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सिंगल यूज पॉलिथीन पर लगी रोक, पहले 20 दिन किया जाएगा जागरूक, फिर कटेंगे चालान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 02 Jul 2022 12:15 AM IST
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Ban on single use polythene, first 20 days will be made aware, then challan will be deducted
संजय वर्मा
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भिवानी। सिंगल यूज प्लास्टिक पर पाबंदी के बाद कई सेवाओं पर संकट मंडराने लगा है। भले ही पर्यावरण बेहतरी के लिए ये कदम सराहनीय हैं, मगर फिलहाल हालात ऐसे हैं, कि डॉयरी प्रोडक्ट से लेकर शादी समारोह व होटलों तक में सिंगल यूज प्लास्टिक इस्तेमाल किया जा रहा है। ब्रांडेड कंपनियां भी सिंगल यूज प्लास्टिक पैकिंग पर निर्भर हैं। जिसकी आदत भी अब लोगों को पड़ गई है। सिंगल प्लास्टिक यूज पर पाबंदी के 20 दिनों तक तो जिला प्रशासन और संबंधित प्रदूषण नियंत्रण विभाग केवल जागरूकता की अलख जगाएगा, लेकिन इसके बाद चालान काटने के लिए प्रशासन भी एक्शन मुड़ में आएगा। सीटीएम, एसडीएम सहित 21 सरकारी विभागों के अधिकारी नियम तोडने पर चालान काट सकेंगे वहीं 19 प्लास्टिक प्रोडक्ट भी मार्केट व घरों से गायब हो जाएंगे। बच्चों की जीभ का जायका बढ़ाने वाली लालीपॉप से लेकर प्लास्टिक से बनी चम्मच तक इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
सिंगल यूज प्लास्टिक इस्तेमाल करने में भले ही आसान हैं, मगर इसके पर्यावरण और लोगों की सेहत पर बड़े की घातक परिणाम सामने आ रहे हैं। यही वजह है कि इस पर पाबंदी लगाना अब जरूरी हो गया है। एक बार इस्तेमाल कर इसे हम फेंकते समय जरा भी नहीं सोचते हैं कि ये प्लास्टिक न तो डिस्कंपोज होगा और इसे जलाया तो हवा में कितना प्रदूषण का जहर घुलेगा। भिवानी जिले में रोजाना ही करीब दो टन प्लास्टिक कचरा भी निकल रहा है। इसमें से अधिकतर प्लास्टिक कचरे को तो कचरा बीनने वाले छंटाई कर इसे रिसाइक्ल करने वालों को बेचकर अपना गुजर बसर कर रहे हैं, लेकिन सूखे कचरे में पूरी तरह प्लास्टिक कचरा नहीं छंट पाता, जो सीधे डंपिंग स्टेशनों तक पहुंच रहा है। यहां पर भी ये कचरा कई दशकों तक यहां पड़ा है। शहर के दादरी रोड पर डंपिंग स्टेशन पर कचरा निस्तारण का ठेका दिया हुआ है, जो कंपनी प्लास्टिक व सूखे कचरे को अलग अलग कर रही है।
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प्लास्टिक कचरे ने बिगाड़ी शहर के सीवरेज की सेहत
प्लास्टिक कचरा शहर वासियों के लिए आफत बना है तो शहरी सीवरेज की सेहत भी प्लास्टिक कचरे ने बिगाड़ दी है। शहर में अधिकतर हिस्सों में जाम पड़े सीवरेज में प्लास्टिक कचरा मुख्य वजह मानी जा रही है। ये कचरा न तो गंदे पानी की आगे निकासी होने देता है और न ही सीवरेज सिस्टम को अपने तरीके से काम करने देता है। शहर में करीब 20 से 22 किलोमीटर लंबाई तक सीवर लाइन बिछी है। इस सीवर लाइन से भी रोजाना 50 क्विंटल तक कचरा निकल रहा है।
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20 दिनों तक स्टॉक निकालने की रहेगी मोहलत, फिर एक्शन में आएंगे विभाग
फिलहाल नियम लागू होने के बाद सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर जिला प्रशासन और अधिकारी करीब 20 दिनों तक तो बाजारों व लोगों को जागरूक ही करेंगे, इसके बाद एक्शन मुड़ में आएंगे। क्योंकि अधिकतर दुकानदारों की दलील है कि उनके पास सिंगल यूज प्लास्टिक का काफी स्टॉक जमा हैं, जिसे निकाला जाएगा।
भिवानी के प्लास्टिक दाना उद्योग भी बनेंगे प्रशासन के सारथी
सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंद लगाने के बाद भिवानी के प्लास्टिक दाना उद्योग भी इस योजना में प्रशासन के सारथी बनेंगे। क्योंकि प्लास्टिक का निस्तारण कर उनका दाना बनाने में ये उद्योग काफी कारगर सिद्ध होंगे। अधिकतर प्लास्टिक दाना उद्योगों में सिंगल यूज प्लास्टिक ही इस्तेमाल हो रहा है। जिसका विस्तारण भी इन लघु उद्योगों से हो जाता है।
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इन प्लास्टक उत्पादों पर रहेगा प्रतिबंद
प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधन) नियम, 2021 के अनुसार एक जुलाई से चिन्हित एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं का निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और उपयोग प्रतिबंधित लग गया है। इसमें प्लास्टिक की छड़ी, ईयरबैंड, गुब्बाों के लिए प्लास्टिक छड़ी, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी की छड़ें, आइस्क्रीम स्टिक, सजावट का पॉलिस्टाइनीन व थर्मोकोल का सामान, प्लेट्स, कप, चश्मा, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे, मिटाई के बॉक्स पर लगने वाली फिल्म लपेटना, पैक करना, निमंत्रण पत्र, सिगरेट पैकेट, प्लास्टिक, पीवीसी बैनर 100 माइक्रोन से कम, स्टिररर्स शामिल है।

सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह पाबंदी लग गई है। अधिकतर डायरी उत्पादों में इसका इस्तेमाल हो रहा है, जबकि विवाह शादियों व होटलों से पैकिंग खाने में भी इसका बहुतायत में इस्तेमाल किया जा रहा है। संबंधित विभागों के साथ हमारा विभाग भी लोगों को जागरूक कर रहा है, इसके बाद 21 विभागों के अधिकारियों को चालान के लिए अधिकृत किया है, जो इस संबंध में कार्रवाई करेंगे।
-आर.के भौसले, क्षेत्रीय अधिकारी, जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भिवानी।
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