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Bhiwani News: मुआवजा नहीं मिलने पर किसानों ने किया प्रदर्शन, बिजली निगम पर भेदभाव का लगाया आरोप

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jun 2026 01:16 AM IST
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Farmers protested after not receiving compensation, accusing the power corporation of discrimination.
जिला उपायुक्त कार्यालय के सामने मांगों को लेकर प्रदर्शन कर नारेबाजी करते किसान।
भिवानी। ढाणा नरसान से ईशरवाल तक खड़ी की गई 220 केवी टावर लाइन का मुआवजा नहीं मिलने से प्रभावित किसानों ने शुक्रवार को लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय किसान सभा भिवानी और युवा कल्याण संगठन के नेतृत्व में नौ गांवों के किसानों ने हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम पर भेदभावपूर्ण नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपकर सभी प्रभावित किसानों को समान रूप से मुआवजा देने की मांग की।
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किसानों का कहना है कि टिटानी, हेतमपुरा से लेकर ईशरवाल तक के प्रभावित किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। किसानों के अनुसार हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम ने ढाणा नरसान से ईशरवाल तक 220 केवी टावर लाइन स्थापित की है। विभाग ने पावर हाउस से सटे कुछ गांवों को विरोध प्रदर्शन के बाद मुआवजा दे दिया लेकिन कुसुंभी से ईशरवाल तक किसी भी गांव के किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया।
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शुक्रवार को नौ गांवों के किसान उपायुक्त कार्यालय के सामने एकत्रित हुए और प्रदर्शन किया। उपायुक्त की ओर से किसानों का ज्ञापन लेने के लिए एसडीएम महेश कुमार पहुंचे।
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किसान सभा के जिला प्रधान रामफल देशवाल, उपप्रधान कामरेड ओमप्रकाश और युवा कल्याण संगठन के संरक्षक कमल सिंह प्रधान ने कहा कि हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के अधिकारियों को टावरों के एवज में न्यायोचित मुआवजा देने में भेदभाव नहीं करना चाहिए था। सभी प्रभावित किसानों के साथ समान व्यवहार करते हुए मुआवजा वितरण नीति लागू की जानी चाहिए थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिन गांवों के लोगों ने बिना उचित मुआवजे के टावर खड़े करने का विरोध किया और धरना दिया उन्हें मुआवजा दे दिया गया। वहीं जिन गांवों ने अधिकारियों के आश्वासन पर विरोध नहीं किया उन गांवों के किसानों को आज तक मुआवजा नहीं मिला। अब निगम अधिकारियों ने यह भी कह दिया है कि इस मामले में आगे कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा।
किसान नेताओं ने बताया कि निगम के इस रवैये से प्रभावित किसानों में भारी रोष है। इसके विरोध में किसानों ने टिटानी में केंद्र बनाकर निगम की कथित भेदभावपूर्ण नीति के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। धरने का नेतृत्व कर रहे किसान नेता अरविंद टिटानी ने कहा कि उनकी कृषि भूमि में टावर खड़े होने से जमीन की कीमत लगभग आधी रह गई है। टावर और बिजली तारों के कॉरिडोर क्षेत्र में वे निर्माण कार्य या बागवानी भी नहीं कर सकते।

इसके बावजूद उन्हें न्यायोचित मुआवजे से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार और विद्युत निगम के खिलाफ संघर्ष करने के अलावा किसानों के पास कोई विकल्प नहीं बचा है। बिजली तारों के कारण उनकी जान को भी हमेशा खतरा बना रहता है और किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है। प्रदर्शन में बलबीर सिंह बजाड़, संतोष देशवाल, प्रताप सिंह सिंहमार, सरपंच अजय सिराधना (केहरपुरा), अरविंद बेनीवाल और घासीराम गुर्जर सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
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