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Bhiwani News: डेंगू का प्रकोप अब भी जारी, सावधानी बरतें
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भिवानी। डेंगू के जिले में अब तक 108 पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। इसी के साथ नगर परिषद ने फॉगिंग के लिए पांच टीमों का गठन किया हुआ है। जबकि दो टीमें पॉजिटिव केस मिलने के बाद संभावित इलाकों में लगातार फॉगिंग में जुटी हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एक पखवाड़े तक डेंगू और मलेरिया का संक्रमण शीर्ष पर रहने की संभावना है, इसके बाद मच्छर का खतरा कुछ कम होगा। जिले में लगातार बढ़ते डेंगू के डंक से बचाव के लिए डीसी महावीर कौशिक ने जिलावासियों को सतर्कता बरतने की एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने कहा कि डेंगू के बचाव के भागीदार बनने के लिए डेंगू फैलाने वाले मच्छरों को न पनपने देना सबसे सरल उपाय है।
घर के अंदर व आंगन में जहां भी पानी एकत्रित हो रहा है, उसे साफ करें। क्लासिक डेंगू की विशेषता तीव्र बुखार की शुरुआत है। इससे अक्सर सिर दर्द, मतली और उल्टी के साथ, 4 से 10 दिनों की ऊष्मायन अवधि के बाद डेंगू शरीर में रहता है। यह लक्षण दो से सात दिनों तक बने रहते हैं।
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डेंगू से बचाव व उसका उपचार ::
डेंगू मच्छर के काटने पर खुद को बचाने के लिए नींबू नीलगिरी का तेल, लैवेंडर, नीम का तेल और दालचीनी का तेल जैसे प्राकृतिक रिपेलेंट का विकल्प भी चुन सकते हैं। इसके अलावा फीवर फ्यू, सिट्रोनेला, कैटनिप और लैवेंडर जैसे पौधे मच्छरों को दूर रखने के लिए अपने घर के आस-पास रखें। डेंगू मच्छर के काटने पर सबसे अच्छा घरेलू उपाय और डेंगू का सबसे आसान इलाज है, कच्चे तुलसी के पत्ते चबाना या तुलसी की चाय पीना है। वहीं नीम के पत्तों में एंटीवायरल गुण होते हैं, जो डेंगू वायरस से लड़ते हैं। नीम के पत्तों को उबालें, उन्हें ठंडा होने दें, छान लें और फिर दिन में कई बार नीम का पानी पिएं।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एक पखवाड़े तक डेंगू और मलेरिया का संक्रमण शीर्ष पर रहने की संभावना है, इसके बाद मच्छर का खतरा कुछ कम होगा। जिले में लगातार बढ़ते डेंगू के डंक से बचाव के लिए डीसी महावीर कौशिक ने जिलावासियों को सतर्कता बरतने की एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने कहा कि डेंगू के बचाव के भागीदार बनने के लिए डेंगू फैलाने वाले मच्छरों को न पनपने देना सबसे सरल उपाय है।
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घर के अंदर व आंगन में जहां भी पानी एकत्रित हो रहा है, उसे साफ करें। क्लासिक डेंगू की विशेषता तीव्र बुखार की शुरुआत है। इससे अक्सर सिर दर्द, मतली और उल्टी के साथ, 4 से 10 दिनों की ऊष्मायन अवधि के बाद डेंगू शरीर में रहता है। यह लक्षण दो से सात दिनों तक बने रहते हैं।
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डेंगू से बचाव व उसका उपचार ::
डेंगू मच्छर के काटने पर खुद को बचाने के लिए नींबू नीलगिरी का तेल, लैवेंडर, नीम का तेल और दालचीनी का तेल जैसे प्राकृतिक रिपेलेंट का विकल्प भी चुन सकते हैं। इसके अलावा फीवर फ्यू, सिट्रोनेला, कैटनिप और लैवेंडर जैसे पौधे मच्छरों को दूर रखने के लिए अपने घर के आस-पास रखें। डेंगू मच्छर के काटने पर सबसे अच्छा घरेलू उपाय और डेंगू का सबसे आसान इलाज है, कच्चे तुलसी के पत्ते चबाना या तुलसी की चाय पीना है। वहीं नीम के पत्तों में एंटीवायरल गुण होते हैं, जो डेंगू वायरस से लड़ते हैं। नीम के पत्तों को उबालें, उन्हें ठंडा होने दें, छान लें और फिर दिन में कई बार नीम का पानी पिएं।