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विभागीय कार्रवाई से प्राइवेट स्कूलों में हड़कंप, अनेक ने बच्चों की छुट्टियां

Fri, 06 Jul 2018 01:40 AM IST
Updated Fri, 06 Jul 2018 01:40 AM IST
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विभागीय कार्रवाई से प्राइवेट स्कूलों में हड़कंप, अनेक ने बच्चों की छुट्टियां
अमर उजाला ब्यूरो
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भिवानी। बिना मान्यता चल रहे स्कूलों के खिलाफ शुरू किए गए अभियान के तहत वीरवार को दो और स्कूलों को सील किया गया। कुछ संचालक बच्चों की छुट्टियां कर स्वयं ही स्कूल बंद कर गए तो एकेडमी संचालकों ने बचने के लिए अपने नाम ही बदलने शुरू कर दिए हैं। वहीं प्रशासन की इस कार्रवाई के विरोध में प्राइवेट स्कूलों के दोनों संगठन एक हो गए हैं और दो दिन में बंद किए गए स्कूलों की सील तोड़ स्वयं स्कूल खोलने की चेतावनी दी है।
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन की ओर से कोर्ट में दायर याचिका और कोर्ट के आदेशों पर जिला प्रशासन ने एक विशेष कमेटी का गठन कर बिना मान्यता चल रहे प्राइवेट स्कूलों को सील करने का अभियान चलाया हुआ है। करीब 70 स्कूलों की लिस्ट है। पिछले चार दिन से अभियान चलाया हुआ है। वीरवार को अभियान के टीम ने शहर में चल रहे आधा दर्जन स्कूलों का निरीक्षण किया। दो स्कूलों दादरी गेट कोंट रोड पर प्रगति स्कूल और दुर्गा कॉलोनी में एक धर्मशाला में चल रहे शिशु भारती स्कूल को सील किया।
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इससे पहले टीम दुर्गा देवी स्कूल पहुंची जहां संचालकों के पास स्कूल चलाने की अस्थायी मान्यता मिली। इसके बाद टीम एचएम स्कूल पहुंची जो बंद मिला। पड़ोसियों से पूछताछ की तो पता चला कि दो दिन से स्कूल संचालक ने बच्चों की छुट्टियां कर स्कूल बंद कर रखा है। इसके बाद टीम रामगंज मोहल्ला में सेंचुरियन स्कूल को सील करने पहुंची। यह स्कूल भी बंद मिला। आसपड़ोस में पूछताछ की तो पता चला कि अप्रैल से ही स्कूल बंद है और वह स्वयं ही विभाग को स्कूल बंद करने की सूचना काफी पहले दे चुके हैं।
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स्कूलों पर ताले, एकेडमियों ने बदले नाम
जिला प्रशासन की कार्रवाई से प्राइवेट स्कूल संचालकों में हड़कंप मचा है। 70 स्कूलों की लिस्ट में शामिल अधिकतर स्कूल संचालक या तो बच्चों की छुट्टी कर स्कूल बंद किए हुए हैं या फिर मान्यता के लिए फाइल जमा कराने, कोर्ट का दरवाजा खटखटाने में व्यस्त हैं। एकेडमी संचालकों ने नया फंडा निकाला है। यह है नाम परिवर्तन का। रातों-रात एकेडमियों के नाम ही बदल दिए हैं। इसके अलावा एक नया तरीका यह निकाला है कि शुरूआत में कोचिंग दिखाई है सिविल सर्विस एग्जाम की। भूतल पर कोचिंग चल रही है तो प्रथम तल और द्वितीय तल या अंदर के कमरों में स्कूली बच्चों को पढ़ाया जा रहा है ताकि प्रशासनिक विभाग की टीम को गुमराह किया जा सके।
रसूखदारों के बिना मान्यता चल रहे स्कूलों पर नहीं हो रही कार्रवाई
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार ने गुरुवार को लघु सचिवालय परिसर में पहुंचकर उपायुक्त को शिकायत सौंपकर गैर मान्यता के चल रहे निजी स्कूलों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई में भेदभाव का आरोप लगाया। बृजपाल परमार ने शिकायत में कहा कि जिला प्रशासन 71 गैर मान्यता वाले स्कूलों के साथ साथ शिक्षा अकादमियों को बंद कराने की कार्रवाई में भेदभाव पूर्ण रवैया अपना रहा है। अब तक जिला प्रशासन ने केवल प्ले स्कूलों पर ही तालाबंदी की है, जबकि बिना मान्यता के ही चल रहे नामी एवं रसूखदारों के स्कूलों को बंद कराने का कोई प्रयास नहीं किया है। उनका यह भी आरोप है कि जिला प्रशासन को सात बार लिखित में शिकायत देकर शहर के शिवनगर कॉलोनी में चल रहे एक स्कूल, महम रोड स्थित एक अकादमी को बंद कराने की शिकायतें दी जा चुकी हैं। लेकिन इसके बावजूद भी प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया है। शिव नगर कॉलोनी का स्कूल तो पूरी तरह से फर्जी है, क्योंकि इस स्कूल को किसी दूसरे स्कूल की मान्यता पर चलाया जा रहा है, जबकि इस तरह की शाखाएं खोलना शिक्षा नियमावली के खिलाफ है। शिक्षा निदेशालय की ओर से भी इसको बंद कराने के आदेश हैं।
न्यायालय द्वारा दिए गए 71 स्कूलों एवं अकादमियों को बंद कराए जाने की सूची में भी इन विद्यालयों का नाम शामिल है। बृजपाल ने आरोप लगाया कि स्कूल के खिलाफ उपायुक्त को सबूत दिए जाने के बावजूद यह हाल है। कार्रवाई से बचने के लिए शिक्षा अकादमियों ने अपने नाम और पते तक बदल लिए हैं, ऐसे लोगों के खिलाफ उनका संगठन धोखाधड़ी का मुकदमा भी दर्ज कराएगा और शिक्षा नियमावली 2009 के सेक्शन 18 के प्रावधान पांच के तहत एक लाख रुपये तक का जुर्माना भी करवाएगा। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी शिक्षा अकादमी को बंद नहीं कराया गया है। जिले के उच्चाधिकारी इन्हें बचाने का प्रयास कर रहे हैं।

प्राइवेट स्कूलों की चेतावनी, दो दिन में तोड़ देंगे गेट पर लगी सील
भिवानी। प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान रामअवतार शर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के अधिकारी सीलिंग की आड़ में निजी स्कूल संचालकों को प्रताड़ित कर रहे हैं। क्योंकि पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट ने जिले में चल रहे प्राइवेट स्कूलों के स्टेटस बताने के बारे में शिक्षा विभाग को आदेश दिए थे न कि स्कूलों को सील करने के बारे में। हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के अध्यक्ष घनश्याम शर्मा व उनकी कार्यकारिणी के सदस्यों ने प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के साथ मिलकर संयुक्त रूप से इस मुद्दे पर संघर्ष करने की घोषणा की।
रामअवतार शर्मा ने कहा कि पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के नाम पर शिक्षा विभाग के अधिकारी व जिला प्रशासन के अधिकारी अपनी मनमर्जी चला रहे हैं क्योंकि पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने 12 जुलाई के लिए जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जिले में चल रहे 72 निजी स्कूलों की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। जबकि शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूलों को सील कर रहे हैं जिससे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। एसोसिएशन इस संबंध में छह जुलाई शुक्रवार को पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर करेगी। उन्होंने कहा कि दो दिन में या तो जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के अधिकारी उनके स्कूलों की सील खोल दे अन्यथा दो दिन के बाद वे स्वयं ही प्रशासन की ओर से लगाई गई सील को तोड़ देंगे।

उन्होंने कहा कि एसोसिएशन इस मामले को लेकर शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा व मुख्यमंत्री मनोहरलाल से मिलकर शिकायत भी करेगी। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन को ऐसा करना था तो सत्र के शुरूआती दौर में कार्रवाई की जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग व प्रशासन के अधिकारियों की अवैध रूप से चल रही अकादमियों से मिलीभगत है। प्रशासन अकादमियों को बंद करने की बजाय प्राइवेट स्कूलों को बंद कर रहा है। हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के अध्यक्ष घनश्याम शर्मा ने कहा कि दोनों संगठन जिला प्रशासन की इस कार्रवाई के खिलाफ मिलकर संघर्ष करेंगे। इस मौके पर आकाश रहेजा, सतीश तंवर, आनंद लखेरा, प्रवीन, सोमदत्त तिवारी, पृथ्वी सैनी, बसंत शर्मा, पवन कुमार, कर्ण मिर्ग, रामकुमार, अमित ढागर, यतेंद्रनाथ व दीपक शर्मा आदि मौजूद रहे।
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