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कर्मचारियों का सरकार के खिलाफ शंखनाद
ब्यूरो अमर उजाला
Updated Sat, 16 Apr 2016 12:25 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सर्व कर्मचारी संघ के 14 वें राज्य स्तरीय सम्मेलन के पहले दिन सरकार के खिलाफ आंदोलन का शंखनाद किया। प्रदेशभर के कर्मचारी 9 अगस्त को मुख्यमंत्री के गृहनगर करनाल में महारैली करेंगे। इसके बाद दो सितंबर को देशव्यापी चक्का जाम करेंगे। कर्मचारी नेताओं के निशाने पर आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) रहा। आरोप लगाया कि आरएसएस सरकार को कंट्रोल कर रही है। कर्मचारी, मजदूर तबके के लिए काम करने वाले लाल झंडे को सरकार दबाना चाहती है और पूंजीपतियों को फायदा पहुंचा रही है। मेहनतकश मजदूर, किसानों, कामकाजी महिला, बेरोजगार युवाओं के भविष्य के प्रति केंद्र व प्रदेश सरकार उदासीन है।
शुक्रवार से जिले में 25 साल बाद हो रहे प्र्रदेश स्तरीय सम्मेलन के तहत हुडा ग्राउंड में खुले अधिवेशन सत्र में सीआईटीयू (सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड एके पदमनाभन व राज्य प्रधान कामरेड सुरेंद्र मलिक ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की। वक्ता पद्मनाभन ने कहा कि श्रम कानूनों का दोहन किया जा रहा है। सरकार के प्रतिनिधि लेबोरेट्री में गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान जैसे प्रयोग करके हरियाणा में भी अराजकता, सांप्रदायिकता व जात-पात का जहर घोल कर लोगों को मुद्दों से भटकाना चाहती है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व वित्त मंत्री मनमोहन सिंह से लेकर अरुण जेटली तक ने मेहनतकश मजदूर, कर्मचारी वर्ग की नीतियों को बचाने की जगह बेचने का काम किया है। 40 मिनट के भाषण में उन्होंने सरकार को पूरी तरह आरएसएस के नियंत्रण में बताया और कहा कि लगातार महंगाई बढ़ती जा रही है, निजीकरण व ठेका प्रथा से रोजगार मिल नहीं रहे, हर रोज भूखे मरने की नौबत आ रही है। सर्व कर्मचारी संघ राज्य प्रधान सुरेंद्र मलिक केंद्र व प्रदेश सरकार को जुमलों की सरकार बताते हुए कहा कि पूंजीपतियों के खिलाफ खड़ा होने पर देशद्रोही माना जाता है। सरकार की मजदूर व किसान विरोधी नीतियों से किसानों की आत्महत्या करने में 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस मौके पर ओमप्रकाश, राज्य प्रधान धर्मबीर फौगाट, संघ के संस्थापक फूल सिंह श्योकंद, बनवारीलाल बिश्रोई, आरसी जग्गा, सत्यपाल सिवाच, मा. शेर सिंह, सुभाष लांबा, मा. वजीर सिंह, मुकेश, कंवीनर सविता, सुनीता आदि मौजूद रहे।
कर्मचारियों ने शहर में निकाला विरोध मार्च
ाज्यस्तरीय सम्मेलन के पहले दिन खुला अधिवेशन सत्र के समापन के बाद सर्व कर्मचारी संघ ने शहर में लंबा विरोध मार्च निकालकर अपनी ताकत की नुमाइश की। विरोध मार्च इतना लंबा रहा कि जत्थे का पहला कर्मचारी महम चौक पर तो अंतिम कर्मचारी जू मोड़ पर था। सभी कर्मचारी हाथों में झंडा लेकर कर्मचारी एकता जिंदाबाद का नारा लगाते हुए हुडा ग्राउंड से चलकर पुराना बस अड्डा, महम गेट, रोहतक गेट, सब्जी मंडी होते हुए राधास्वामी सत्संग भवन पहुंचे।
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अधिवेशन की झलकियां
- सर्व कर्मचारी संघ की उपप्रधान मुकेश के गीत 'भारत माता के जयकारे पर, मचा ये बवाल देखियों....Ó पर खूब तालियां बजी।
- सुरेंद्र मलिक ने बाबा रामदेव को लाला रामदेव की संज्ञा दी।
