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ब्लैक फंगस : भिवानी स्वास्थ्य विभाग के पास न इंजेक्शन, न दवा, बस बचाव ही एकमात्र उपाय
Mon, 17 May 2021 05:22 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिवानी (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिवानी (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 17 May 2021 05:22 PM IST
सार
ब्लैक फंगस को हरियाणा सरकार ने अधिसूचित रोग घोषित कर दिया है, लेकिन इसके इलाज के लिए जरूरी दवाओं और इंजेक्शन का भिवानी में अभाव है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
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विस्तार
भिवानी में कोरोना वायरस के साथ अब म्यूकोरमाइकोसिस फंगस यानी ब्लैक फंगस का भी खतरा मंडराने लगा है। भले ही स्वास्थ्य विभाग इलाज का दावा करें मगर सच्चाई यह है कि विभाग के पास न लीपोसॉमल एमफारटेरिशन-बी इंजेक्शन है और न ही इसके लिए आने वाली विशेष एंटी फंगस दवाइयां। स्वास्थ्य विभाग के पास ही नहीं बाजारों में भी ब्लैक फंगस का इंजेक्शन और दवाइयां नहीं है। ऐसे में सावधानी ही इसका एकमात्र बचाव है।
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कमजोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों और कोरोना संक्रमितों के लिए ब्लैक फंगस बड़ा खतरा बन गया है। हरियाणा में इसकी दस्तक होने के साथ ही लोगों की चिंता ज्यादा बढ़ गई है। ज्यादा खतरा कोरोना संक्रमितों में मंडरा रहा है। सामान्य अस्पताल में भले ही मरीजों की निगरानी के लिए ईएनटी, नेत्र रोग विशेषज्ञ, सर्जन, फिजिशियन की ड्यूटी लगा दी हो मगर इलाज की बात करें तो स्वास्थ्य विभाग के हाथ भी खाली है। स्वास्थ्य विभाग के पास न लीपोसॉमल एमफारटेरिशन-बी इंजेक्शन है और न ही इस तरह के विशेष फंगल इंफेक्शन के लिए दवाइयां। ऐसे में विशेषज्ञों की राय है कि सुरक्षा में ही बचाव है।
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सावधानी रखें लोग
सामान्य अस्पताल से सीनियर मेडिकल ऑफिसर और फिजिशियन डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने लोगों को बचाव पर ही फोकस करने की सलाह दी है। मरीज किसी का इस्तेमाल किया हुआ मास्क न लगाए। ऑक्सीजन का नया मास्क लें और ऑक्सीजन चैंबर का पानी बदलते रहे। संक्रमित या आशंकित मरीज को एंटी फंगल दवा दें।
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