{"_id":"6769b925e29ccbba3807a0f4","slug":"helpline-number-of-private-school-welfare-association-released-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-127550-2024-12-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के हेल्पलाइन नंबर जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के हेल्पलाइन नंबर जारी
Tue, 24 Dec 2024 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 24 Dec 2024 12:55 AM IST
विज्ञापन
प्रेसवार्ता के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते रामअवतार शर्मा।
भिवानी। छात्र-छात्राओं के परीक्षा संबंधी तनाव को दूर करने और भयमुक्त होकर परीक्षा दिलाने के लिए प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन ने तीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रामअवतार शर्मा ने परीक्षार्थियों की काउंसलिंग के लिए इन हेल्पलाइन नंबरों की शुरुआत की। इनके माध्यम से परीक्षार्थियों समेत उनके अभिभावकों की भी निशुल्क काउंसलिंग की जाएगी।
शिक्षाविद डाॅ. आरती, कर्ण मिर्ग और पैरेंटिंग, कॅरिअर कोच अमित डागर को इस हेल्पलाइन के लिए अधिकृत किया गया है। यह हेल्पलाइन सुबह नौ बजे से रात नौ बजे तक चालू रहेंगी। एसोसिएशन अब इसे हर वर्ष 15 दिसंबर से 31 मार्च तक लागू करेगी। इनके नंबर 9053002213, 9053002214 और 9053002215 हैं।
एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रामअवतार शर्मा ने बताया कि देश में हर वर्ष करीब 3.40 करोड़ परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षाएं देते हैं। इनमें 10 से 15 प्रतिशत तक करीब 40 लाख परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण भी होते हैं। एनसीईआरटी के एक सर्वे में पाया गया कि 60 प्रतिशत से ज्यादा छात्र परीक्षा परिणाम के दबाव में हैं। इनमें से 33 प्रतिशत पर दोस्तों के बराबर प्रदर्शन करने का दबाव है। छात्रों में तनाव का मुख्य कारण परीक्षा परिणाम है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिक्षाविद डाॅ. आरती, कर्ण मिर्ग और पैरेंटिंग, कॅरिअर कोच अमित डागर को इस हेल्पलाइन के लिए अधिकृत किया गया है। यह हेल्पलाइन सुबह नौ बजे से रात नौ बजे तक चालू रहेंगी। एसोसिएशन अब इसे हर वर्ष 15 दिसंबर से 31 मार्च तक लागू करेगी। इनके नंबर 9053002213, 9053002214 और 9053002215 हैं।
विज्ञापन
एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रामअवतार शर्मा ने बताया कि देश में हर वर्ष करीब 3.40 करोड़ परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षाएं देते हैं। इनमें 10 से 15 प्रतिशत तक करीब 40 लाख परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण भी होते हैं। एनसीईआरटी के एक सर्वे में पाया गया कि 60 प्रतिशत से ज्यादा छात्र परीक्षा परिणाम के दबाव में हैं। इनमें से 33 प्रतिशत पर दोस्तों के बराबर प्रदर्शन करने का दबाव है। छात्रों में तनाव का मुख्य कारण परीक्षा परिणाम है।
विज्ञापन