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Bhiwani News: बारिश के बाद अतिरिक्त पानी से लबालब नहर, खाली पड़े अभी भी शहर के जलघर
Sat, 13 Jul 2024 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 13 Jul 2024 12:08 AM IST
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भिवानी। बारिश के बाद अतिरिक्त पानी से नहर लबालब हैं, लेकिन इसके बावजूद शहरी दायरे के जलघर खाली पड़े हैं। यही वजह है कि शहर मानसून में भी राशनिंग झेल रहा है। शहर के अंदर गंदे पानी की आपूर्ति का दंश भी लोग झेल रहे हैं, जिसकी वजह से पेट में संक्रमित बीमारियों का खतरा भी बढ़ा है।
स्वास्थ्य विभाग की जांच में भी इस माह अब तक करीब 130 पानी के सैंपल फेल आ चुके हैं, ये सैंपल अधिकांश पुराने शहरी दायरे के वार्डों के हैं, जहां पुरानी लाइनों से बेहद गंदा पानी आपूर्ति में लोगों को दिया जा रहा है। मानसून के दौरान लीकेज की समस्याओं के निवारण की रफ्तार भी कम हो गई है, मगर शिकायतें डेढ़ से दो गुना तक बढ़ी हैं, क्योंकि बारिश के दौरान नहरों में भी मिट्टी युक्त पानी आ रहा है वहीं लीकेज की वजह से भी सीवर का गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है। गंदे पानी की शिकायतें जिला प्रशासन के समाधान शिविर तक भी पहुंच रही हैं, लेकिन अधिकारियों के आदेश के बावजूद जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग इन शिकायतों का निपटान नहीं करा पा रहा है।
सिंचाई विभाग की नहरों में अतिरिक्त पानी दिया गया है। फिलहाल जूई फीडर में 500 क्यूसेक पानी मिला है। ये पानी अब धीरे-धीरे बढ़ेगा। सुंदर और मित्ताथल में पहले से ही अतिरिक्त पानी है। शहरी दायरे के जलघर टैंक अभी तक आधे भी नहीं भरे गए हैं। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की मानें तो नहर में पानी का स्तर कम होने से केवल एक ही मोटर पंप चालू है, जिससे बेहद कम पानी टैंकों तक आपूर्ति हो रहा है। जबकि पूरे शहर में पानी की खपत अभी भी गर्मी की वजह से प्रति व्यक्ति 70 से 75 लीटर की बनी है।
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स्वास्थ्य विभाग भी लगातार शहरी दायरे से पानी के सैंपल एकत्रित करा रहा है। इस माह में अब तक करीब 130 सैंपलों की रिपोर्ट फेल आ चुकी है। ये पानी जिन हिस्सों में लोग पी रहे हैं वहां के लोगों की हालत भी पतली हो गई है। इन इलाकों से गंदे पानी की शिकायतें भी दर्ज कराई गई हैं, मगर समाधान एक का भी नहीं हुआ है।
दो करोड़ में नई लाइन डाली, फिर पहुंच रहा गंदा पानी : धीरज अखरिया
आदर्श नगर कॉलोनी निवासी धीरज अखरिया ने बताया कि पुराना जलघर से पुराना हाउसिंग बोर्ड और कमला नगर, आदर्श नगर क्षेत्र के लिए करीब दो करोड़ से कुछ साल पहले नई लाइन डाली गई थी, मगर इसके बावजूद लोगों के घरों तक गंदा पानी पहुंच रहा है। नई लाइन भी कई बार लीक हो चुकी है। कमला भवन के सामने पानी की लाइन लीकेज के कारण तो नगर परिषद की मुख्य सड़क भी धंस चुकी है। शिकायतों के बावजूद केवल आश्वासन ही मिले हैं, समाधान नहीं हुआ है।
पीना तो दूर इस्तेमाल करने से भी बच रहे हैं लोग : पार्षद
वार्ड नंबर 25 के पार्षद विनोद प्रजापति का कहना है कि अधिकांश दायरे में लोगों के घरों तक गंदा पानी पहुंच रहा है। पिछले कुछ अर्से पहले वार्ड के लोग कार्यकारी अभियंता कार्यालय पर भी प्रदर्शन कर चुके हैं, बावजूद इसके समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। नल में जो पानी आ रहा है, उसे पीना तो दूर इस्तेमाल करने से भी लोग बच रहे हैं, क्योंकि सीवर युक्त गंदा पानी घर में बाल्टी में भरने से भी बदबू नहीं जाती है। अधिकारियों ने वार्ड स्तर पर शिविर भी लगाए मगर ये शिविर महज ढकोसला ही साबित हुए हैं। शहर के दादरी गेट, जैन चौक से लेकर घोसियान चौक तक के क्षेत्र में पानी की गंभीर किल्लत है, पानी भी गंदा आ रहा है। वार्ड के लोग पार्षद से शिकायत करते हैं, अधिकारी सुनाई नहीं करते।
शहर में गंदे पानी की आपूर्ति का बड़ा मुद्दा : सुरेश सैनी
सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश सैनी ने बताया कि शहर में गंदे पानी की आपूर्ति का बड़ा मुद्दा है। जिस विभाग के कंधों पर शहर को स्वच्छ पानी देने का जिम्मा है, वो विभाग खुद लोगों के घरों तक बीमारियां परोस रहा है, क्योंकि नल से गंदा पानी आ रहा है। ये पानी बारिश के मौसम में पेट की बीमारियों व गंभीर रोगों की वजह भी बन रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग में ऑनलाइन व आफ लाइन शिकायतों पर केवल अधिकारी आश्वासन ही दे रहे हैं। प्रशासन के समाधान शिविर में भी रोजाना गंदे पानी की शिकायतें आ रही हैं, अधिकारी जल्द समाधान का रटारटाया जवाब देकर लोगों को वापस लौटा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग शहरी दायरे में जहां से भी गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायत मिलती है। पानी के सैंपल चेक कर रहे हैं। अधिकांश जगहों पर पानी के सैंपल फेल आ रहे हैं। इन सैंपल की रिपोर्ट जिला प्रशासन के समक्ष भी भेजी जा रही है, ताकि समय रहते संबंधित विभागों के माध्यम से उनका समाधान कराया जा सके। अगर गंदे पानी का लोग पीने में इस्तेमाल करते हैं तो बीमार होने का डर अधिक रहता है।
-डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।
शहर में पानी की लीकेज और गंदे पानी की आपूर्ति की जिन हिस्सों से शिकायत आ रही हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान करा रहे हैं। इस समय नहर में बहुत कम पानी आ रहा है, इससे टैंकों तक पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। फिलहाल शहर में पानी की राशनिंग चल रही है। बारिश के दौरान गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायतें भी बढ़ जाती हैं।
-ताजदीन, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा।
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स्वास्थ्य विभाग की जांच में भी इस माह अब तक करीब 130 पानी के सैंपल फेल आ चुके हैं, ये सैंपल अधिकांश पुराने शहरी दायरे के वार्डों के हैं, जहां पुरानी लाइनों से बेहद गंदा पानी आपूर्ति में लोगों को दिया जा रहा है। मानसून के दौरान लीकेज की समस्याओं के निवारण की रफ्तार भी कम हो गई है, मगर शिकायतें डेढ़ से दो गुना तक बढ़ी हैं, क्योंकि बारिश के दौरान नहरों में भी मिट्टी युक्त पानी आ रहा है वहीं लीकेज की वजह से भी सीवर का गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है। गंदे पानी की शिकायतें जिला प्रशासन के समाधान शिविर तक भी पहुंच रही हैं, लेकिन अधिकारियों के आदेश के बावजूद जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग इन शिकायतों का निपटान नहीं करा पा रहा है।
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सिंचाई विभाग की नहरों में अतिरिक्त पानी दिया गया है। फिलहाल जूई फीडर में 500 क्यूसेक पानी मिला है। ये पानी अब धीरे-धीरे बढ़ेगा। सुंदर और मित्ताथल में पहले से ही अतिरिक्त पानी है। शहरी दायरे के जलघर टैंक अभी तक आधे भी नहीं भरे गए हैं। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की मानें तो नहर में पानी का स्तर कम होने से केवल एक ही मोटर पंप चालू है, जिससे बेहद कम पानी टैंकों तक आपूर्ति हो रहा है। जबकि पूरे शहर में पानी की खपत अभी भी गर्मी की वजह से प्रति व्यक्ति 70 से 75 लीटर की बनी है।
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स्वास्थ्य विभाग भी लगातार शहरी दायरे से पानी के सैंपल एकत्रित करा रहा है। इस माह में अब तक करीब 130 सैंपलों की रिपोर्ट फेल आ चुकी है। ये पानी जिन हिस्सों में लोग पी रहे हैं वहां के लोगों की हालत भी पतली हो गई है। इन इलाकों से गंदे पानी की शिकायतें भी दर्ज कराई गई हैं, मगर समाधान एक का भी नहीं हुआ है।
दो करोड़ में नई लाइन डाली, फिर पहुंच रहा गंदा पानी : धीरज अखरिया
आदर्श नगर कॉलोनी निवासी धीरज अखरिया ने बताया कि पुराना जलघर से पुराना हाउसिंग बोर्ड और कमला नगर, आदर्श नगर क्षेत्र के लिए करीब दो करोड़ से कुछ साल पहले नई लाइन डाली गई थी, मगर इसके बावजूद लोगों के घरों तक गंदा पानी पहुंच रहा है। नई लाइन भी कई बार लीक हो चुकी है। कमला भवन के सामने पानी की लाइन लीकेज के कारण तो नगर परिषद की मुख्य सड़क भी धंस चुकी है। शिकायतों के बावजूद केवल आश्वासन ही मिले हैं, समाधान नहीं हुआ है।
पीना तो दूर इस्तेमाल करने से भी बच रहे हैं लोग : पार्षद
वार्ड नंबर 25 के पार्षद विनोद प्रजापति का कहना है कि अधिकांश दायरे में लोगों के घरों तक गंदा पानी पहुंच रहा है। पिछले कुछ अर्से पहले वार्ड के लोग कार्यकारी अभियंता कार्यालय पर भी प्रदर्शन कर चुके हैं, बावजूद इसके समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। नल में जो पानी आ रहा है, उसे पीना तो दूर इस्तेमाल करने से भी लोग बच रहे हैं, क्योंकि सीवर युक्त गंदा पानी घर में बाल्टी में भरने से भी बदबू नहीं जाती है। अधिकारियों ने वार्ड स्तर पर शिविर भी लगाए मगर ये शिविर महज ढकोसला ही साबित हुए हैं। शहर के दादरी गेट, जैन चौक से लेकर घोसियान चौक तक के क्षेत्र में पानी की गंभीर किल्लत है, पानी भी गंदा आ रहा है। वार्ड के लोग पार्षद से शिकायत करते हैं, अधिकारी सुनाई नहीं करते।
शहर में गंदे पानी की आपूर्ति का बड़ा मुद्दा : सुरेश सैनी
सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश सैनी ने बताया कि शहर में गंदे पानी की आपूर्ति का बड़ा मुद्दा है। जिस विभाग के कंधों पर शहर को स्वच्छ पानी देने का जिम्मा है, वो विभाग खुद लोगों के घरों तक बीमारियां परोस रहा है, क्योंकि नल से गंदा पानी आ रहा है। ये पानी बारिश के मौसम में पेट की बीमारियों व गंभीर रोगों की वजह भी बन रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग में ऑनलाइन व आफ लाइन शिकायतों पर केवल अधिकारी आश्वासन ही दे रहे हैं। प्रशासन के समाधान शिविर में भी रोजाना गंदे पानी की शिकायतें आ रही हैं, अधिकारी जल्द समाधान का रटारटाया जवाब देकर लोगों को वापस लौटा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग शहरी दायरे में जहां से भी गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायत मिलती है। पानी के सैंपल चेक कर रहे हैं। अधिकांश जगहों पर पानी के सैंपल फेल आ रहे हैं। इन सैंपल की रिपोर्ट जिला प्रशासन के समक्ष भी भेजी जा रही है, ताकि समय रहते संबंधित विभागों के माध्यम से उनका समाधान कराया जा सके। अगर गंदे पानी का लोग पीने में इस्तेमाल करते हैं तो बीमार होने का डर अधिक रहता है।
-डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।
शहर में पानी की लीकेज और गंदे पानी की आपूर्ति की जिन हिस्सों से शिकायत आ रही हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान करा रहे हैं। इस समय नहर में बहुत कम पानी आ रहा है, इससे टैंकों तक पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। फिलहाल शहर में पानी की राशनिंग चल रही है। बारिश के दौरान गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायतें भी बढ़ जाती हैं।
-ताजदीन, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा।