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300 में से 190 कर्मियों ने लगवाई वैक्सीन
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कर्मचारी को कोरोना वैक्सिन लगाती स्टाफ नर्स। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। कर्मचारियों के उत्साह, झिझक और डर के बीच कोरोना वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत हुई। जिन कर्मचारियों में डर और झिझक थी, वे बहानेबाजी बनाकर पहुंचे ही नहीं। तीनों केंद्रों पर 300 में से 190 को कोरोना वैक्सीन लगाई गई। सामान्य अस्पताल में बने केंद्र पर सबसे अधिक 100 में से 80 कर्मचारियों ने वैक्सीन लगवाई तो लोहारू सीएचसी केंद्र में 77 और केएम स्कूल केंद्र में मात्र 33 कर्मचारियों ने वैक्सीन लगवाई। अभियान के दौरान अधिकारी, कर्मचारी भी कोविड- 19 सुरक्षा नियम भूले नजर आए। सामुदायिक दूरी रही गायब, काफी के चेहरे पर मास्क तक नहीं थे।
सामान्य अस्पताल में अभियान का शुभारंभ विधायक घनश्याम सर्राफ और उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य ने किया। सबसे पहला टीका एंबुलेंस चालक राज कुमार को लगाया गया। उपायुक्त ने राज कुमार से वैक्सीन को लेकर बातचीत की। इसके अलावा अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। इस दौरान स्क्रीन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों को टीकाकरण शुभारंभ पर दिए संदेश को भी दिखाया गया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत, डॉ. रघुबीर शांडिल्य, जिला कोविड प्रभारी डॉ. राजेश, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आशीष सांगवान, डॉ. राज, डॉ. अप्रूवा, डॉ. आयूषी व डॉ. करण पूनिया आदि मौजूद रहे।
12 बजे तक करना पड़ा इंतजार
वैक्सीनेशन की तैयारी 10 बजे ही शुरू हो गई थी। पहले प्रधानमंत्री का संदेश सुनाया गया। विधायक सर्राफ भी समय पर पहुंच चुके थे मगर उपायुक्त पौने 12 बजे अस्पताल पहुंचे और रिबन काटकर शुभारंभ किया। जिसके बाद वैक्सीनेशन शुरू हुआ। कर्मचारियों को 12 बजे तक इंतजार करना पड़ा
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सामुदायिक दूरी भूले अधिकारी, कर्मचारी
पिछले करीब 11 माह से लोगों को सामुदायिक दूरी, मास्क लगाने का संदेश देने वाले अधिकारी, कर्मचारी शनिवार को कोरोना वैक्सीन के शुभारंभ पर स्वयं ही कोविड-19 सुरक्षा नियमों को भूले नजर आए। सामुदायिक दूरी कहीं नजर नहीं आ रही थी। सामुदायिक दूरी तो धक्कामुक्की का आलम रहा। वहीं काफी के चेहरों से मास्क भी गायब थे।
तीन जगह हुआ टीकाकरण
चौ. बंसीलाल राजकीय सामान्य अस्पताल और हांसी गेट स्थित केएम स्कूल के अलावा लोहारू सीएचसी में टीकाकरण हुआ।
जब पहले ही कुछ नहीं हुआ तो अब क्या जरूरत
वैक्सीन को लेकर कर्मचारियों में तरह-तरह की चर्चा रही। कर्मचारी चर्चा करते रहे कि जब कोरोना चरम पर था, तभी उन्हें कुछ नहीं हुआ तो अब तो खत्म हो चुका है। अब इंजेक्शन लगवाने की क्या जरूरत। कहीं इस इंजेक्शन से कोई दिक्कत न हो जाए। वहीं अधिकारी कर्मचारियों को समझाते भी नजर आए।
पहला टोकन सुनील को मिला मगर इंजेक्शन लगा राज कुमार को
टीकाकरण के लिए पहला टोकन स्वास्थ्यकर्मी सुनील को मिला, लेकिन उसके पास आईडी न होने के कारण पहला टीका स्थानीय सेक्टर 13 निवासी 49 वर्षीय राजकुमार को लगा। राजकुमार ने कहा कि यह उसका सौभाग्य है कि पहला टीका उसे लगा है। टीकाकरण से उनके मन-मस्तिष्क में किसी प्रकार कोई घबराहट या भय नहीं है। वे अपने अन्य साथियों का भी मनोबल बढ़ाएंगे।
यूं रही टीकाकरण की व्यवस्था
कोरोना टीकाकरण की व्यवस्था मतदान की तरह बनाई गई। सबसे पहले कर्मचारियों की वेरिफिकेशन हुई। जिसमें सूची में नाम और आईडी जांची गई। वैक्सीनेशन ऑफिसर-2 के पास कर्मचारी का नाम विभाग की कोविन एप में जांचा गया। यहां जांच के बाद रिकार्ड ऑनलाइन कर वैक्सीनेशन के लिए भेजा गया। वैक्सीन के बाद ऑब्जर्वेशन रूम में 30 मिनट तक कर्मचारी को निगरानी में रखा गया। यदि यहां किसी को कोई साइड इफेक्ट होता है तो उनके लिए एएफआई रूम भी बनाया गया।
वर्जन-
पहले चरण में कोरोना योद्धा रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों का टीकाकरण किया जा रहा है। यह वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। इससे प्रथम पंक्ति में काम करने वाले कर्मचारियों में बीमारियों से लड़ने की क्षमता और अधिक बढ़ेगी, जिससे उनके मन में किसी भी प्रकार का भय नहीं रहेगा।
- घनश्याम सर्राफ, विधायक
भिवानी में कोरोना पर लगभग पूरी तरह काबू कर लिया गया है। जिले में पिछले कई दिनों से कोरोना संक्रमित नए मरीजों की जीरो रिपोर्ट हो रही है। इसका पूरा श्रेय स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ लोगों की जागरूकता को जाता है। टीकाकरण पूरी तरह से सुरक्षित है और इसका कोई विपरीत प्रभाव नहीं होगा। यदि किसी को टीकाकरण का कोई प्रतिकूल प्रभाव होता है तो उसके लिए यहीं पर एक रूम स्थापित किया गया है, जहां पर उसका उपचार किया जाएगा। अधिक परेशानी की स्थिति में अग्रोहा मेडिकल कॉलेज या रोहतक पीजीआई भेजा जाएगा।
- जयबीर सिंह आर्य, उपायुक्त भिवानी
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सामान्य अस्पताल में अभियान का शुभारंभ विधायक घनश्याम सर्राफ और उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य ने किया। सबसे पहला टीका एंबुलेंस चालक राज कुमार को लगाया गया। उपायुक्त ने राज कुमार से वैक्सीन को लेकर बातचीत की। इसके अलावा अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। इस दौरान स्क्रीन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों को टीकाकरण शुभारंभ पर दिए संदेश को भी दिखाया गया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत, डॉ. रघुबीर शांडिल्य, जिला कोविड प्रभारी डॉ. राजेश, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आशीष सांगवान, डॉ. राज, डॉ. अप्रूवा, डॉ. आयूषी व डॉ. करण पूनिया आदि मौजूद रहे।
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12 बजे तक करना पड़ा इंतजार
वैक्सीनेशन की तैयारी 10 बजे ही शुरू हो गई थी। पहले प्रधानमंत्री का संदेश सुनाया गया। विधायक सर्राफ भी समय पर पहुंच चुके थे मगर उपायुक्त पौने 12 बजे अस्पताल पहुंचे और रिबन काटकर शुभारंभ किया। जिसके बाद वैक्सीनेशन शुरू हुआ। कर्मचारियों को 12 बजे तक इंतजार करना पड़ा
