फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Due to the adverse effects of heat, there has been a 15 to 20 percent drop in milk production in animals: Dr. Vijay

गर्मी के प्रतिकूल प्रभाव के कारण पशुओं में 15 से 20 प्रतिशत तक आई दूध में गिरावट : डॉ. विजय

Tue, 20 May 2025 10:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Tue, 20 May 2025 10:23 PM IST
विज्ञापन
Due to the adverse effects of heat, there has been a 15 to 20 percent drop in milk production in animals: Dr. Vijay
पशुओं के स्वास्थ्य की जांच करते डाॅ. विजय सनसनवाल। 
भिवानी। गर्मी में पारा बढ़ने के साथ ही लोगों के स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर रहा है। इसके अलावा पशुओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव देखा जा रहा है। इस कारण दुधारू पशुओं में 15 से 20 फीसदी तक दूध की कमी आई है। पशुओं में तेज बुखार आ रहा है। पशुओं में भूख की कमी आने की वजह से चारा खाने में भी परेशानी आ रही है।
विज्ञापन

यह कहना है पशु चिकित्सक डॉ. विजय सनसनवाल का। उन्होंने बताया कि तेज गर्मी व लू की वजह से पशुओं में डी-हाईड्रेशन हो जाता है। शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इससे पशु की खाल में झुर्रियां दिखाई देती है और नाक भी सूख जाती है। पशु हांफना शुरू कर देता है। तापमान बढ़ने से इसका प्रभाव पशुओं के नर्वस सिस्टम पर भी पड़ता है। पशु चक्कर खाकर गिर भी सकता है। ऐसे में पशुओं को गर्मी से बचाने के लिए पशुपालकों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
विज्ञापन

किस तरह करें बचाव
डॉ. विजय सनसनवाल ने बताया कि धूप निकलने से पहले व देर रात पशु को नहलाए। दिन में 3 से 4 बार पानी पिलाए। पशुओं के लिए कूलर का प्रबंध करें। खेतों में रहने वाले लोग पशुओं को अगर पेड़ के नीचे बांधते हैं तो आसपास सुबह उठते ही ठंडे पानी का छिड़काव करें। पशुओं को तूड़ा कम व हरा चारा अधिक दें। डॉ. विजय सनसनवाल ने बताया कि हरे चारे में भी ध्यान रखे कि कम बढ़ी हुई ज्वार या बाजरा न दें। अगर हरे चारे में स्प्रे किया गया है तो वो चारा न खिलाएं, पशु को हर रोज 50-50 ग्राम खनिज मिश्रण अवश्य खिलाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन


भांग के पौधे हांफने वाले पशुओं के लिए फायदेमंद
डॉ. विजय सनसनवाल ने बताया कि हांफने वाले पशु के लिए नहर के पास खड़े हुए भांग के पौधे हरे चारे में मिलाकर खिलाने पर बहुत ही फायदेमंद रहते हैं। लेकिन इसकी मात्रा 300 ग्राम से अधिक नहीं होनी चाहिए। गर्मी के बुखार के लिए सबसे उपयुक्त उपाय उन्हें सुबह-शाम एक घंटा सूर्योदय से पहले व सूर्यास्त के बाद जोहड़ में रखना है। इससे तीन-चार दिन में बुखार खत्म हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed