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Bhiwani News: अक्ष्य तृतीया के सैकड़ों जोड़े प्रणय सूत्र में बंधेंगे, शहर में 250 से अधिक शादी समारोह स्थल बुक
Fri, 10 May 2024 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 10 May 2024 12:49 AM IST
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तोशाम। अक्षय तृतीया पर शुभ मुहूर्त में विवाह शादियों के चलते शहर के करीब 250 से अधिक शादी समारोह स्थल और बैंक्वेट हॉल बुक हो चुके हैं। वहीं शादी के अत्यधिक कार्यक्रमों की वजह से हलवाई से लेकर टेंट और बैंड बाजा तक की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। वहीं दुल्हे की गाड़ी सजाने के लिए भी फूल बाजार सजा है। शहर का सराफा बाजार में भी अक्षय तृतीया को लेकर अच्छी खासी तैयारी हो चुकी है। जिला प्रशासन ने भी बाल विवाह मामलों में निगरानी के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं। शुभ लग्न में सैकड़ों जोड़े प्रणय सूत्र में बंधेंगे।
हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया एक ऐसा पर्व है की इस दिन शुभ कार्य बिना किसी शुभ मुहूर्त के किए जा सकते हैं। वैशाख में शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन मनाए जाने वाला यह पर्व भगवान विष्णु से जुड़ा है। इस दिन खरीदारी विशेषकर सोने की काफी लाभकारी मानी जाती है। इस बार अक्षय तृतीया पर गज केसरी और शश योग बनने जा रहे हैं। अक्षय तृतीया पर ऐसा अद्भुत संयोग कई साल बाद बन रहा है। अक्षय तृतीया को हिंदू परंपरा में सबसे शुभ दिनों में से एक माना जाता है। इस दिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और गतिविधियां होती हैं।
पंडित श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि अक्षय तृतीया हिंदू त्रिमूर्ति में संरक्षक, भगवान विष्णु द्वारा शासित एक दिन है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन दूसरे युग, त्रेता युग की शुरुआत हुई थी। अक्षय तृतीया भगवान विष्णु के छठे अवतार, भगवान परशुराम की जयंती, परशुराम जयंती के उत्सव का भी प्रतीक है। कुछ किंवदंतियों से पता चलता है कि अक्षय तृतीया पर, महाभारत के लेखक ऋषि व्यास ने भगवान गणेश को हिंदू महाकाव्य सुनाना शुरू किया था। एक अन्य परंपरा यह है कि इस दिन गंगा नदी पृथ्वी पर अवतरित हुई थी।
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इस बार यह रहेगा मुहूर्त
पंडित श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त 10 मई 2024 को सुबह 05:33 बजे से दोपहर 12:18 बजे तक है। तृतीया तिथि 10 मई को सुबह 04:17 बजे शुरू होती है और 11 मई को सुबह 02:50 बजे समाप्त होती है। देवताओं की पूजा करना अक्षय तृतीया अनुष्ठान का एक अभिन्न अंग है। मंदिरों को सजावट से सजाया जाता है, और विशेष पूजा समारोह आयोजित किए जाते हैं। इस दिन, लोग धन के देवता भगवान कुबेर और प्रचुरता और समृद्धि की देवी देवी लक्ष्मी की भी पूजा करते हैं। जरूरतमंदों को दान देना, और कुछ लोग गरीबों और वंचितों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए खाद्य स्टॉल भी लगाते हैं। दान और भक्ति के ये कार्य अक्षय तृतीया के दिन अक्षय हो जाते हैं। संवाद
अक्षय तृतीया पर होगी आभूषणों की खरीदारी
शहर के सराफा व्यापारी वर्धमान ज्वैलर्स के संचालक सचिन जैन ने बताया कि अक्षय तृतीया के शुभ लग्न में अधिकांश लोग आभूषणों की खरीददारी करते हैं। इस मौके पर धन के देवता कुबेर और सुख समृद्धि की देवी माता लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है। आभूषणों की खरीद के लिए लोगों को हॉल मार्क गहनों की खरीददारी ही करनी चाहिए।
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हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया एक ऐसा पर्व है की इस दिन शुभ कार्य बिना किसी शुभ मुहूर्त के किए जा सकते हैं। वैशाख में शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन मनाए जाने वाला यह पर्व भगवान विष्णु से जुड़ा है। इस दिन खरीदारी विशेषकर सोने की काफी लाभकारी मानी जाती है। इस बार अक्षय तृतीया पर गज केसरी और शश योग बनने जा रहे हैं। अक्षय तृतीया पर ऐसा अद्भुत संयोग कई साल बाद बन रहा है। अक्षय तृतीया को हिंदू परंपरा में सबसे शुभ दिनों में से एक माना जाता है। इस दिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और गतिविधियां होती हैं।
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पंडित श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि अक्षय तृतीया हिंदू त्रिमूर्ति में संरक्षक, भगवान विष्णु द्वारा शासित एक दिन है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन दूसरे युग, त्रेता युग की शुरुआत हुई थी। अक्षय तृतीया भगवान विष्णु के छठे अवतार, भगवान परशुराम की जयंती, परशुराम जयंती के उत्सव का भी प्रतीक है। कुछ किंवदंतियों से पता चलता है कि अक्षय तृतीया पर, महाभारत के लेखक ऋषि व्यास ने भगवान गणेश को हिंदू महाकाव्य सुनाना शुरू किया था। एक अन्य परंपरा यह है कि इस दिन गंगा नदी पृथ्वी पर अवतरित हुई थी।
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इस बार यह रहेगा मुहूर्त
पंडित श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त 10 मई 2024 को सुबह 05:33 बजे से दोपहर 12:18 बजे तक है। तृतीया तिथि 10 मई को सुबह 04:17 बजे शुरू होती है और 11 मई को सुबह 02:50 बजे समाप्त होती है। देवताओं की पूजा करना अक्षय तृतीया अनुष्ठान का एक अभिन्न अंग है। मंदिरों को सजावट से सजाया जाता है, और विशेष पूजा समारोह आयोजित किए जाते हैं। इस दिन, लोग धन के देवता भगवान कुबेर और प्रचुरता और समृद्धि की देवी देवी लक्ष्मी की भी पूजा करते हैं। जरूरतमंदों को दान देना, और कुछ लोग गरीबों और वंचितों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए खाद्य स्टॉल भी लगाते हैं। दान और भक्ति के ये कार्य अक्षय तृतीया के दिन अक्षय हो जाते हैं। संवाद
अक्षय तृतीया पर होगी आभूषणों की खरीदारी
शहर के सराफा व्यापारी वर्धमान ज्वैलर्स के संचालक सचिन जैन ने बताया कि अक्षय तृतीया के शुभ लग्न में अधिकांश लोग आभूषणों की खरीददारी करते हैं। इस मौके पर धन के देवता कुबेर और सुख समृद्धि की देवी माता लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है। आभूषणों की खरीद के लिए लोगों को हॉल मार्क गहनों की खरीददारी ही करनी चाहिए।