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Bhiwani News: अंधेरा होते ही धधकने रहे खेत

Tue, 29 Apr 2025 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Tue, 29 Apr 2025 01:06 AM IST
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As soon as it got dark, the fields started burning
भिवानी से जींद मुख्य मार्ग पर छाया धुआं।
भिवानी। जिले में गेहूं की कटाई के बाद किसान रात के अंधेरे में खेतों में फसल अवशेषों को आग के हवाले कर रहे हैं। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद आगजनी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
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इससे न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि उठते धुएं से सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जिले में करीब 60 प्रतिशत गेहूं की कटाई हाथ से या क्रॉप रीपर से की जाती है, जिससे अवशेषों का प्रबंधन आसान होता है। वहीं, जहां कंबाइन हार्वेस्टर का इस्तेमाल होता है, वहां फसल अवशेष अधिक मात्रा में बचते हैं। अधिकांश किसान इन अवशेषों को स्ट्रा-रीपर, रोटावेटर या डिस्क हैरो से नष्ट करते हैं, लेकिन कुछ किसान अभी भी इन्हें जलाने का रास्ता अपनाते हैं। सरकार ने अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए कृषि, राजस्व, पंचायत और पुलिस विभागों की संयुक्त टीमें गठित की हैं।
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फसल अवशेष जलाने पर लगेगा जुर्माना

सरकार ने अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए कृषि, राजस्व, पंचायत और पुलिस विभागों की संयुक्त टीमें गठित की हैं। ये टीमें गांव, खंड, उपमंडल और जिला स्तर पर निगरानी का काम कर रही हैं। अवशेष जलाने पर भूमि के अनुसार जुर्माना तय किया गया है।
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2 एकड़ से कम भूमि पर जुर्माना 5,000 रुपये
2 से 5 एकड़ भूमि पर जुर्माना 10,000 रुपये
5 एकड़ से अधिक भूमि पर जुर्माना 30,000 रुपये
सेटेलाइट से होगी खेतों की निगरानी

हरसेक (हरियाणा स्पेस एप्लिकेशन सेंटर) द्वारा सेटेलाइट तकनीक के माध्यम से खेतों की निगरानी की जा रही है। किसी भी खेत में आग लगते ही उसकी जीपीएस लोकेशन कृषि विभाग को भेज दी जाती है, जिससे गांव-स्तरीय कमेटी को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं।

कंट्रोल रूम किया स्थापित

विषय विशेषज्ञ सुमित भारद्वाज की देखरेख में कृषि विभाग कार्यालय में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से किसानों को फसल अवशेष जलाने के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी जा रही है। विभाग के अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों को वैकल्पिक प्रबंधन तकनीकों के प्रति जागरूक कर रहे हैं।


किसानों को जागरूक किया जा रहा है कि वे अवशेष न जलाएं और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करें। विभाग पूरी निगरानी और कार्रवाई के लिए तैयार है।

— विनोद कुमार फोगाट, उप कृषि निदेशक, भिवानी।
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