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सामुदायिक दूरी भूले अधिकारी, कर्मचारी
पिछले करीब 11 माह से लोगों को सामुदायिक दूरी, मास्क लगाने का संदेश देने वाले अधिकारी, कर्मचारी शनिवार को कोरोना वैक्सीन के शुभारंभ पर स्वयं ही कोविड-19 सुरक्षा नियमों को भूले नजर आए। सामुदायिक दूरी कहीं नजर नहीं आ रही थी। सामुदायिक दूरी तो धक्कामुक्की का आलम रहा। वहीं काफी के चेहरों से मास्क भी गायब थे।
तीन जगह हुआ टीकाकरण
चौ. बंसीलाल राजकीय सामान्य अस्पताल और हांसी गेट स्थित केएम स्कूल के अलावा लोहारू सीएचसी में टीकाकरण हुआ।
जब पहले ही कुछ नहीं हुआ तो अब क्या जरूरत
वैक्सीन को लेकर कर्मचारियों में तरह-तरह की चर्चा रही। कर्मचारी चर्चा करते रहे कि जब कोरोना चरम पर था, तभी उन्हें कुछ नहीं हुआ तो अब तो खत्म हो चुका है। अब इंजेक्शन लगवाने की क्या जरूरत। कहीं इस इंजेक्शन से कोई दिक्कत न हो जाए। वहीं अधिकारी कर्मचारियों को समझाते भी नजर आए।
पहला टोकन सुनील को मिला मगर इंजेक्शन लगा राज कुमार को
टीकाकरण के लिए पहला टोकन स्वास्थ्यकर्मी सुनील को मिला, लेकिन उसके पास आईडी न होने के कारण पहला टीका स्थानीय सेक्टर 13 निवासी 49 वर्षीय राजकुमार को लगा। राजकुमार ने कहा कि यह उसका सौभाग्य है कि पहला टीका उसे लगा है। टीकाकरण से उनके मन-मस्तिष्क में किसी प्रकार कोई घबराहट या भय नहीं है। वे अपने अन्य साथियों का भी मनोबल बढ़ाएंगे।
यूं रही टीकाकरण की व्यवस्था
कोरोना टीकाकरण की व्यवस्था मतदान की तरह बनाई गई। सबसे पहले कर्मचारियों की वेरिफिकेशन हुई। जिसमें सूची में नाम और आईडी जांची गई। वैक्सीनेशन ऑफिसर-2 के पास कर्मचारी का नाम विभाग की कोविन एप में जांचा गया। यहां जांच के बाद रिकार्ड ऑनलाइन कर वैक्सीनेशन के लिए भेजा गया। वैक्सीन के बाद ऑब्जर्वेशन रूम में 30 मिनट तक कर्मचारी को निगरानी में रखा गया। यदि यहां किसी को कोई साइड इफेक्ट होता है तो उनके लिए एएफआई रूम भी बनाया गया।
वर्जन-
पहले चरण में कोरोना योद्धा रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों का टीकाकरण किया जा रहा है। यह वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। इससे प्रथम पंक्ति में काम करने वाले कर्मचारियों में बीमारियों से लड़ने की क्षमता और अधिक बढ़ेगी, जिससे उनके मन में किसी भी प्रकार का भय नहीं रहेगा।
- घनश्याम सर्राफ, विधायक
भिवानी में कोरोना पर लगभग पूरी तरह काबू कर लिया गया है। जिले में पिछले कई दिनों से कोरोना संक्रमित नए मरीजों की जीरो रिपोर्ट हो रही है। इसका पूरा श्रेय स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ लोगों की जागरूकता को जाता है। टीकाकरण पूरी तरह से सुरक्षित है और इसका कोई विपरीत प्रभाव नहीं होगा। यदि किसी को टीकाकरण का कोई प्रतिकूल प्रभाव होता है तो उसके लिए यहीं पर एक रूम स्थापित किया गया है, जहां पर उसका उपचार किया जाएगा। अधिक परेशानी की स्थिति में अग्रोहा मेडिकल कॉलेज या रोहतक पीजीआई भेजा जाएगा।
- जयबीर सिंह आर्य, उपायुक्त भिवानी