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Bhiwani News: लंपी स्किन, मुंहखुर, गलघोटू की बीमारी की रोकथाम की वैक्सीनेशन में भिवानी प्रदेश में अव्वल
Mon, 25 Sep 2023 10:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 25 Sep 2023 10:22 PM IST
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पशुओं की वैक्सीनेशन करते चिकित्सक।
भिवानी। कृषि एवं पशुपालन मंत्री के प्रयासों से पशुपालन विभाग प्रदेश में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। पशुपालन की योजनाओं को क्रियान्वित करने में जिला भिवानी का नाम अव्वल है, जिसकी सराहना मुख्यालय स्तर पर भी हो रही है। लंपी स्किन, मुंहखुर तथा गलघोटू की बीमारी की रोकथाम में वैक्सीनेशन में जिला भिवानी प्रदेश में पहले स्थान पर है।
पशुपालकों की आय व पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए कृषि एवं पशुपालन मंत्री दलाल ने सब्सिडी पर आधारित अनेक योजनाएं चलाई हैं। पशुपालन में भेड़ व बकरियों की खरीद पर 50 लाख रुपये तक सब्सिडी दी जा रही है। इसी प्रकाश पशुओं के लिए चारा बनाने वाली फैक्ट्री के लिए दो करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। एनएलएसएम स्कीम के तहत भेड़-बकरी व बड़ी डेयरी स्थापित करने के लिए ऋण प्रदान किया जा रहा है। जिले में ऐसी दो यूनिट स्थापित की जा चुकी हैं। पूरे प्रदेश में इन यूनिटों के लिए 195 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें जागरूकता के चलते अकेले 67 आवेदन भिवानी जिले से हैं।
पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. रविंद्र सहरावत ने बताया कि पशुधन बीमा योजना के तहत भिवानी जिले में अब तक करीब 13 हजार पशुओं का बीमा किया गया है, जो प्रदेश में प्रथम स्थान पर हैं। लंपी स्किन बीमारी की रोकथाम के लिए जिला में एक लाख 12 हजार गोवंश की वैक्सीनेशन की गई है, जो प्रदेश में अव्वल है। जिले में मुंहखुर तथा गलघोटू की बीमारी की रोकथाम में जिला में तीन लाख आठ हजार पशुओं का वैक्सीनेशन किया गया है, इस अभियान में भी जिला भिवानी पहले स्थान पर है।
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उन्होंने बताया कि पशुपालकों के हित में विभिन्न योजनाओं के तहत सब्सिडी देने में जिले का प्रदेश में प्रथम स्थान है। इसके अलावा जिला में पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड बनाने में भी जिला का सहरानीय योगदान है। गरीब लोगों के जीवन यापन के लिए निशुल्क बैकयार्ड पोल्ट्री स्कीम के तहत जिला भिवानी में 92 यूनिट स्थापित की जा चुकी हैं। गायों के लिए निर्धारित 130 प्रतियोगिता का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। इसी प्रकार भैंस की प्रतियोगिताएं करवाई जा रही हैं।
कृषि एवं पशुपालन मंत्री जेपी दलाल के निर्देशानुसार पशुपालन विभाग द्वारा योजनाओं को बिना किसी विलंब से क्रियान्वित किया जा रहा है। इसके लिए समय-समय पर विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए जाते हैं कि वे पशुपालकों को पशुपालन से संंबंधित योजनाओं के बारे में जागरूक करें। जागरूकता का ही परिणाम है कि विभाग अपना लक्ष्य हासिल कर रहा है।
- नरेश नरवाल, उपायुक्त भिवानी।
पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए नई-नई योजनाएं लागू की जा रही हैं। पशुपालकों को चाहिए कि वे इन योजनाओं का लाभ उठाएं। पशुपालन विभाग पशुओं की नस्ल सुधार के लिए नवीनतम तकनीक पर काम कर रहा है। पशुपालन के लिए 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है।
- जेपी दलाल, कृषि एवं पशुपालन मंत्री, हरियाणा।
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पशुपालकों की आय व पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए कृषि एवं पशुपालन मंत्री दलाल ने सब्सिडी पर आधारित अनेक योजनाएं चलाई हैं। पशुपालन में भेड़ व बकरियों की खरीद पर 50 लाख रुपये तक सब्सिडी दी जा रही है। इसी प्रकाश पशुओं के लिए चारा बनाने वाली फैक्ट्री के लिए दो करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। एनएलएसएम स्कीम के तहत भेड़-बकरी व बड़ी डेयरी स्थापित करने के लिए ऋण प्रदान किया जा रहा है। जिले में ऐसी दो यूनिट स्थापित की जा चुकी हैं। पूरे प्रदेश में इन यूनिटों के लिए 195 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें जागरूकता के चलते अकेले 67 आवेदन भिवानी जिले से हैं।
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पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. रविंद्र सहरावत ने बताया कि पशुधन बीमा योजना के तहत भिवानी जिले में अब तक करीब 13 हजार पशुओं का बीमा किया गया है, जो प्रदेश में प्रथम स्थान पर हैं। लंपी स्किन बीमारी की रोकथाम के लिए जिला में एक लाख 12 हजार गोवंश की वैक्सीनेशन की गई है, जो प्रदेश में अव्वल है। जिले में मुंहखुर तथा गलघोटू की बीमारी की रोकथाम में जिला में तीन लाख आठ हजार पशुओं का वैक्सीनेशन किया गया है, इस अभियान में भी जिला भिवानी पहले स्थान पर है।
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उन्होंने बताया कि पशुपालकों के हित में विभिन्न योजनाओं के तहत सब्सिडी देने में जिले का प्रदेश में प्रथम स्थान है। इसके अलावा जिला में पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड बनाने में भी जिला का सहरानीय योगदान है। गरीब लोगों के जीवन यापन के लिए निशुल्क बैकयार्ड पोल्ट्री स्कीम के तहत जिला भिवानी में 92 यूनिट स्थापित की जा चुकी हैं। गायों के लिए निर्धारित 130 प्रतियोगिता का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। इसी प्रकार भैंस की प्रतियोगिताएं करवाई जा रही हैं।
कृषि एवं पशुपालन मंत्री जेपी दलाल के निर्देशानुसार पशुपालन विभाग द्वारा योजनाओं को बिना किसी विलंब से क्रियान्वित किया जा रहा है। इसके लिए समय-समय पर विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए जाते हैं कि वे पशुपालकों को पशुपालन से संंबंधित योजनाओं के बारे में जागरूक करें। जागरूकता का ही परिणाम है कि विभाग अपना लक्ष्य हासिल कर रहा है।
- नरेश नरवाल, उपायुक्त भिवानी।
पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए नई-नई योजनाएं लागू की जा रही हैं। पशुपालकों को चाहिए कि वे इन योजनाओं का लाभ उठाएं। पशुपालन विभाग पशुओं की नस्ल सुधार के लिए नवीनतम तकनीक पर काम कर रहा है। पशुपालन के लिए 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है।
- जेपी दलाल, कृषि एवं पशुपालन मंत्री, हरियाणा।