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Bhiwani News: सावन के पहले सोमवार को शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
Mon, 22 Jul 2024 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 22 Jul 2024 11:29 PM IST
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शहर के शिव मंदिर में जल चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं की लगी लंबी कतार।
भिवानी। सावन के पहले सोमवार को शहर के शिवालयों में हर-हर महादेव की गूंज सुनाई दी। अल सुबह से ही श्रद्धालुओं की मंदिरों में खासी भीड़ रही। वहीं शिव मंदिरों के साथ अन्य मंदिरों पर भी दिनभर भक्तों को तांता लगा रहा है। देवसर चुंगी स्थित जोगीवाला मठ अखाड़ा शिव मंदिर में भी भक्तों की लंबी कतारें लगी और श्रद्धालुओं ने लाइनों में लगकर शिवलिंग का जलाभिषेक किया।
गौरतलब है कि सावन माह के पहले सोमवार दिन शिवलिंगों का दूध, जल से अभिषेक किया गया। शिवलिंगों को पुष्प, बेल पत्र, आंक, धतूरे से सजाकर महाआरती की गई। इस दौरान मंदिरों में घंटी, घड़ियाल, शंख व झालर के बीच भोलेनाथ के उद्घोष से माहौल भक्तिमय बना रहा।
जोगीवाला अखाड़ा मंदिर के महंत वेदनाथ महाराज ने कहा कि मंदिर करीब डेढ़ सौ साल पुराना है। इस मंदिर के प्रति लोगों की गहरी आस्था है। सावन में रोजाना ही यहां शिवलिंग के जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगता है। महंत वेदनाथ ने कहा कि सावन महीने में भगवान शिव की पूजा से मनवांछित फल प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि इस महीने में भगवान भोले शंकर को दूध, दही, घी, मक्खन, गंगाजल, विल्ब पत्र, आक, धतूरा आदि चढ़ाना चाहिए, क्योंकि इस माह में भगवान भोले नाथ की सच्चे मन से आराधना की जाए, तो उसे मनवांछित फल प्राप्त होता है। वहीं सावन महीने में बेल पत्रों व पुष्पों की मांग बढ़ गई है।
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गौरतलब है कि सावन माह के पहले सोमवार दिन शिवलिंगों का दूध, जल से अभिषेक किया गया। शिवलिंगों को पुष्प, बेल पत्र, आंक, धतूरे से सजाकर महाआरती की गई। इस दौरान मंदिरों में घंटी, घड़ियाल, शंख व झालर के बीच भोलेनाथ के उद्घोष से माहौल भक्तिमय बना रहा।
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जोगीवाला अखाड़ा मंदिर के महंत वेदनाथ महाराज ने कहा कि मंदिर करीब डेढ़ सौ साल पुराना है। इस मंदिर के प्रति लोगों की गहरी आस्था है। सावन में रोजाना ही यहां शिवलिंग के जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगता है। महंत वेदनाथ ने कहा कि सावन महीने में भगवान शिव की पूजा से मनवांछित फल प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि इस महीने में भगवान भोले शंकर को दूध, दही, घी, मक्खन, गंगाजल, विल्ब पत्र, आक, धतूरा आदि चढ़ाना चाहिए, क्योंकि इस माह में भगवान भोले नाथ की सच्चे मन से आराधना की जाए, तो उसे मनवांछित फल प्राप्त होता है। वहीं सावन महीने में बेल पत्रों व पुष्पों की मांग बढ़ गई है।
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