{"_id":"5cba2536bdec2214593aab9a","slug":"41555703094-bhiwani-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"झूलते बिजली के तारों से किसानों की फसल खतरे में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झूलते बिजली के तारों से किसानों की फसल खतरे में
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहल। खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के झूलते तारों से निकलने वाली चिंगारियों से कभी भी फसल को बड़ा नुकसान हो सकता है। बावजूद इसके बिजली निगम इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यही नहीं खेतों में सीमेंटेड खम्भों के स्थान पर आज भी लोहे के पोल हैं, जिनसे करंट उतरने का खतरा सताता रहता है।
बिजली निगम द्वारा अभियान चलाकर लोहे के सभी पोलों को सीमेंटेड पोलों में बदल दिया गया है, लेकिन बहल कस्बे के दलीप जोगी के खेत में लोहे के एच पोल और सिंगल पोल जर्जर हालत में खड़े हैं, जब किसी समय लाइन डाली गई थी। पोल बदलने के लिए अनेक बार विभाग के अधिकारियों से कहा गया है, पर उसे गंभीरता से नहीं लिया गया। हर बार पोल की कमी या अन्य बहाना लगाकर टरकाया जाता रहा है। किसान को फिक्र है कि बारिश के मौसम या अन्य किसी समय पशु या किसी व्यक्ति ने अनजाने में उसे छू लिया तो जान का खतरा हो सकता है।
वहीं, किसान दलीप के खेत में बिजली की तारें इतनी ढीली हो चुकी है कि जो जमीन पर खड़े आदमी से महज एक फीट की दूरी पर है। किसान ने कहा कि अब उसने गेहूं की कटाई के बाद ढेरिया एकत्रित कर रखी हैं जिनमेें बिजली के ढीले तारों के कारण हर समय खतरा बना रहता है। वहीं, सिंचाई करते समय लाइन के पोल बदलते समय कभी भी हादसा हो सकता है। किसान ने अनेक बार निगम के ऑफिस में इस बारे में शिकायत दी है पर उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। किसान दलीप ने कहा कि अगर उसकी समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वह मामले को सीएम विंडो में ले जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजली निगम द्वारा अभियान चलाकर लोहे के सभी पोलों को सीमेंटेड पोलों में बदल दिया गया है, लेकिन बहल कस्बे के दलीप जोगी के खेत में लोहे के एच पोल और सिंगल पोल जर्जर हालत में खड़े हैं, जब किसी समय लाइन डाली गई थी। पोल बदलने के लिए अनेक बार विभाग के अधिकारियों से कहा गया है, पर उसे गंभीरता से नहीं लिया गया। हर बार पोल की कमी या अन्य बहाना लगाकर टरकाया जाता रहा है। किसान को फिक्र है कि बारिश के मौसम या अन्य किसी समय पशु या किसी व्यक्ति ने अनजाने में उसे छू लिया तो जान का खतरा हो सकता है।
विज्ञापन
वहीं, किसान दलीप के खेत में बिजली की तारें इतनी ढीली हो चुकी है कि जो जमीन पर खड़े आदमी से महज एक फीट की दूरी पर है। किसान ने कहा कि अब उसने गेहूं की कटाई के बाद ढेरिया एकत्रित कर रखी हैं जिनमेें बिजली के ढीले तारों के कारण हर समय खतरा बना रहता है। वहीं, सिंचाई करते समय लाइन के पोल बदलते समय कभी भी हादसा हो सकता है। किसान ने अनेक बार निगम के ऑफिस में इस बारे में शिकायत दी है पर उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। किसान दलीप ने कहा कि अगर उसकी समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वह मामले को सीएम विंडो में ले जाएगा।
विज्ञापन