फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   corona

ईरान से आए युवक को आइसोलेशन वार्ड में कराया भर्ती, रिपोर्ट का इंतजार

Wed, 18 Mar 2020 12:39 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 18 Mar 2020 12:39 AM IST
विज्ञापन
corona
बगैर मॉस्क के ओपीडी में उमड़ी मरीजों की भीड़। - फोटो : Bhiwani
सात दिन पहले ईरान से आए मर्चेंट नेवी के एक कर्मचारी को बुखार-जुकाम की शिकायत के बाद आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। जहां उसका इलाज शुरू हो गया है। कोरोना की जांच के लिए उसका सैंपल पीजीआई रोहतक भेजा गया है। जिसकी रिपोर्ट 24 घंटे में आएगी।
विज्ञापन

सामान्य अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार की दोपहर एक युवक फीजिशियन डॉ. रघुवीर शांडिल्य के पास पहुंचा। उसने सर्दी-जुकाम की शिकायत बताते हुए कहाकि वह मर्चेंट नेवी में काम करता है। उसने बताया कि वह सात मार्च को ईरान से आया है। अब तीन दिन से उसे बुखार हो रहा है और गले में दर्द है। युवक के बीमारी के लक्षण बताते ही अस्पताल में हड़कंप मच गया। डॉक्टर ने उसे तुरंत मास्क उपलब्ध कराते हुए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया। उसका सैंपल जांच के लिए पीजीआई रोहतक भेजा गया। युवक अनाजमंडी चौकी क्षेत्र के एरिया का रहने वाला है। वह सात मार्च को ही ईरान से आया है। जिले में कोराना संदिग्ध मिलने का यह पहला मामला है।
विज्ञापन

ईरान से भिवानी बिना जांच के कैसे पहुंचा
विदेश से आने वाले प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य की गंभीरता से जांच की जा रही है। उसे 28 दिनों तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाता है। ऐसे लोगों को 14 दिन तक महानगरों में बनाए केंद्रों और बाकी 14 दिन जिलास्तर पर निगरानी में रखा जाता है। मगर अस्पताल पहुंचे पहले संदिग्ध मरीज ने बताया कि वह सात मार्च को ही ईरान से भिवानी आया हूं। तीन दिन से उसे बुखार और गले में दर्द की शिकायत है। युवक बिना मास्क के अस्पताल पहुंचा। ऐसे में यह विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे तो गंभीर होंगे हालात
सामान्य अस्पताल की ओपीडी में इतनी भीड़ रहती है कि पांव रखने तक की जगह नहीं होती। फिजिशियन कक्ष, बाल रोग विशेषज्ञ और महिला रोड विशेषज्ञ के कक्षा साथ-साथ है और इनकी औसतन ओपीडी हर रोज करीब एक हजार होती है। सामने आया कोरोना वायरस संदिग्ध मरीज भी सामान्य मरीजों की तरह ओपीडी में आया और फीजिशियन को अपनी बीमारी बताई। ऐसे में यदि कभी कोई पॉजटिव मरीज आता है तो यहां बीमारी फैलने का बेहद खतरा है। बस स्टैंड पर बसों को, रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों और प्लेटफार्म पर बार-बार दवा का स्प्रे किया जा रहा है और ओपीडी में यह सुविधा भी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed