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फर्जी डिग्री को लेकर बड़वा गांव की सरपंच सस्पेंड
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 05 Oct 2016 12:57 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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भिवानी के सिवानी मंडी में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार कथित रूप से फर्जी शैक्षणिक योग्यता को लेकर सवालों में घिरी सरपंच निर्मला देवी के खिलाफ जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए सस्पेंड कर दिया है। बता दें कि इस मामले को लेकर जिला प्रशासन की तरफ से दो बार सरपंच को नोटिस तो जारी किया गया था, लेकिन कार्रवाई 8 माह बाद हुई है।
उपमंडल के सबसे बड़े गांव बड़वा में निर्मला देवी ने जीत दर्ज की थी। सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित इस सीट से उन्होंने गांव के धुरंधरों को पटखनी दी थी। जिसके बाद उनकी शैक्षणिक योग्यता को लेकर सवाल उठने लगे थे। इस दौरान उपायुक्त पंकज को सरपंच की कथित फर्जी डिग्री की शिकायत गांव के नवनीत कुमार तथा रमेश कुमार की तरफ से मिली थी। इसे लेकर उपायुक्त ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को जांच के आदेश दिए थे। दो माह पूर्व जारी किए गए नोटिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच के दौरान सरपंच की डिग्री को लेकर लगाए गए आरोप सच साबित हुए थे। डीसी की तरफ से सरपंच को जारी किए गए नोटिस में उपायुक्त ने साफ लिखा गया था कि चुनाव के समय नामांकन पत्र के साथ लगाई गई मैट्रिक प्रमाण पत्र भारतीय शिक्षा परिषद् लखनऊ से वर्ष 2008 में जारी की गई है। यह प्रमाण पत्र हरियाणा में किसी भी विश्वविद्यालय और बोर्ड में मान्यता प्राप्त नहीं है। उन्होंने कहा था कि इस तरह से सरपंच की शैक्षणिक योग्यता का प्रमाण पत्र वैध नहीं है। इस मामले में सरपंच ने अपना जवाब भी दाखिल कर दिया था, लेकिन उपायुक्त ने इस मामले को अदालती कार्रवाई का हिस्सा बताकर अधर में लटका दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने इसे राजनैतिक दबाव बताकर मामले की निष्पक्ष जांच के लिए हिसार मंडल के आयुक्त से मिलकर कार्रवाई की मांग की थी।
विरोध के बाद प्रशासन ने लिया निर्णय
जिला प्रशासन ने ग्रामीणों के विरोध के बाद बड़वा की सरपंच निर्मला देवी को दोबारा से नोटिस जारी कर अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए। इसे लेकर सोशल मीडिया पर प्रशासन की जमकर किरकिरी हो रही थी। मंगलवार को मामले की फाइल डीसी के पास पहुंची। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार गांव की सरपंच निर्मला देवी को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया गया है।
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नहीं हैं, आदेशों की जानकारी : सरपंच प्रतिनिधि
इस बारे में गांव की सरपंच निर्मला देवी के पति नंदकिशोर नंबरदार ने इसे महज अफवाह बताते हुए कहा कि उन्हें जिला उपायुक्त के ऐसे किसी आदेशों की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि यह मामला अदालत में भी विचाराधीन है।
उपमंडल के सबसे बड़े गांव बड़वा में निर्मला देवी ने जीत दर्ज की थी। सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित इस सीट से उन्होंने गांव के धुरंधरों को पटखनी दी थी। जिसके बाद उनकी शैक्षणिक योग्यता को लेकर सवाल उठने लगे थे। इस दौरान उपायुक्त पंकज को सरपंच की कथित फर्जी डिग्री की शिकायत गांव के नवनीत कुमार तथा रमेश कुमार की तरफ से मिली थी। इसे लेकर उपायुक्त ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को जांच के आदेश दिए थे। दो माह पूर्व जारी किए गए नोटिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच के दौरान सरपंच की डिग्री को लेकर लगाए गए आरोप सच साबित हुए थे। डीसी की तरफ से सरपंच को जारी किए गए नोटिस में उपायुक्त ने साफ लिखा गया था कि चुनाव के समय नामांकन पत्र के साथ लगाई गई मैट्रिक प्रमाण पत्र भारतीय शिक्षा परिषद् लखनऊ से वर्ष 2008 में जारी की गई है। यह प्रमाण पत्र हरियाणा में किसी भी विश्वविद्यालय और बोर्ड में मान्यता प्राप्त नहीं है। उन्होंने कहा था कि इस तरह से सरपंच की शैक्षणिक योग्यता का प्रमाण पत्र वैध नहीं है। इस मामले में सरपंच ने अपना जवाब भी दाखिल कर दिया था, लेकिन उपायुक्त ने इस मामले को अदालती कार्रवाई का हिस्सा बताकर अधर में लटका दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने इसे राजनैतिक दबाव बताकर मामले की निष्पक्ष जांच के लिए हिसार मंडल के आयुक्त से मिलकर कार्रवाई की मांग की थी।
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विरोध के बाद प्रशासन ने लिया निर्णय
जिला प्रशासन ने ग्रामीणों के विरोध के बाद बड़वा की सरपंच निर्मला देवी को दोबारा से नोटिस जारी कर अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए। इसे लेकर सोशल मीडिया पर प्रशासन की जमकर किरकिरी हो रही थी। मंगलवार को मामले की फाइल डीसी के पास पहुंची। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार गांव की सरपंच निर्मला देवी को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया गया है।
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नहीं हैं, आदेशों की जानकारी : सरपंच प्रतिनिधि
इस बारे में गांव की सरपंच निर्मला देवी के पति नंदकिशोर नंबरदार ने इसे महज अफवाह बताते हुए कहा कि उन्हें जिला उपायुक्त के ऐसे किसी आदेशों की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि यह मामला अदालत में भी विचाराधीन है।