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Bhiwani News: त्योहारों पर मिलावटी मिठाइयों से बिगड़ सकती है सेहत
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भिवानी। मौसम में बदलाव और त्योहारों के दौरान खानपान में लापरवाही से पेट की बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। अस्पतालों की ओपीडी में पेट दर्द, उल्टी-दस्त और अपच की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। सीएमओ डॉ. रघुबीर शांडिल्य ने मिलावटी खाद्य पदार्थों से बचने और स्वच्छता का ध्यान रखने की अपील की है।
दीपावली नजदीक आने के साथ दूध, मावा, पनीर और इनसे बनने वाली मिठाइयों की मांग बढ़ गई है। ऐसे में खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। मिठाइयों को आकर्षक बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हानिकारक कृत्रिम रंग और प्रतिबंधित मेटानिल येलो जैसे रसायन सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। बदलते मौसम में गैस्ट्रोएन्टेराइटिस यानी पेट और आंतों में संक्रमण की समस्या भी हो सकती है।
सीएमओ ने बताया कि मिलावटी खाद्य पदार्थों में यूरिया, डिटर्जेंट, स्टार्च और घटिया गुणवत्ता वाले तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इनके सेवन से फूड पॉइजनिंग, गंभीर अपच और आंतों में संक्रमण हो सकता है। गंभीर स्थिति में शरीर में पानी और लवणों की कमी होने के साथ लीवर और किडनी पर भी बुरा असर पड़ सकता है।
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मिठाई खरीदते समय बरतें सावधानी
अत्यधिक चमकीले या अस्वाभाविक रंगों वाली मिठाइयां खरीदने से बचें। खाद्य सामग्री भरोसेमंद और लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों से ही खरीदें। पैकेट बंद खाद्य पदार्थों पर निर्माण और समाप्ति की तारीख तथा अन्य जरूरी विवरण जांचें। मिठाई की गंध, रंग या बनावट संदिग्ध लगे तो उसका सेवन न करें। स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा विंग ने बाजारों में निरीक्षण तेज कर दिए हैं।
संक्रमण से बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
खाने से पहले और शौचालय के इस्तेमाल के बाद साबुन से हाथ धोएं। ताजा, अच्छी तरह पका और ढका हुआ भोजन खाएं। साफ पानी पिएं और पानी की गुणवत्ता संदिग्ध होने पर उसे उबालकर इस्तेमाल करें। उल्टी-दस्त होने पर शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए ओआरएस घोल लें। पेट दर्द या दस्त लगातार बने रहें, कमजोरी हो, पेशाब कम आए या चक्कर महसूस हों तो चिकित्सक से संपर्क करें। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में ऐसे लक्षण दिखने पर विशेष सतर्कता बरतें।
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दीपावली नजदीक आने के साथ दूध, मावा, पनीर और इनसे बनने वाली मिठाइयों की मांग बढ़ गई है। ऐसे में खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। मिठाइयों को आकर्षक बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हानिकारक कृत्रिम रंग और प्रतिबंधित मेटानिल येलो जैसे रसायन सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। बदलते मौसम में गैस्ट्रोएन्टेराइटिस यानी पेट और आंतों में संक्रमण की समस्या भी हो सकती है।
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सीएमओ ने बताया कि मिलावटी खाद्य पदार्थों में यूरिया, डिटर्जेंट, स्टार्च और घटिया गुणवत्ता वाले तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इनके सेवन से फूड पॉइजनिंग, गंभीर अपच और आंतों में संक्रमण हो सकता है। गंभीर स्थिति में शरीर में पानी और लवणों की कमी होने के साथ लीवर और किडनी पर भी बुरा असर पड़ सकता है।
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मिठाई खरीदते समय बरतें सावधानी
अत्यधिक चमकीले या अस्वाभाविक रंगों वाली मिठाइयां खरीदने से बचें। खाद्य सामग्री भरोसेमंद और लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों से ही खरीदें। पैकेट बंद खाद्य पदार्थों पर निर्माण और समाप्ति की तारीख तथा अन्य जरूरी विवरण जांचें। मिठाई की गंध, रंग या बनावट संदिग्ध लगे तो उसका सेवन न करें। स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा विंग ने बाजारों में निरीक्षण तेज कर दिए हैं।
संक्रमण से बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
खाने से पहले और शौचालय के इस्तेमाल के बाद साबुन से हाथ धोएं। ताजा, अच्छी तरह पका और ढका हुआ भोजन खाएं। साफ पानी पिएं और पानी की गुणवत्ता संदिग्ध होने पर उसे उबालकर इस्तेमाल करें। उल्टी-दस्त होने पर शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए ओआरएस घोल लें। पेट दर्द या दस्त लगातार बने रहें, कमजोरी हो, पेशाब कम आए या चक्कर महसूस हों तो चिकित्सक से संपर्क करें। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में ऐसे लक्षण दिखने पर विशेष सतर्कता बरतें।