- फूल सिंह श्योकंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बार-बार कपड़े बदलने पर तंज कसा तो पंडाल ठहाकों से गूंज उठा। श्योकंद ने कहा कि प्रधानमंत्री नई नवेली दुल्हन की तरह कपड़े बदलते हैं।
- कर्मचारी संघ के संस्थापक फूल सिंह श्योकंद ने प्रधानमंत्री को झूठा नंबर 1, ड्रामेबाज नंबर 2 व अमेरिका का दलाल नंबर 3 की संज्ञा दी।
- जात-धर्म पर नहीं बटेंगे, एक थे एक ही रहेंगे के नारे का बार-बार उद्घोष होता रहा।
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शुक्रवार से जिले में 25 साल बाद हो रहे प्र्रदेश स्तरीय सम्मेलन के तहत हुडा ग्राउंड में खुले अधिवेशन सत्र में सीआईटीयू (सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड एके पदमनाभन व राज्य प्रधान कामरेड सुरेंद्र मलिक ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की। वक्ता पद्मनाभन ने कहा कि श्रम कानूनों का दोहन किया जा रहा है। सरकार के प्रतिनिधि लेबोरेट्री में गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान जैसे प्रयोग करके हरियाणा में भी अराजकता, सांप्रदायिकता व जात-पात का जहर घोल कर लोगों को मुद्दों से भटकाना चाहती है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व वित्त मंत्री मनमोहन सिंह से लेकर अरुण जेटली तक ने मेहनतकश मजदूर, कर्मचारी वर्ग की नीतियों को बचाने की जगह बेचने का काम किया है। 40 मिनट के भाषण में उन्होंने सरकार को पूरी तरह आरएसएस के नियंत्रण में बताया और कहा कि लगातार महंगाई बढ़ती जा रही है, निजीकरण व ठेका प्रथा से रोजगार मिल नहीं रहे, हर रोज भूखे मरने की नौबत आ रही है। सर्व कर्मचारी संघ राज्य प्रधान सुरेंद्र मलिक केंद्र व प्रदेश सरकार को जुमलों की सरकार बताते हुए कहा कि पूंजीपतियों के खिलाफ खड़ा होने पर देशद्रोही माना जाता है। सरकार की मजदूर व किसान विरोधी नीतियों से किसानों की आत्महत्या करने में 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस मौके पर ओमप्रकाश, राज्य प्रधान धर्मबीर फौगाट, संघ के संस्थापक फूल सिंह श्योकंद, बनवारीलाल बिश्रोई, आरसी जग्गा, सत्यपाल सिवाच, मा. शेर सिंह, सुभाष लांबा, मा. वजीर सिंह, मुकेश, कंवीनर सविता, सुनीता आदि मौजूद रहे।
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कर्मचारियों ने शहर में निकाला विरोध मार्च
ाज्यस्तरीय सम्मेलन के पहले दिन खुला अधिवेशन सत्र के समापन के बाद सर्व कर्मचारी संघ ने शहर में लंबा विरोध मार्च निकालकर अपनी ताकत की नुमाइश की। विरोध मार्च इतना लंबा रहा कि जत्थे का पहला कर्मचारी महम चौक पर तो अंतिम कर्मचारी जू मोड़ पर था। सभी कर्मचारी हाथों में झंडा लेकर कर्मचारी एकता जिंदाबाद का नारा लगाते हुए हुडा ग्राउंड से चलकर पुराना बस अड्डा, महम गेट, रोहतक गेट, सब्जी मंडी होते हुए राधास्वामी सत्संग भवन पहुंचे।
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- सर्व कर्मचारी संघ की उपप्रधान मुकेश के गीत 'भारत माता के जयकारे पर, मचा ये बवाल देखियों....Ó पर खूब तालियां बजी।
- सुरेंद्र मलिक ने बाबा रामदेव को लाला रामदेव की संज्ञा दी।
- फूल सिंह श्योकंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बार-बार कपड़े बदलने पर तंज कसा तो पंडाल ठहाकों से गूंज उठा। श्योकंद ने कहा कि प्रधानमंत्री नई नवेली दुल्हन की तरह कपड़े बदलते हैं।
- कर्मचारी संघ के संस्थापक फूल सिंह श्योकंद ने प्रधानमंत्री को झूठा नंबर 1, ड्रामेबाज नंबर 2 व अमेरिका का दलाल नंबर 3 की संज्ञा दी।
- जात-धर्म पर नहीं बटेंगे, एक थे एक ही रहेंगे के नारे का बार-बार उद्घोष होता रहा।