, प्रहलाद राय, गुगन राम, गोविंद राम, मनोज कुमार, विजय, हनुमान प्रसाद, रामनिवास आदि मौजूद रहे।
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विकास नगर से पकड़े 22 बंदर
उधर विकास नगर में पिछले दो दिनों से बंदर पकड़ने का अभियान चल रहा है। पिछले दो दिनों में ठेकेदार के कारिंदे 52 बंदरे पकड़े जा चुके है। विकास नगर के नजदीक ही सब्जी मंडी है। इस कारण यहां बंदरों की भरमार है। ये बंदर विकास नगर कॉलोनी वासियों के लिए परेशानी बने है। कपड़े फाड़ देना, सामान उठा ले जाना, बच्चों, महिलाओं को काट लेना लगभग हर रोज की कहानी है। नगर परिषद ने लोगों की समस्या को देखते हुए शहर से बंदर पकड़े का ठेका दिया है। ठेकेदार के कारिंदों ने विकास नगर में लगातार दूसरे दिन अभियान चलाया। पहले दिन जहां करीब 30 बंदर पकड़े गए थे, दूसरे दिन करीब 22 बंदर पकड़े गए। विकास नगर नागरिक सभा के अध्यक्ष डॉ. आरबी गोयल ने बताया कि बंदर उनके लिए परेशानी बने हुए हैं।
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