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Bhiwani News: ट्रेन में तीन वर्ष के मासूम को अज्ञात ने चिट्ठी थमाकर लावारिस छोड़ा
Thu, 08 Aug 2024 02:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 08 Aug 2024 02:02 AM IST
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जिस भी सज्जन को यह बच्चा मिले, भगवान के लिए उसे अनाथालय छोड़ देना।
लोहारू। जिस भी सज्जन को यह बच्चा मिले, भगवान के लिए उसे अनाथालय छोड़ देना। भगवान आपका भला करेगा। इस बच्चे के मां-बाप नहीं हैं। आपका भगवान अच्छा करेगा।
टेढ़े मेढ़े अक्षरों से एक सफेद कागज पर लिखी इन पांच पंक्तियों का अर्थ भले ही तीन वर्ष के मासूम को नहीं पता था। लेकिन इन्हीं पांच पंक्तियों में जीवन को समेटे एक मासूम लोहारू आरपीएफ स्टाफ के एचसी ब्रह्म प्रकाश की टीम को दिल्ली से बीकानेर जाने वाली 12457 ट्रेन के स्लीपर कोच नंबर 6 में मिला है।
आरपीएफ एचसी ब्रह्म प्रकाश ने बताया कि वह एचसी रमेश गहलावत, सीटी मंजीत के साथ दिल्ली बीकानेर एक्सप्रेस रेलगाड़ी में गश्त पर थे। इस दौरान उन्हें रेलगाड़ी के कोच नंबर एस 6 की सीट नंबर 57 पर एक लावारिस बच्चा दिखाई दिया। जिसकी उम्र करीब तीन वर्ष थी। मासूम बच्चा कुछ भी बताने में असमर्थ था तथा उसके हाथ में एक पत्र भी था।
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इसमें उक्त बच्चे को अनाथ बताते हुए उसे अनाथ आश्रम में छोड़ने की बात कही गई थी। हालांकि ट्रेन के कोच में लोगों से उस बच्चे के बारे में पूछताछ भी की गई लेकिन बच्चे को ट्रेन में छोड़कर जाने वाले का कोई सुराग नहीं लग पाया। उन्होंने बताया कि बाद में पूरी कार्रवाई करते हुए उसे चूरू आरपीएफ पोस्ट के हवाले कर दिया गया।
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टेढ़े मेढ़े अक्षरों से एक सफेद कागज पर लिखी इन पांच पंक्तियों का अर्थ भले ही तीन वर्ष के मासूम को नहीं पता था। लेकिन इन्हीं पांच पंक्तियों में जीवन को समेटे एक मासूम लोहारू आरपीएफ स्टाफ के एचसी ब्रह्म प्रकाश की टीम को दिल्ली से बीकानेर जाने वाली 12457 ट्रेन के स्लीपर कोच नंबर 6 में मिला है।
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आरपीएफ एचसी ब्रह्म प्रकाश ने बताया कि वह एचसी रमेश गहलावत, सीटी मंजीत के साथ दिल्ली बीकानेर एक्सप्रेस रेलगाड़ी में गश्त पर थे। इस दौरान उन्हें रेलगाड़ी के कोच नंबर एस 6 की सीट नंबर 57 पर एक लावारिस बच्चा दिखाई दिया। जिसकी उम्र करीब तीन वर्ष थी। मासूम बच्चा कुछ भी बताने में असमर्थ था तथा उसके हाथ में एक पत्र भी था।
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इसमें उक्त बच्चे को अनाथ बताते हुए उसे अनाथ आश्रम में छोड़ने की बात कही गई थी। हालांकि ट्रेन के कोच में लोगों से उस बच्चे के बारे में पूछताछ भी की गई लेकिन बच्चे को ट्रेन में छोड़कर जाने वाले का कोई सुराग नहीं लग पाया। उन्होंने बताया कि बाद में पूरी कार्रवाई करते हुए उसे चूरू आरपीएफ पोस्ट के हवाले कर दिया गया।