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छुट्टी के दिन रिलीज किये ठेकेदार को सीमेंट के कट्टे, गेट पास पर नहीं मिले ठेकेदार के हस्ताक्षर
Updated Sun, 05 Aug 2018 01:40 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। दादरी की एक फैक्ट्री में गैरकानूनी तरीके से सप्लाई की गई सरकारी सीमेंट के दो ट्रक पकड़े जाने के बाद डीसी के निर्देश पर सीटीएम भिवानी ने सेंट्रल हुडा पार्क के पास स्थित हुडा ऑफिस में जांच के लिए छापा मारा। सीटीएम महेश कुमार वहां पहुंचे तो ऑफिस का दरवाजा अंदर से बंद मिला। सीटीएम व उसकी टीम ने दरवाजा खुलवाने के लिए करीब आधे घंटे तक दरवाजा खटखटाना पड़ा। आधे घंटे के इंतजार के बाद ऑफिस के अंदर बैठे स्टोर इंचार्ज धर्मबीर ने दरवाजा खोला। वह सामने सीटीएम महेश कुमार व सीआईडी इंस्पेक्टर आजाद सिंह ढांडा को देख घबरा गया। सीटीएम ने दरवाजा ना खोलने का कारण पूछा तो स्टोर इंचार्ज ने कहा कि उन्हें आवाज सुनाई नहीं दी। उसके बाद सीटीएम ने ऑफिस का पूरा रिकॉर्ड चेक किया। सूत्र बताते हैं कि अंदर रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की जा रही थी जिस कारण सारा रिकॉर्ड कब्जे में लिया गया है।
जांच के दौरान रिकॉर्ड में मिली भारी गड़बड़ी
हुडा ऑफिस में सीटीएम महेश कुमार ने जब रिकॉर्ड की जांच की तो उसमें भारी गड़बड़ी मिली। सूत्रों की मानें तो गेटपास में ठेकेदार के हस्ताक्षर तक नहीं मिले। वहीं, ठेकेदार की फाइल भी पूरी नहीं मिली। फाइल में ठेकेदार को आठ नवंबर के बाद कोई रिमाइंडर जारी नहीं किया गया था। आखिरी बार जो रिमाइंडर जारी किया गया उसमें भी ठेकेदार द्वारा कार्य शुरू नहीं करने की बात कही गई थी। वहीं, इंडेंट में भी भारी गड़बड़ी मिली।
हुडा सीमेंट गोदाम किया सील, कब्जे में लिया रिकॉर्ड
रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिलने के बाद सीटीएम ने तुरंत ऑफिस के नीचे बने सीमेंट के गोदाम को चेक कराया। उसके बाद उसने डीसी से बात करके नायब तहसीलदार नरेश कुमार को मौके पर बुलाया। नायब तहसीलदार ने सीटीएम की मौजूदगी में गोदाम को सील किया और पूरे रिकॉर्ड को कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी है।
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सीमेंट में चलता है ग्रेड का खेल
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ठेकेदारों को सरकारी सीमेंट देने पर सरकार को चूना लगाने के लिए इंडेंट में सीमेंट की ग्रेड ही नहीं दिया जाता। हुडा द्वारा ठेकेदार को सस्ते रेट की सीमेंट दी जाती थी और बिल में महंगे रेट की सीमेंट भरी जाती है। मामले को लेकर जब हुडा जेई दयाकिशन से बात की तो उन्होंने कहा कि दादरी में प्रशासन ने गलतफहमी में सीमेंट पकड़ी है। जब उसने पूछा गया कि इंडेंट में सीमेंट का ग्रेड क्यों नहीं भरा गया तो वे जवाब नहीं दे पाए और फोन काट दिया जिससे लग रहा है कि हुडा अधिकारियों की मिलीभगत के चलते यह पूरा खेल चल रहा है।
उपायुक्त के आदेशानुसार हुडा सीमेंट गोदाम को सील किया गया है। यहां से सीमेंट चरखी दादरी जिले के एक गांव में भेजी गई है। इसकी जांच पड़ताल के लिए चरखी दादरी जिला प्रशासन को सूचित किया गया है। सीमेंट गोदाम में सील लगाने के बाद स्टोर इंचार्ज धर्मबीर से रिकॉर्ड भी कब्जे में ले लिया है।
-महेश कुमार, सीटीएम
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भिवानी। दादरी की एक फैक्ट्री में गैरकानूनी तरीके से सप्लाई की गई सरकारी सीमेंट के दो ट्रक पकड़े जाने के बाद डीसी के निर्देश पर सीटीएम भिवानी ने सेंट्रल हुडा पार्क के पास स्थित हुडा ऑफिस में जांच के लिए छापा मारा। सीटीएम महेश कुमार वहां पहुंचे तो ऑफिस का दरवाजा अंदर से बंद मिला। सीटीएम व उसकी टीम ने दरवाजा खुलवाने के लिए करीब आधे घंटे तक दरवाजा खटखटाना पड़ा। आधे घंटे के इंतजार के बाद ऑफिस के अंदर बैठे स्टोर इंचार्ज धर्मबीर ने दरवाजा खोला। वह सामने सीटीएम महेश कुमार व सीआईडी इंस्पेक्टर आजाद सिंह ढांडा को देख घबरा गया। सीटीएम ने दरवाजा ना खोलने का कारण पूछा तो स्टोर इंचार्ज ने कहा कि उन्हें आवाज सुनाई नहीं दी। उसके बाद सीटीएम ने ऑफिस का पूरा रिकॉर्ड चेक किया। सूत्र बताते हैं कि अंदर रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की जा रही थी जिस कारण सारा रिकॉर्ड कब्जे में लिया गया है।
जांच के दौरान रिकॉर्ड में मिली भारी गड़बड़ी
हुडा ऑफिस में सीटीएम महेश कुमार ने जब रिकॉर्ड की जांच की तो उसमें भारी गड़बड़ी मिली। सूत्रों की मानें तो गेटपास में ठेकेदार के हस्ताक्षर तक नहीं मिले। वहीं, ठेकेदार की फाइल भी पूरी नहीं मिली। फाइल में ठेकेदार को आठ नवंबर के बाद कोई रिमाइंडर जारी नहीं किया गया था। आखिरी बार जो रिमाइंडर जारी किया गया उसमें भी ठेकेदार द्वारा कार्य शुरू नहीं करने की बात कही गई थी। वहीं, इंडेंट में भी भारी गड़बड़ी मिली।
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हुडा सीमेंट गोदाम किया सील, कब्जे में लिया रिकॉर्ड
रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिलने के बाद सीटीएम ने तुरंत ऑफिस के नीचे बने सीमेंट के गोदाम को चेक कराया। उसके बाद उसने डीसी से बात करके नायब तहसीलदार नरेश कुमार को मौके पर बुलाया। नायब तहसीलदार ने सीटीएम की मौजूदगी में गोदाम को सील किया और पूरे रिकॉर्ड को कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी है।
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सीमेंट में चलता है ग्रेड का खेल
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ठेकेदारों को सरकारी सीमेंट देने पर सरकार को चूना लगाने के लिए इंडेंट में सीमेंट की ग्रेड ही नहीं दिया जाता। हुडा द्वारा ठेकेदार को सस्ते रेट की सीमेंट दी जाती थी और बिल में महंगे रेट की सीमेंट भरी जाती है। मामले को लेकर जब हुडा जेई दयाकिशन से बात की तो उन्होंने कहा कि दादरी में प्रशासन ने गलतफहमी में सीमेंट पकड़ी है। जब उसने पूछा गया कि इंडेंट में सीमेंट का ग्रेड क्यों नहीं भरा गया तो वे जवाब नहीं दे पाए और फोन काट दिया जिससे लग रहा है कि हुडा अधिकारियों की मिलीभगत के चलते यह पूरा खेल चल रहा है।
उपायुक्त के आदेशानुसार हुडा सीमेंट गोदाम को सील किया गया है। यहां से सीमेंट चरखी दादरी जिले के एक गांव में भेजी गई है। इसकी जांच पड़ताल के लिए चरखी दादरी जिला प्रशासन को सूचित किया गया है। सीमेंट गोदाम में सील लगाने के बाद स्टोर इंचार्ज धर्मबीर से रिकॉर्ड भी कब्जे में ले लिया है।
-महेश कुमार, सीटीएम