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लगातार दूसरे दिन बर्मिंघम में चले भिवानी के मुक्केबाजों के पंच, दूसरा पदक किया पक्का
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फोटो 102 मुक्केबाज जैसमीन व कोच
- फोटो : Bhiwani
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भिवानी। इंग्लैंड के शहर बर्मिंघम में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में जिले की मुक्केबाज नीतू घनघस के बाद जैस्मिन लंबोरिया में भी कॉमनवेल्थ गेम्स में सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है। महिला मुक्केबाज जैस्मिन के बेहतरीन प्रदर्शन के बाद उसके परिजनों व समर्थकों ने लड्डूृ बांटकर खुशी जाहिर की। बॉक्सिंग के 60 किलोग्राम भारवर्ग में भारत की जैस्मिन ने भी सेमीफाइनल में जगह बना ली है। इसके साथ ही उन्होंने भी पदक पक्का कर लिया है।
जैस्मिन ने क्वार्टर फाइनल में मुकाबले में न्यूजीलैंड की टोरी ग्रांटन को 4-1 से हराया है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारतीय मुक्केबाजों ने पांच पदक पक्के कर लिए हैं। जैस्मिन के बेहतर प्रदर्शन पर महंत डॉ. अशोक गिरी महाराज, महंत दौलतराम, पिता जयबीर सिंह, माता जोगेंद्र कौर, कोच प्रविंद्र, कोच संदीप ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी पूरा विश्वास है कि जैस्मिन स्वर्ण पदक लेकर वतन लौटेगी। अब छह अगस्त को जैस्मिन का इंग्लैंड की मुक्केबाज के साथ सेमीफाइनल में मुकाबला होगा।
जैस्मिन ने विश्व चैम्पियन को हराकर बनाई विशेष पहचान
हालुवास गेट क्षेत्र में महताब दास की ढाणी निवासी बॉक्सर जैस्मीन लंबोरिया (20) ने वर्ष 2016 में मुक्केबाजी में चाचा प्रविंद्र और संदीप के मार्गदर्शन में बॉक्सिंग शुरू की। जैस्मिन 60 किलोग्राम भारवर्ग की मुक्केबाज है। जैस्मिन के पिता जयबीर लंबोरिया अनुबंध आधार पर सुरक्षाकर्मी की नौकरी कर रहे हैं। जैस्मिन ने मुक्केबाजी के छह साल के इस सफर में नेशनल से लेकर वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर को हराकर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
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जैस्मिन लंबोरिया की प्रमुख उपलब्धियां:
- वर्ष 2021 में दुबई में आयोजित एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक
- वर्ष 2021 में बॉक्सम इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में सिल्वर मेडल
जैस्मिन ने मैच में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। वह सामने वाले मुक्केबाज को अपने नजदीक नहीं आने देती जिसे पंचों से बचाव करती है और खुद सही ढंग से पंच लगाती है। जिले की दो मुक्केबाजों नीतू घनघस और जैस्मिन ने पदक पक्के किये हैं, जोकि गौरवान्वित कर देने वाले क्षण है। हमें पूरा विश्वास है नीतू और जैस्मिन स्वर्ण पदक लेकर वतन लौटेगी।
- राजनारायण पंघाल, प्रवक्ता, हरियाणा बॉक्सिंग संघ।
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जैस्मिन ने क्वार्टर फाइनल में मुकाबले में न्यूजीलैंड की टोरी ग्रांटन को 4-1 से हराया है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारतीय मुक्केबाजों ने पांच पदक पक्के कर लिए हैं। जैस्मिन के बेहतर प्रदर्शन पर महंत डॉ. अशोक गिरी महाराज, महंत दौलतराम, पिता जयबीर सिंह, माता जोगेंद्र कौर, कोच प्रविंद्र, कोच संदीप ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी पूरा विश्वास है कि जैस्मिन स्वर्ण पदक लेकर वतन लौटेगी। अब छह अगस्त को जैस्मिन का इंग्लैंड की मुक्केबाज के साथ सेमीफाइनल में मुकाबला होगा।
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जैस्मिन ने विश्व चैम्पियन को हराकर बनाई विशेष पहचान
हालुवास गेट क्षेत्र में महताब दास की ढाणी निवासी बॉक्सर जैस्मीन लंबोरिया (20) ने वर्ष 2016 में मुक्केबाजी में चाचा प्रविंद्र और संदीप के मार्गदर्शन में बॉक्सिंग शुरू की। जैस्मिन 60 किलोग्राम भारवर्ग की मुक्केबाज है। जैस्मिन के पिता जयबीर लंबोरिया अनुबंध आधार पर सुरक्षाकर्मी की नौकरी कर रहे हैं। जैस्मिन ने मुक्केबाजी के छह साल के इस सफर में नेशनल से लेकर वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर को हराकर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
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जैस्मिन लंबोरिया की प्रमुख उपलब्धियां:
- वर्ष 2021 में दुबई में आयोजित एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक
- वर्ष 2021 में बॉक्सम इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में सिल्वर मेडल
जैस्मिन ने मैच में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। वह सामने वाले मुक्केबाज को अपने नजदीक नहीं आने देती जिसे पंचों से बचाव करती है और खुद सही ढंग से पंच लगाती है। जिले की दो मुक्केबाजों नीतू घनघस और जैस्मिन ने पदक पक्के किये हैं, जोकि गौरवान्वित कर देने वाले क्षण है। हमें पूरा विश्वास है नीतू और जैस्मिन स्वर्ण पदक लेकर वतन लौटेगी।
- राजनारायण पंघाल, प्रवक्ता, हरियाणा बॉक्सिंग संघ।