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दो एसई व चार एक्सईन के खिलाफ मुकदमा दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 28 Aug 2016 12:52 AM IST
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भिवानी में टेंडर में अनियमितता बरते जाने के मामले में स्थानीय कोर्ट ने दो अधीक्षक अभियंता व चार कार्यकारी अभियंता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। इनमें एक अधीक्षक अभियंता व एक कार्यकारी अभियंता रिटायर हो चुके हैं। दूसरे अधीक्षक अभियंता इस वक्त नारनौल में तैनात हैं। कोर्ट के निर्देश पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने सभी छह अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जनस्वास्थ्य विभाग के एक ठेकेदार की ओर से दायर किए गए इस्तगासे पर कोर्ट ने मामला दर्ज करने के आदेश दिए। ठेकेदार ने करीब 65 लाख रुपये के गोलमाल का आरोप लगाया है।
जेएमआईसी विनय काकरान की कोर्ट ने ठेकेदार अशोक ग्रेवाल की ओर से दायर किए गए इस्तगासे की सुनवाई करते हुए तत्कालीन भिवानी के अधीक्षक अभियंता डीके गंभीर, कार्यकारी अभियंता कर्मचंद, तत्कालीन कार्यकारी अभियंता व इस वक्त नारनौल के अधीक्षक अभियंता उमेश भारद्वाज के अलावा कार्यकारी अभियंता एसके जैन, भंवर लाल व कार्यकारी अभियंता राकेश कुमार के खिलाफ धारा 506ए 323ए 420ए 120 बीए 506ए 186ए 167 व 168 के तहत मामला दर्ज करने के आदेश दिए। कार्यकारी अभियंता कर्मचंद रिटायर हो चुके हैं। कोर्ट के आदेश के बाद सिविल लाइन पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई। थाना प्रभारी संजय बिश्रोई का कहना है कि कोर्ट के आदेश के बाद छहों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
अधिकारियों पर हैं गंभीर आरोप
बामला गांव निवासी ठेकेदार अशोक ग्रेवाल ने छहों अधिकारियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रेवाल का कहना है कि उक्त अधिकारी मिलीभगत करके पांच लाख तक के टेंडरों का न तो विज्ञापन प्रकाशित कराते थे और न ही विभाग की वेबसाइट पर डालते थे। इतना ही नहीं, टेंडर अपने चहेतों को दे देते थे। इसकी एवज में मोटी रिश्वत लेकर विभाग का नुकसान करते थे। इनमें से कुछ अधिकारी वर्ष 2012 से पहले भिवानी में जन स्वास्थ्य विभाग में कार्यकारी अभियंता के पदों पर कार्यरत रहे हैं।
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ग्रेवाल ने मामला लोकायुक्त तक पहुंचाया। लोकायुक्त की आरोपियों के खिलाफ कड़ी टिप्पणी के बाद विभाग के उच्च अधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ धारा 8 के तहत चार्जशीट जारी की और उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया। इसके बाद ग्रेवाल ने ने यह मामला पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में उठाया। उच्च न्यायालय ने मामले को वापिस भिवानी कोर्ट में ले जाने को कहा।
मुझे इस मामले में कोई जानकारी नहीं है। इसलिए फिलहाल इससे ज्यादा कुछ नहीं बता सकता हूं।
उमेश भारद्वाज, अधीक्षक अभियंता, नारनौल
जेएमआईसी विनय काकरान की कोर्ट ने ठेकेदार अशोक ग्रेवाल की ओर से दायर किए गए इस्तगासे की सुनवाई करते हुए तत्कालीन भिवानी के अधीक्षक अभियंता डीके गंभीर, कार्यकारी अभियंता कर्मचंद, तत्कालीन कार्यकारी अभियंता व इस वक्त नारनौल के अधीक्षक अभियंता उमेश भारद्वाज के अलावा कार्यकारी अभियंता एसके जैन, भंवर लाल व कार्यकारी अभियंता राकेश कुमार के खिलाफ धारा 506ए 323ए 420ए 120 बीए 506ए 186ए 167 व 168 के तहत मामला दर्ज करने के आदेश दिए। कार्यकारी अभियंता कर्मचंद रिटायर हो चुके हैं। कोर्ट के आदेश के बाद सिविल लाइन पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई। थाना प्रभारी संजय बिश्रोई का कहना है कि कोर्ट के आदेश के बाद छहों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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अधिकारियों पर हैं गंभीर आरोप
बामला गांव निवासी ठेकेदार अशोक ग्रेवाल ने छहों अधिकारियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रेवाल का कहना है कि उक्त अधिकारी मिलीभगत करके पांच लाख तक के टेंडरों का न तो विज्ञापन प्रकाशित कराते थे और न ही विभाग की वेबसाइट पर डालते थे। इतना ही नहीं, टेंडर अपने चहेतों को दे देते थे। इसकी एवज में मोटी रिश्वत लेकर विभाग का नुकसान करते थे। इनमें से कुछ अधिकारी वर्ष 2012 से पहले भिवानी में जन स्वास्थ्य विभाग में कार्यकारी अभियंता के पदों पर कार्यरत रहे हैं।
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ग्रेवाल ने मामला लोकायुक्त तक पहुंचाया। लोकायुक्त की आरोपियों के खिलाफ कड़ी टिप्पणी के बाद विभाग के उच्च अधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ धारा 8 के तहत चार्जशीट जारी की और उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया। इसके बाद ग्रेवाल ने ने यह मामला पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में उठाया। उच्च न्यायालय ने मामले को वापिस भिवानी कोर्ट में ले जाने को कहा।
मुझे इस मामले में कोई जानकारी नहीं है। इसलिए फिलहाल इससे ज्यादा कुछ नहीं बता सकता हूं।
उमेश भारद्वाज, अधीक्षक अभियंता, नारनौल