{"_id":"688530c825874c1acf035675","slug":"a-glimpse-of-folk-culture-was-seen-in-the-district-level-group-dance-competition-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-137349-2025-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: जिलास्तरीय समूह नृत्य प्रतियोगिता में दिखी लोक संस्कृति की झलक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: जिलास्तरीय समूह नृत्य प्रतियोगिता में दिखी लोक संस्कृति की झलक
Sun, 27 Jul 2025 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sun, 27 Jul 2025 01:17 AM IST
विज्ञापन
हनुमान जोहड़ी मंंदिर में आयोजित तीज महोत्सव के दौरान मंच पर मौजूद स्कूली बच्चे व आयोजक।
भिवानी। मातृशक्ति के सम्मान में आयोजित तीन दिवसीय तीज मेला महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को हनुमान ढाणी स्थित हनुमान जोहड़ी मंदिर धाम में स्कूली बच्चों की प्रतिभा ने मंच पर रंग बिखेर दिए। युवा जागृति एवं जनकल्याण मिशन ट्रस्ट तथा प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित जिलास्तरीय अंतर विद्यालय समूह नृत्य प्रतियोगिता ने मेले की रौनक को दुगना कर दिया।
जानकारी देते हुए पुजारी ध्यानदास महाराज व एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रामअवतार शर्मा ने बताया कि इस प्रतियोगिता में जिलेभर के विभिन्न विद्यालयों से आए बच्चों ने अद्भुत नृत्य प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का आयोजन बालयोगी महंत चरणदास महाराज के सान्निध्य में हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ और हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष विजेंद्र बडगुज्जर पहुंचे। वहीं विशिष्ट अतिथि के तौर पर अनाज मंडी से अमित गोयल और डॉ. एडविन भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर बच्चों ने हरियाणवी लोकनृत्य से लेकर आधुनिक फ्यूजन तक की प्रस्तुतियां देकर भारतीय संस्कृति की विविधता को जीवंत कर दिया। मंच पर उनकी आत्मविश्वास, टीम भावना और रचनात्मकता ने सबको प्रभावित किया। बच्चों की प्रस्तुतियों से स्पष्ट था कि वे इस प्रतियोगिता के लिए लंबे समय से मेहनत कर रहे थे। बालयोगी महंत चरणदास महाराज ने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में तीज जैसे पारंपरिक पर्वों की महत्ता कहीं खोती जा रही है। ऐसे आयोजनों के जरिए न केवल संस्कृति का प्रचार-प्रसार होता है, बल्कि नई पीढ़ी को भी अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने लोगों से ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़ कर भाग लेने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि विधायक घनश्याम सर्राफ और आयोग उपाध्यक्ष विजेंद्र बडगुज्जर ने भी बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों को मंच प्रदान करती हैं और उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को जन्म देती हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रतिभाओं की भूमि है और यदि बच्चों को सही मार्गदर्शन मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं।
विज्ञापन
रामअवतार शर्मा ने बताया कि बच्चों ने इस मंच पर न केवल अपनी नृत्य क्षमता दिखाई बल्कि आत्मविश्वास और अनुशासन की भी मिसाल पेश की। यह प्रतियोगिता केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह नई पीढ़ी को उनकी जड़ों से जोड़ने और सांस्कृतिक चेतना को जागृत करने का सार्थक प्रयास भी था। इस मौके पर केसरी शर्मा, दीवान चंद रहेजा, सचिन जैन, अमित डागर, कर्ण मिर्ग, सचिव राजेश सहित कई व्यक्ति मौजूद रहे।
विज्ञापन
जानकारी देते हुए पुजारी ध्यानदास महाराज व एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रामअवतार शर्मा ने बताया कि इस प्रतियोगिता में जिलेभर के विभिन्न विद्यालयों से आए बच्चों ने अद्भुत नृत्य प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का आयोजन बालयोगी महंत चरणदास महाराज के सान्निध्य में हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ और हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष विजेंद्र बडगुज्जर पहुंचे। वहीं विशिष्ट अतिथि के तौर पर अनाज मंडी से अमित गोयल और डॉ. एडविन भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
इस अवसर पर बच्चों ने हरियाणवी लोकनृत्य से लेकर आधुनिक फ्यूजन तक की प्रस्तुतियां देकर भारतीय संस्कृति की विविधता को जीवंत कर दिया। मंच पर उनकी आत्मविश्वास, टीम भावना और रचनात्मकता ने सबको प्रभावित किया। बच्चों की प्रस्तुतियों से स्पष्ट था कि वे इस प्रतियोगिता के लिए लंबे समय से मेहनत कर रहे थे। बालयोगी महंत चरणदास महाराज ने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में तीज जैसे पारंपरिक पर्वों की महत्ता कहीं खोती जा रही है। ऐसे आयोजनों के जरिए न केवल संस्कृति का प्रचार-प्रसार होता है, बल्कि नई पीढ़ी को भी अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने लोगों से ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़ कर भाग लेने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि विधायक घनश्याम सर्राफ और आयोग उपाध्यक्ष विजेंद्र बडगुज्जर ने भी बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों को मंच प्रदान करती हैं और उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को जन्म देती हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रतिभाओं की भूमि है और यदि बच्चों को सही मार्गदर्शन मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं।
विज्ञापन
रामअवतार शर्मा ने बताया कि बच्चों ने इस मंच पर न केवल अपनी नृत्य क्षमता दिखाई बल्कि आत्मविश्वास और अनुशासन की भी मिसाल पेश की। यह प्रतियोगिता केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह नई पीढ़ी को उनकी जड़ों से जोड़ने और सांस्कृतिक चेतना को जागृत करने का सार्थक प्रयास भी था। इस मौके पर केसरी शर्मा, दीवान चंद रहेजा, सचिन जैन, अमित डागर, कर्ण मिर्ग, सचिव राजेश सहित कई व्यक्ति मौजूद रहे।