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Bhiwani News: देवभूमि हिमाचल ने झारखंड को 62 अंकों से दी हराया
Tue, 10 Dec 2024 01:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 10 Dec 2024 01:29 PM IST
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भिवानी में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता में अपने प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को पकड़ते कबड्डी खिलाड़ी।
भिवानी। शहर के भीम स्टेडियम में 68वीं राष्ट्रीय स्कूल खेल कबड्डी स्पर्धा तीसरे दिन भी जारी रही। तीसरे दिन भी लड़कों व लड़कियों की टीमों ने फाइनल तक का सफर तय करने के लिए जोर आजमाइश की। लड़कों के वर्ग में तीसरे दिन कबड्डी मैच में देव भूमि हिमाचल प्रदेश की टीम ने झारखंड की टीम को 62 रनों से हराया। हालांकि झारखंड की टीम ने मुकाबला बराबरी पर लाने का प्रयास किया, लेकिन देव भूमि हिमाचल की टीम के आगे बेबस नजर आए। हिमाचल व झारखंड का स्कोर 77-15 का रहा।
दूसरी तरफ लड़कियों की कबड्डी मैच में पंजाब व छत्तीसगढ़ की टीमों के बीच मुकाबला हुआ। दोनों टीम ने 38-31 अंकों का स्कोर बनाया। सोमवार को भीम स्टेडियम में प्रतियोगिता के तीसरे दिन झारखंड व हिमाचल के बीच मुकाबला खेला गया। झारखंड की टीम ने टॉस जीतकर रेड की च्वाइस ली। मैच शुरू होते ही हिमाचल की टीम ने बढ़त लेने के मकसद से आक्रामक तरीके से खेलना शुरू किया।
मैच के दूसरी मिनट में ही झारखंड की टीम को पेनल्टी लगा दिया। जिसके चलते हिमाचल की टीम को अतिरिक्त दो अंक मिले। मैच के पांचवें मिनट में झारखंड की टीम को डू एंड डाई में एक अंक का नुकसान सहना पड़ा। झारखंड टीम के कोच ने नौवें मिनट में टाइम आउट लेकर जर्सी संख्या 6 को बाहर किया और उसकी जगह पर जर्सी संख्या 12 को टीम में शामिल किया। हिमाचल टीम के कोच नील ठाकुर व अशोक ठाकुर ने नई रणनीति बनाई और जर्सी संख्या 7 को टीम से बाहर किया और जर्सी संख्या 2 अनिरुद्ध को टीम में शामिल किया। आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए मैच में ज्यादा स्कोर किया। अंतिम क्षणों तक हिमाचल की टीम ने झारखंड की टीम को 77-15 अंकों के अंतर से हराकर लीग के प्रबल दावेदार बनी।
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पंजाब की बेटियों ने छत्तीसगढ़ को हराया
स्पर्धा में लड़कियों के मैच में पंजाब व छत्तीसगढ़ के बीच मुकाबला शुरू हुआ। दोनों टीम ने टॉप शिखर पर पहुंचने के लिए जोर आजमाइश की। मैच के शुरुआत में पंजाब की टीम ने जम कर अंक हासिल किए। वहीं छत्तीसगढ़ की टीम भी अंक बटोरने में पीछे नहीं रही। कांटे के मुकाबले में दोनों टीमों ने आधे समय बीत जाने तक 20-18 का स्कोर खड़ा कर दिया। मैच के समापन तक दोनों टीमों के अंकों का स्कोर 38-31 रहा। इस तरह से पंजाब की बेटियों ने छतीसगढ़ टीम को 7 अंकों के अंतर से हरा दिया।
रणनीति के तहत हारने के मकसद से खेली पंजाब टीम की खिलाड़ी
सांयकालीन सत्र में पंजाब व तेलंगाना की लड़कियों का मुकाबला हुआ। लेकिन मुकाबले में खास बात ये रही कि पंजाब टीम की खिलाड़ियों ने ये मैच जीतने के बजाय हारने के मकसद से खेला। मैच शुरू होने के साथ ही तेलंगाना टीम पंजाब की लड़कियों पर हावी होती चली। लेकिन पंजाब टीम की तरफ से किसी प्रकार की कोशिश जीतने के लिए नहीं की जा रही थी। इसके पीछे पंजाब टीम की बहुत बड़ी रणनीति काम कर रही थी। पंजाब टीम को एहसास था कि अगर वो ये मुकाबला जीत जाती है, तो उसका अगला मुकाबला हरियाणा से होगा। इसी मुकाबले से दूरी बनाने के लिए पंजाब टीम ने तेलंगाना के खिलाफ चल रहा मैच 55 अंकों से हार गई। इस मुकाबले में तेलंगाना ने 57 अंक का स्कोर तय किया। वहीं पंजाब टीम ने सिर्फ दो अंक हासिल किए। मैच रेफरी ने बताया कि अगर पंजाब टीम मुकाबले में विजय रहती तो वह हरियाणा के पुल में प्रवेश करती और उसका सीधा मुकाबला हरियाणा टीम से होता। पंजाब ने अभी तक स्पर्धा में अच्छा प्रदर्शन किया था। लेकिन इस मुकाबले में वो जीतने से बचती रही।
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दूसरी तरफ लड़कियों की कबड्डी मैच में पंजाब व छत्तीसगढ़ की टीमों के बीच मुकाबला हुआ। दोनों टीम ने 38-31 अंकों का स्कोर बनाया। सोमवार को भीम स्टेडियम में प्रतियोगिता के तीसरे दिन झारखंड व हिमाचल के बीच मुकाबला खेला गया। झारखंड की टीम ने टॉस जीतकर रेड की च्वाइस ली। मैच शुरू होते ही हिमाचल की टीम ने बढ़त लेने के मकसद से आक्रामक तरीके से खेलना शुरू किया।
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मैच के दूसरी मिनट में ही झारखंड की टीम को पेनल्टी लगा दिया। जिसके चलते हिमाचल की टीम को अतिरिक्त दो अंक मिले। मैच के पांचवें मिनट में झारखंड की टीम को डू एंड डाई में एक अंक का नुकसान सहना पड़ा। झारखंड टीम के कोच ने नौवें मिनट में टाइम आउट लेकर जर्सी संख्या 6 को बाहर किया और उसकी जगह पर जर्सी संख्या 12 को टीम में शामिल किया। हिमाचल टीम के कोच नील ठाकुर व अशोक ठाकुर ने नई रणनीति बनाई और जर्सी संख्या 7 को टीम से बाहर किया और जर्सी संख्या 2 अनिरुद्ध को टीम में शामिल किया। आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए मैच में ज्यादा स्कोर किया। अंतिम क्षणों तक हिमाचल की टीम ने झारखंड की टीम को 77-15 अंकों के अंतर से हराकर लीग के प्रबल दावेदार बनी।
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पंजाब की बेटियों ने छत्तीसगढ़ को हराया
स्पर्धा में लड़कियों के मैच में पंजाब व छत्तीसगढ़ के बीच मुकाबला शुरू हुआ। दोनों टीम ने टॉप शिखर पर पहुंचने के लिए जोर आजमाइश की। मैच के शुरुआत में पंजाब की टीम ने जम कर अंक हासिल किए। वहीं छत्तीसगढ़ की टीम भी अंक बटोरने में पीछे नहीं रही। कांटे के मुकाबले में दोनों टीमों ने आधे समय बीत जाने तक 20-18 का स्कोर खड़ा कर दिया। मैच के समापन तक दोनों टीमों के अंकों का स्कोर 38-31 रहा। इस तरह से पंजाब की बेटियों ने छतीसगढ़ टीम को 7 अंकों के अंतर से हरा दिया।
रणनीति के तहत हारने के मकसद से खेली पंजाब टीम की खिलाड़ी
सांयकालीन सत्र में पंजाब व तेलंगाना की लड़कियों का मुकाबला हुआ। लेकिन मुकाबले में खास बात ये रही कि पंजाब टीम की खिलाड़ियों ने ये मैच जीतने के बजाय हारने के मकसद से खेला। मैच शुरू होने के साथ ही तेलंगाना टीम पंजाब की लड़कियों पर हावी होती चली। लेकिन पंजाब टीम की तरफ से किसी प्रकार की कोशिश जीतने के लिए नहीं की जा रही थी। इसके पीछे पंजाब टीम की बहुत बड़ी रणनीति काम कर रही थी। पंजाब टीम को एहसास था कि अगर वो ये मुकाबला जीत जाती है, तो उसका अगला मुकाबला हरियाणा से होगा। इसी मुकाबले से दूरी बनाने के लिए पंजाब टीम ने तेलंगाना के खिलाफ चल रहा मैच 55 अंकों से हार गई। इस मुकाबले में तेलंगाना ने 57 अंक का स्कोर तय किया। वहीं पंजाब टीम ने सिर्फ दो अंक हासिल किए। मैच रेफरी ने बताया कि अगर पंजाब टीम मुकाबले में विजय रहती तो वह हरियाणा के पुल में प्रवेश करती और उसका सीधा मुकाबला हरियाणा टीम से होता। पंजाब ने अभी तक स्पर्धा में अच्छा प्रदर्शन किया था। लेकिन इस मुकाबले में वो जीतने से बचती रही।