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जान हथेली पर रखकर रोडवेज बसों में सफर कर रहें 80 हजार यात्री
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Mon, 01 Aug 2016 12:15 AM IST
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हरियाणा रोडवेज बस
- फोटो : file photo
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दादरी डिपो को हर रोज अपनी बसों में यात्रा करने वाले 80 हजार लोगों की कोई परवाह नहीं है। क्योंकि अगर किसी कारणवश चलती बस में आग लग जाए तो उस पर काबू पाने के लिए अग्निशमन यंत्र तक नहीं हैं। दादरी डिपो की ज्यादातर बसों से अग्निशमन यंत्र गायब है तो कुछ की डेट एक्सपायर हो चुकी है।
दादरी डिपो में करीब 170 बसें चल रही हैं। इनमें से ज्यादातर बसों में यात्रियों की सुविधा व सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं। बसों में अग्निशमन यंत्र से लेकर फर्स्ट एड बॉक्स तक नहीं रखे हुए हैं।
बाक्स: फस्र्ट एड बॉक्स खाली दिखावा
हरियाणा रोडवेज में परिचालक लगने से पहले फस्र्ट एड का कोर्स करना होता है। इसमें करीब दस दिन पात्रों को जख्मी व घायल लोगों को प्राथमिक उपचार देना सिखाया जाता है। जिसमें मरहम व पट्टी भी शामिल हैं। इसलिए सभी रोडवेज बसों में फस्र्ट एड बॉक्स लगाए जाते हैं। जिनमें चोट लगने पर मरहम पट्टी व दर्द रोधक दवाएं होती हैं। लेकिन दादरी डिपो की बसों में फस्र्ट एड बॉक्स तो लगे हुए हैं लेकिन हमेशा खाली दिखाई देते हैं।
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हर साल करवाना होता है रिफिल
दादरी डिपो के एक कर्मचारी ने बताया कि साल में एक बार सभी अग्निशमन यंत्र रिफिल करवाने होते हैं। इसके लिए विभाग हर साल डिपो को बजट भी भेजता है। लेकिन दादरी डिपो की ज्यादातर बसे ऐसी हैं जिनमें चार पांच साल से अग्निशमन यंत्र रिफिल ही नहीं हुए हैं।
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दादरी डिपो में करीब 170 बसें चल रही हैं। इनमें से ज्यादातर बसों में यात्रियों की सुविधा व सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं। बसों में अग्निशमन यंत्र से लेकर फर्स्ट एड बॉक्स तक नहीं रखे हुए हैं।
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बाक्स: फस्र्ट एड बॉक्स खाली दिखावा
हरियाणा रोडवेज में परिचालक लगने से पहले फस्र्ट एड का कोर्स करना होता है। इसमें करीब दस दिन पात्रों को जख्मी व घायल लोगों को प्राथमिक उपचार देना सिखाया जाता है। जिसमें मरहम व पट्टी भी शामिल हैं। इसलिए सभी रोडवेज बसों में फस्र्ट एड बॉक्स लगाए जाते हैं। जिनमें चोट लगने पर मरहम पट्टी व दर्द रोधक दवाएं होती हैं। लेकिन दादरी डिपो की बसों में फस्र्ट एड बॉक्स तो लगे हुए हैं लेकिन हमेशा खाली दिखाई देते हैं।
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हर साल करवाना होता है रिफिल
दादरी डिपो के एक कर्मचारी ने बताया कि साल में एक बार सभी अग्निशमन यंत्र रिफिल करवाने होते हैं। इसके लिए विभाग हर साल डिपो को बजट भी भेजता है। लेकिन दादरी डिपो की ज्यादातर बसे ऐसी हैं जिनमें चार पांच साल से अग्निशमन यंत्र रिफिल ही नहीं हुए हैं।