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आज से शुरू होंगे क्रशर, निर्माण सामग्री होगी सस्ती
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तोशाम (भिवानी)। खानक व डाडम में करीब 2 माह बाद शुक्रवार से फिर रोनक लौट आएगी। बंद पड़े क्रशरों को हरियाणा प्रदूषण बोर्ड ने चलाने की अनुमति दे दी है। बिजली निगम के अधिकारियों को भी क्रशरों की लाइट चालू करने के लिए लिख दिया गया है।
जल्द ही भवन निर्माण सामग्री क्रशर व रोड़ी के भाव मे गिरावट आएगी। क्रशर मालिकों ने क्रशर चालू करवाने के लिए धरना भी दिया था जो कि आश्वासन के बाद धरना अधिकारियों ने उठवा दिया था।
प्रदूषण के चलते लगभग दो माह पहले खानक और डाडम के क्रशर बंद करने के आदेश दिए थे, जिसका असर क्रशर रोड़ी के भावों पर भी पड़ा था। जिलें में प्रदूषण को लेकर गत 10 नवंबर से एनजीटी के निर्देशानुसार सभी क्रशर इकाइयां व फैक्टरियां बंद कर दी थीं। इसके चलते विद्युत विभाग ने खानक व डाडम के क्रशरों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी थी। बिजली कट जाने के बाद खानक व आसपास की लगभग 250 क्रशर इकाइयां बंद पड़ी थीं। क्रशर इकाइयों के बंद होने से क्रशर मालिकों को 15 लाख रुपये से ज्यादा का घाटा हो रहा था। क्रशर इकाई बंद होने के कारण क्रशर व रोड़ी की कीमतों में 400 से 500 रुपये प्रति टन बढ़ोतरी हो गई। लगभग सभी क्रशर का स्टॉक भी खत्म हो गया था। जिसके कारण मकान बनाने व अन्य कार्यों के लिए इस्तेमाल सामग्री नहीं मिलने से काम भी बंद हो गए थे। क्रशर बंद होने से तोशाम के बाजारों में भी मंदी का दौर शुरू हो गया था।
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बैठक में हुआ निर्णय
इस बारे में प्रदूषण विभाग के एसडीओ अपरनेश कौशिक ने बताया कि जीआरएपी की बैठक हुई थी, जिसमें क्रशर चलाने का निर्णय लिया था। हवा की गुणवत्ता पहले से बेहतर हो गई है।
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जल्द ही भवन निर्माण सामग्री क्रशर व रोड़ी के भाव मे गिरावट आएगी। क्रशर मालिकों ने क्रशर चालू करवाने के लिए धरना भी दिया था जो कि आश्वासन के बाद धरना अधिकारियों ने उठवा दिया था।
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प्रदूषण के चलते लगभग दो माह पहले खानक और डाडम के क्रशर बंद करने के आदेश दिए थे, जिसका असर क्रशर रोड़ी के भावों पर भी पड़ा था। जिलें में प्रदूषण को लेकर गत 10 नवंबर से एनजीटी के निर्देशानुसार सभी क्रशर इकाइयां व फैक्टरियां बंद कर दी थीं। इसके चलते विद्युत विभाग ने खानक व डाडम के क्रशरों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी थी। बिजली कट जाने के बाद खानक व आसपास की लगभग 250 क्रशर इकाइयां बंद पड़ी थीं। क्रशर इकाइयों के बंद होने से क्रशर मालिकों को 15 लाख रुपये से ज्यादा का घाटा हो रहा था। क्रशर इकाई बंद होने के कारण क्रशर व रोड़ी की कीमतों में 400 से 500 रुपये प्रति टन बढ़ोतरी हो गई। लगभग सभी क्रशर का स्टॉक भी खत्म हो गया था। जिसके कारण मकान बनाने व अन्य कार्यों के लिए इस्तेमाल सामग्री नहीं मिलने से काम भी बंद हो गए थे। क्रशर बंद होने से तोशाम के बाजारों में भी मंदी का दौर शुरू हो गया था।
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बैठक में हुआ निर्णय
इस बारे में प्रदूषण विभाग के एसडीओ अपरनेश कौशिक ने बताया कि जीआरएपी की बैठक हुई थी, जिसमें क्रशर चलाने का निर्णय लिया था। हवा की गुणवत्ता पहले से बेहतर हो गई है।