{"_id":"5a5bad5f4f1c1b89268b46ad","slug":"31515957599-bhiwani-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंसानियत से भटक गया है इंसान: संत कंवर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंसानियत से भटक गया है इंसान: संत कंवर
Updated Mon, 15 Jan 2018 12:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दूसरों की सेवा करना सबसे पुण्य का कार्य : संत कंवर
भिवानी। संत कंवर साहब महाराज ने कहा कि दान करने वाला जीव पुण्य का भागी बनता है। समाज में रहकर गरीब और जरूरतमंद की सेवा करो पुण्य कमाओ इससे बड़ी जीवन में कोई सेवा नहीं है। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि इंसान इंसानियत से ही भटक गया है।
रविवार को गांव दिनोद आश्रम में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए संत कंवर साहब महाराज ने कहा कि वर्तमान काल में पाठ कर्म तो बड़े हैं, लेकिन धर्म के रास्ते से लोग भटक गए हैं। धर्म तो बहुत दूर है इंसान तो इंसानियत से ही भटक गया है। इंसानियत को ताक पर रख कर हम स्वार्थों में घिरे हैं। ना पीना शुद्ध है ना खाना। ना प्रकृति सुरक्षित है ना पर्यावरण। हम फसल में इतना कीटनाशक डालते हैं कि वो खाना पौष्टिक तो रहता ही नहीं अपितु बीमारियों को आमंत्रण भी देता है।
संत महाराज ने कहा कि गुरू भक्ति के बिना कोई काज नहीं समरता। उन्होंने कहा कि भक्ति का आनंद हमें विलंब से तो मिलेगा, लेकिन जब मिलेगा तब वो सब रसों से ऊपर का होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
भिवानी। संत कंवर साहब महाराज ने कहा कि दान करने वाला जीव पुण्य का भागी बनता है। समाज में रहकर गरीब और जरूरतमंद की सेवा करो पुण्य कमाओ इससे बड़ी जीवन में कोई सेवा नहीं है। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि इंसान इंसानियत से ही भटक गया है।
रविवार को गांव दिनोद आश्रम में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए संत कंवर साहब महाराज ने कहा कि वर्तमान काल में पाठ कर्म तो बड़े हैं, लेकिन धर्म के रास्ते से लोग भटक गए हैं। धर्म तो बहुत दूर है इंसान तो इंसानियत से ही भटक गया है। इंसानियत को ताक पर रख कर हम स्वार्थों में घिरे हैं। ना पीना शुद्ध है ना खाना। ना प्रकृति सुरक्षित है ना पर्यावरण। हम फसल में इतना कीटनाशक डालते हैं कि वो खाना पौष्टिक तो रहता ही नहीं अपितु बीमारियों को आमंत्रण भी देता है।
विज्ञापन
संत महाराज ने कहा कि गुरू भक्ति के बिना कोई काज नहीं समरता। उन्होंने कहा कि भक्ति का आनंद हमें विलंब से तो मिलेगा, लेकिन जब मिलेगा तब वो सब रसों से ऊपर का होगा।
विज्ञापन