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Bhiwani News: ई-रवाना पोर्टल ठप, खानक में खनन प्रभावित क्रशर-रोड़ी के भाव 200 रुपये प्रति टन बढ़े

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 29 Oct 2026 11:52 PM IST
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E-Ravana portal down; mining operations in Khanak affected, prices of crushed stone and aggregate rise by Rs 200 per tonne.
पूर्व राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी के साथ क्रशर एसोसिएशन के सदस्य।
तोशाम। खानक माइंस में करीब 20 दिनों से ई-रवाना पोर्टल की तकनीकी खामियों के कारण खनन और डिस्पैच कार्य प्रभावित है। पत्थर की कमी से क्रशर और रोड़ी के भाव 200 रुपये प्रति टन तक बढ़ गए हैं। क्रशर एसोसिएशन ने बृहस्पतिवार को एसडीएम से मिलकर ज्ञापन सौंपा और पूर्व राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी को भी समस्या से अवगत कराया।
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क्रशर संचालकों के अनुसार पोर्टल की समस्या से कच्चे माल की उपलब्धता घट गई है और कारोबार प्रभावित हो रहा है। इससे सरकार को भी रोजाना करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। एसोसिएशन ने अधिकारियों से पोर्टल जल्द सुचारु कराने की मांग की है। किरण चौधरी ने एसोसिएशन को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है।
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क्रशर संचालकों और खनन टीम ने एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें दी हैं। ई-मेल के जरिये भी मामला उठाया गया और हाल ही में प्रबंध निदेशक के संज्ञान में लाया गया लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। खानक माइंस से 200 से अधिक क्रशर इकाइयां और करीब चार हजार डंपर मालिक, चालक, ऑपरेटर व अन्य कर्मचारी जुड़े हैं। खनन कर्मचारियों, सहायक स्टाफ, छोटे व्यापारियों और चाय विक्रेताओं सहित करीब 20 हजार लोगों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होने का अनुमान है।
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पत्थर की कमी से रोड़ी व क्रशर के भाव बढ़
खानक माइंस में पत्थर की कमी से रोड़ी व क्रशर के भाव बढ़ गए हैं। करीब 15 दिन पहले तक जो सामग्री 700 रुपये प्रति टन मिल रही थी उसके भाव अब 900 रुपये प्रति टन तक पहुंच गए हैं। इससे मकान बनवा रहे लोगों को निर्माण सामग्री महंगी पड़ रही है।

ग्रेप के कारण बढ़ी चिंता
क्रशर संचालकों ने कहा कि ग्रेप-1 पहले ही लागू हो चुका है और ग्रेप-3 लागू होने की स्थिति में संबंधित नियमों के तहत क्रशर उद्योग बंद हो सकता है। सर्दियों में करीब तीन महीने तक क्रशर बंद रहने की आशंका के बीच पोर्टल की समस्या ने उद्योग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इससे हजारों मजदूरों, ट्रक चालकों, हेल्परों, व्यापारियों और अन्य लोगों की आजीविका पर असर पड़ सकता है।

जल्द ही समस्या का समाधान होगा
इस बारे में एचएसआईआईडीसी के सीनियर मैनेजर रविंद्र जाखड़ ने बताया कि ई-रवाना पोर्टल बंद है जिसके कारण पत्थर नहीं निकल पा रहा है। यह माइनिंग विभाग से संबंधित है। उनको इसके लिए अवगत करवा दिया है। जल्द ही समस्या का समाधान होगा।


कोई अधिकारी जिम्मेदारी नहीं समझ रहा:अमर सिंह
इस बारे में क्रशर एसोसिएशन के प्रधान अमर सिंह ने बताया कि इस मामले में कोई अधिकारी अपनी जिम्मेदारी नहीं समझ रहा। इसके लिए एमडी माइनिंग से भी मिल चुके हैं कोई समाधान नहीं है। आज इस मामले एसडीएम से मिले है जल्द ही चलवाने का आश्वासन दिया है।
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