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Bhiwani News: कुष्ठ रोग पर 16 वार्डों में 17 टीमों से होगा प्रहार
Thu, 24 Jul 2025 10:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 24 Jul 2025 10:59 PM IST
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बवानीखेड़ा। कस्बे में शहरी कुष्ठ रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से 1 से 14 अगस्त तक व्यापक जन जागरूकता अभियान चला जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्र में कुष्ठ रोगों की समय पर पहचान, इलाज और इसके प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पुर की ओर से 17 टीमें बनाकर व कृष्ण यादव, राजेंद्र सिंह व प्रेम सिंह सुपरवाइजर के मार्गदर्शन में कस्बे के 16 वार्डों में कुष्ठ रोगों से मुक्त बनाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसमें कस्बे के लगभग 4570 घरों में जांच होगी। जांच के तहत झुग्गी झोपड़ी व भीड़ भाड़ वाली जगह तथा संवेदनशील वार्डों में घर-घर जाकर बनाई टीमोंकी ओर से संभावित कुष्ठ रोगियों की स्क्रीनिंग निशुल्क स्वास्थ्य जांच परामर्श सेवाएं और सूचना शिक्षा एवं संचार गतिविधियां चलाई जाएंगी। जांच अभियान चलाने के लिए रचना, प्रवीण, संजय, कविता , दीपक, अनिल, शीला ,बबीता ,आरती, अनु, रेनू, सीमा, आशा, लक्ष्मी, सुनीता, सुमन, संतोष सहित 17 आशा कार्यकर्ताओं व उनके साथ 17 हेल्परों की ड्यूटी लगाई गई हैं।
सुपरवाइजर कृष्ण यादव बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एमपीएचडब्लू) ने बताया कि प्रत्येक टीम में एक आशा वर्कर व एक हेल्पर की ड्यूटी लगाई गई है ताकि कस्बे में कोई कुष्ठ रोगी रहने न पाए। इस जागरूकता अभियान के तहत सबसे पहले घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जाएगा तथा संदिग्ध रोगियों की पहचान करके निशुल्क दवा और उपचार उपलब्ध करवाया जाएगा। कुष्ठ रोगों का इलाज पूरी तरह से संभव है और यह रोग किसी भी प्रकार की सामाजिक भेदभाव दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। इसके लिए आमजन को चाहिए कि कुष्ठ रोग के लक्षण दिखते ही स्वास्थ्य केंद्रों में संपर्क करें और अपने शरीर की संपूर्ण जांच करवाएं। इस मौके पर कुष्ठ रोग सुपरवाइजर कृष्ण यादव, राजेंद्र सिंह, प्रेम सिंह मौजूद रहे।
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ये है कुष्ठ रोग
कुष्ठ रोग एक प्रकार का संक्रमण है, जो त्वचा और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। कुष्ठ रोग बहुत धीमी गति से फैलने वाला संक्रमण है। इस कारण मरीज को इसका पता लगने में वर्षों लग जाते हैं। त्वचा पर घाव, नसों में कमजोरी और हाथ- पैर का सुन्न होना इसके लक्षण हैं।
कुष्ठ रोग के लक्षण :
त्वचा पर सफेद गोल फीके रंग के धब्बे।
धब्बे पर खुजली ना होना और न ही पसीना आना।
धब्बे पर गर्म -ठंडा महसूस ना होना।
त्वचा पर गांठ या उभरे हुए हिस्से होना।
हाथ, पैर या चेहरे में झनझनाहट।
कुष्ठ रोग से बचाव के उपाय
मल्टी ड्रग थैरेपी इस बीमारी का सबसे प्रभावी इलाज है। रोगी के संपर्क में रहने वालों की समय-समय पर जांच जरूरी है। लोगों को इसके लक्षण, कारण और बचाव के प्रति निरंतर जागरूक करते रहना चाहिए। संतुलित आहार और स्वच्छ जीवनशैली भी मददगार है।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पुर की ओर से 17 टीमें बनाकर व कृष्ण यादव, राजेंद्र सिंह व प्रेम सिंह सुपरवाइजर के मार्गदर्शन में कस्बे के 16 वार्डों में कुष्ठ रोगों से मुक्त बनाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसमें कस्बे के लगभग 4570 घरों में जांच होगी। जांच के तहत झुग्गी झोपड़ी व भीड़ भाड़ वाली जगह तथा संवेदनशील वार्डों में घर-घर जाकर बनाई टीमोंकी ओर से संभावित कुष्ठ रोगियों की स्क्रीनिंग निशुल्क स्वास्थ्य जांच परामर्श सेवाएं और सूचना शिक्षा एवं संचार गतिविधियां चलाई जाएंगी। जांच अभियान चलाने के लिए रचना, प्रवीण, संजय, कविता , दीपक, अनिल, शीला ,बबीता ,आरती, अनु, रेनू, सीमा, आशा, लक्ष्मी, सुनीता, सुमन, संतोष सहित 17 आशा कार्यकर्ताओं व उनके साथ 17 हेल्परों की ड्यूटी लगाई गई हैं।
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सुपरवाइजर कृष्ण यादव बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एमपीएचडब्लू) ने बताया कि प्रत्येक टीम में एक आशा वर्कर व एक हेल्पर की ड्यूटी लगाई गई है ताकि कस्बे में कोई कुष्ठ रोगी रहने न पाए। इस जागरूकता अभियान के तहत सबसे पहले घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जाएगा तथा संदिग्ध रोगियों की पहचान करके निशुल्क दवा और उपचार उपलब्ध करवाया जाएगा। कुष्ठ रोगों का इलाज पूरी तरह से संभव है और यह रोग किसी भी प्रकार की सामाजिक भेदभाव दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। इसके लिए आमजन को चाहिए कि कुष्ठ रोग के लक्षण दिखते ही स्वास्थ्य केंद्रों में संपर्क करें और अपने शरीर की संपूर्ण जांच करवाएं। इस मौके पर कुष्ठ रोग सुपरवाइजर कृष्ण यादव, राजेंद्र सिंह, प्रेम सिंह मौजूद रहे।
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ये है कुष्ठ रोग
कुष्ठ रोग एक प्रकार का संक्रमण है, जो त्वचा और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। कुष्ठ रोग बहुत धीमी गति से फैलने वाला संक्रमण है। इस कारण मरीज को इसका पता लगने में वर्षों लग जाते हैं। त्वचा पर घाव, नसों में कमजोरी और हाथ- पैर का सुन्न होना इसके लक्षण हैं।
कुष्ठ रोग के लक्षण :
त्वचा पर सफेद गोल फीके रंग के धब्बे।
धब्बे पर खुजली ना होना और न ही पसीना आना।
धब्बे पर गर्म -ठंडा महसूस ना होना।
त्वचा पर गांठ या उभरे हुए हिस्से होना।
हाथ, पैर या चेहरे में झनझनाहट।
कुष्ठ रोग से बचाव के उपाय
मल्टी ड्रग थैरेपी इस बीमारी का सबसे प्रभावी इलाज है। रोगी के संपर्क में रहने वालों की समय-समय पर जांच जरूरी है। लोगों को इसके लक्षण, कारण और बचाव के प्रति निरंतर जागरूक करते रहना चाहिए। संतुलित आहार और स्वच्छ जीवनशैली भी मददगार है।