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Bhiwani News: किसान भवन में पंचायत के बाद किसानों ने नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
Fri, 05 Jul 2024 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 05 Jul 2024 01:53 AM IST
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लोहारू में नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते किसान संगठन के लोग।
लोहारू। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर वीरवार को शहीद महावीर किसान भवन में किसानों की पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें किसानों ने सरकार के कथित शामलात भूमि को हड़पने संबंधित कार्यप्रणाली सहित अनेक किसान हित के मुद्दों पर चर्चा की। बाद में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर नायब तहसीलदार संजय पाराशर को ज्ञापन सौंपा।
भाकियू के ब्लाक प्रधान रविंद्र कस्वां की अध्यक्षता में आयोजित पंचायत में किसानों ने सरकार की नीतियों की जमकर आलोचना की। भाकियू जिला प्रधान मेवा सिंह, आजाद भूगंला, रवींद्र कस्वां व मंदरूप नेहरा ने बताया कि मनोहर लाल सरकार ने किसानों की शामलात भूमि को देने का असफल प्रयास किया था। अब नायब सिंह सैनी किसानों की शामलात भूमि हड़पने का फरमान जारी कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि संविधान और जनता किसी भी राजनीतिक पार्टी और सरकार की बापौती नहीं है। गलत कानूनों का विरोध करना किसानों का संवैधानिक अधिकार है तथा तानाशाही सरकार के खिलाफ किसान संगठन गांव गांव जाकर इकाइयां गठित करेंगे और सरकार के समानांतर एक वैकल्पिक किसान सरकार का गठन करेंगे। सरकार किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है, जिसे सहन नही किया जाएगा। किसान हित की अनेक मांगों पर चर्चा करते हुए किसानों ने बाद में शहर में प्रदर्शन किया और मांगों को लेकर ज्ञापन नायब तहसीलदार संजय परासर को सौंपा। पंचायत में धर्मपाल बारवास, नरेंद्र फरटीया, हवासिंह बलोदा, जयसिंह, सुमेर सिंह, भरतसिंह, इंद्र सिंह, सीताराम, पवन मौजूद थे। संवाद
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भाकियू के ब्लाक प्रधान रविंद्र कस्वां की अध्यक्षता में आयोजित पंचायत में किसानों ने सरकार की नीतियों की जमकर आलोचना की। भाकियू जिला प्रधान मेवा सिंह, आजाद भूगंला, रवींद्र कस्वां व मंदरूप नेहरा ने बताया कि मनोहर लाल सरकार ने किसानों की शामलात भूमि को देने का असफल प्रयास किया था। अब नायब सिंह सैनी किसानों की शामलात भूमि हड़पने का फरमान जारी कर चुके हैं।
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उन्होंने कहा कि संविधान और जनता किसी भी राजनीतिक पार्टी और सरकार की बापौती नहीं है। गलत कानूनों का विरोध करना किसानों का संवैधानिक अधिकार है तथा तानाशाही सरकार के खिलाफ किसान संगठन गांव गांव जाकर इकाइयां गठित करेंगे और सरकार के समानांतर एक वैकल्पिक किसान सरकार का गठन करेंगे। सरकार किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है, जिसे सहन नही किया जाएगा। किसान हित की अनेक मांगों पर चर्चा करते हुए किसानों ने बाद में शहर में प्रदर्शन किया और मांगों को लेकर ज्ञापन नायब तहसीलदार संजय परासर को सौंपा। पंचायत में धर्मपाल बारवास, नरेंद्र फरटीया, हवासिंह बलोदा, जयसिंह, सुमेर सिंह, भरतसिंह, इंद्र सिंह, सीताराम, पवन मौजूद थे। संवाद
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