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बुनियादी साक्षरता इम्तिहान: परीक्षार्थी के साथ आए %मददगार’
Updated Mon, 21 Aug 2017 01:16 AM IST
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बुनियादी साक्षरता इम्तिहान: परीक्षार्थी के साथ आए ‘मददगार’
भिवानी।
प्रेरक शिक्षक हटाए जाने के बाद पहली बार हुई बुनियादी साक्षरता परीक्षा के दौरान कई जगह विरोध हुआ। कई परीक्षा केंद्रों में परीक्षार्थी अपना ‘मददगार’ साथ लेकर आए। परीक्षार्थियों के बजाय ‘मददगार’ उत्तर पुस्तिका पर कलम चलाते दिखे। उधर, विभाग का कहना है कि बिलकुल निरक्षर परीक्षार्थी मदद के लिए किसी बच्चे को साथ लाता है, तो कोई गलत नहीं है।
जिलेभर में रविवार को 400 से ज्यादा परीक्षा केंद्रों पर बुनियादी साक्षरता परीक्षा हुई। विभाग का कहना है कि शाम तक मिली रिपोर्ट के अनुसार 13 हजार 540 ने परीक्षा दी। जबकि लक्ष्य 20 हजार 737 का था। इस परीक्षा में कई जगह व्यवधान भी हुआ। परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में परीक्षार्थी अपने साथ बच्चे से लेकर युवाओं को लेकर पहुंचे। अमर उजाला के पास कई परीक्षा केंद्रों के भीतर के फोटो हैं, जिनमें साफ दिख रहा है कि परीक्षार्थियों के बजाय साथ आए बच्चे और युवा उत्तर पुस्तिका पर कलम चला रहे हैं। ऐसे आधा दर्जन से अधिक परीक्षा केंद्रों के फोटो हैं।
उधर, जिला साक्षरता मिशन के समन्वयक राजेश शर्मा का कहना है कि ये कोई आईएएस की परीक्षा नहीं थी। निरक्षरों की परीक्षा थी। पहली बार परीक्षा देने आए लोग छोटी-मोटी मदद के लिए अपने साथ मददगार ले आए तो कोई गलत नहीं हुआ। परीक्षार्थी मदद ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि 32 केंद्रों की रिपोर्ट आनी बाकी है, बाकी जगहों पर परीक्षा सही हुई है। पांच गांवों में विरोध की सूचना है। ये विरोध भी प्रेरकों द्वारा कराया गया है।
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बुनियादी साक्षरता परीक्षा पूरी तरह से असफल रही। बहुत जगहों विरोध हुआ। जिले में परीक्षा न के बराबर हुई।
भगवत कौशिक
राज्य प्रधान, प्रेरक संघ
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भिवानी।
प्रेरक शिक्षक हटाए जाने के बाद पहली बार हुई बुनियादी साक्षरता परीक्षा के दौरान कई जगह विरोध हुआ। कई परीक्षा केंद्रों में परीक्षार्थी अपना ‘मददगार’ साथ लेकर आए। परीक्षार्थियों के बजाय ‘मददगार’ उत्तर पुस्तिका पर कलम चलाते दिखे। उधर, विभाग का कहना है कि बिलकुल निरक्षर परीक्षार्थी मदद के लिए किसी बच्चे को साथ लाता है, तो कोई गलत नहीं है।
जिलेभर में रविवार को 400 से ज्यादा परीक्षा केंद्रों पर बुनियादी साक्षरता परीक्षा हुई। विभाग का कहना है कि शाम तक मिली रिपोर्ट के अनुसार 13 हजार 540 ने परीक्षा दी। जबकि लक्ष्य 20 हजार 737 का था। इस परीक्षा में कई जगह व्यवधान भी हुआ। परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में परीक्षार्थी अपने साथ बच्चे से लेकर युवाओं को लेकर पहुंचे। अमर उजाला के पास कई परीक्षा केंद्रों के भीतर के फोटो हैं, जिनमें साफ दिख रहा है कि परीक्षार्थियों के बजाय साथ आए बच्चे और युवा उत्तर पुस्तिका पर कलम चला रहे हैं। ऐसे आधा दर्जन से अधिक परीक्षा केंद्रों के फोटो हैं।
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उधर, जिला साक्षरता मिशन के समन्वयक राजेश शर्मा का कहना है कि ये कोई आईएएस की परीक्षा नहीं थी। निरक्षरों की परीक्षा थी। पहली बार परीक्षा देने आए लोग छोटी-मोटी मदद के लिए अपने साथ मददगार ले आए तो कोई गलत नहीं हुआ। परीक्षार्थी मदद ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि 32 केंद्रों की रिपोर्ट आनी बाकी है, बाकी जगहों पर परीक्षा सही हुई है। पांच गांवों में विरोध की सूचना है। ये विरोध भी प्रेरकों द्वारा कराया गया है।
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बुनियादी साक्षरता परीक्षा पूरी तरह से असफल रही। बहुत जगहों विरोध हुआ। जिले में परीक्षा न के बराबर हुई।
भगवत कौशिक
राज्य प्रधान, प्रेरक संघ