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लोहानी सेंटर के बाद ईएसआई डिस्पेंसरी के आइसोलेशन वार्ड में सामने आई अव्यवस्था
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हांसी रोड स्थित ईएसआई अस्पताल में बनाया गया आइसोलेशन वार्ड। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : Bhiwani
लोहानी सेंटर के बाद अब ईएसआई डिस्पेंसरी हांसी रोड में प्रथम तल पर बनाए आइसोलेशन वार्ड में खामियां सामने आईं हैं। यहां बाहर से आने वालों को सात-सात दिन के लिए क्वारंटीन किया जा रहा है। फिलहाल आठ लोग यहां हैं। मगर ये पानी तक को तरस रहे हैं। शौचालयों में पानी नहीं है। पीने के लिए पानी भू-तल पर लगे वाटर कूलर से लाना पड़ रहा है। यहां सामान्य मरीज भी आते हैं और अस्पताल स्टाफ भी हैं। ऐसे में यह लापरवाही महंगी पड़ सकती है।
एक और बड़ी लापरवाही यह सामने आई कि यहां क्वारंटीन किए गए लोगों के लिए खाना उनके घर से ही आ रहा है। उनके परिजन यहां मरीजों के साथ ही बेड पर बैठ रहे है और यहां खाली बेड पर लेटकर आराम भी कर रहे हैं। ऐसे में यह लापरवाही कोरोना वायरस के संक्रमण को सीधे-सीधे न्योता है।
कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 1238 तक पहुंच चुका है। 110 कोरोना पॉजिटिव अपनी जान भी गवां चुके है। सरकार बचाव के लिए बार-बार गाइडलाइन जारी कर रही है। बावजूद इसके लोग बड़ी लापरवाही बरत रहे है। कुछ विभागीय स्तरीय लापरवाही है तो कुछ आमजन की।
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ईएसआई में सुविधा नहीं, बाहर घूम रहे क्वारंटीन लोग
ईएसआई के शौचालयों में पानी, वाश बेेसिंग में पानी न होने के कारण क्वारंटीन किए गए लोग बाजार तक में घूम रहे हैं। उन्हें न कोई रोकने वाला है न कोई टोकने वाला। क्वारंटीन लोगों में यदि किसी की पॉजिटिव रिपोर्ट आती है तो वह कितने ही लोगों में यह फैला चुका होगा। इसी लापरवाही के कारण कोरोना पॉजिटिव का आंकड़ा दिन-ब दिन बढ़ता ही जा रहा है।
तीन दिन से परेशान हूं
एक क्वारंटीन किए व्यक्ति ने बताया कि मुझे तीन दिन हो गए यहां। शहर की ही एक कॉलोनी से हूं। यहां सात दिन के लिए क्वारंटीन किया गया है मगर न कोई टेस्ट किया गया है और न ही यहां कोई सुविधा है। हाथ धोने के लिए पानी तक नहीं है। पीने के लिए पानी स्वयं ही नीचे भूतल से लाते हैं। खाना घर से आ रहा है और यहां परिजन आ रहे हैं तो उन्हें भी कोरोना का खतरा है। शौचालयों की हालत भी खस्ता है और एक-दो को छोड़ अधिकतर की टोटियां तक गायब है।
पानी बाहर से लाते हैं
क्वारंटीन किए गए एक अन्य युवक ने बताया कि आज दूसरा दिन है। वाशवेशन में पानी नहीं है। नीचे से लाना पड़ रहा है। खाना घर से आ रहा है। एक परिजन खाना देने आया तो वैसे ही साथ बैठ गया। अभी कोई टेस्ट नहीं हुआ है।
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एक और बड़ी लापरवाही यह सामने आई कि यहां क्वारंटीन किए गए लोगों के लिए खाना उनके घर से ही आ रहा है। उनके परिजन यहां मरीजों के साथ ही बेड पर बैठ रहे है और यहां खाली बेड पर लेटकर आराम भी कर रहे हैं। ऐसे में यह लापरवाही कोरोना वायरस के संक्रमण को सीधे-सीधे न्योता है।
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कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 1238 तक पहुंच चुका है। 110 कोरोना पॉजिटिव अपनी जान भी गवां चुके है। सरकार बचाव के लिए बार-बार गाइडलाइन जारी कर रही है। बावजूद इसके लोग बड़ी लापरवाही बरत रहे है। कुछ विभागीय स्तरीय लापरवाही है तो कुछ आमजन की।
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ईएसआई में सुविधा नहीं, बाहर घूम रहे क्वारंटीन लोग
ईएसआई के शौचालयों में पानी, वाश बेेसिंग में पानी न होने के कारण क्वारंटीन किए गए लोग बाजार तक में घूम रहे हैं। उन्हें न कोई रोकने वाला है न कोई टोकने वाला। क्वारंटीन लोगों में यदि किसी की पॉजिटिव रिपोर्ट आती है तो वह कितने ही लोगों में यह फैला चुका होगा। इसी लापरवाही के कारण कोरोना पॉजिटिव का आंकड़ा दिन-ब दिन बढ़ता ही जा रहा है।
तीन दिन से परेशान हूं
एक क्वारंटीन किए व्यक्ति ने बताया कि मुझे तीन दिन हो गए यहां। शहर की ही एक कॉलोनी से हूं। यहां सात दिन के लिए क्वारंटीन किया गया है मगर न कोई टेस्ट किया गया है और न ही यहां कोई सुविधा है। हाथ धोने के लिए पानी तक नहीं है। पीने के लिए पानी स्वयं ही नीचे भूतल से लाते हैं। खाना घर से आ रहा है और यहां परिजन आ रहे हैं तो उन्हें भी कोरोना का खतरा है। शौचालयों की हालत भी खस्ता है और एक-दो को छोड़ अधिकतर की टोटियां तक गायब है।
पानी बाहर से लाते हैं
क्वारंटीन किए गए एक अन्य युवक ने बताया कि आज दूसरा दिन है। वाशवेशन में पानी नहीं है। नीचे से लाना पड़ रहा है। खाना घर से आ रहा है। एक परिजन खाना देने आया तो वैसे ही साथ बैठ गया। अभी कोई टेस्ट नहीं हुआ है।