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डाडम बंद होने के 24 घंटे में ही बढ़े क्रशर-रोड़ी के भाव

Fri, 24 Nov 2017 12:35 AM IST
Updated Fri, 24 Nov 2017 12:35 AM IST
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डाडम बंद होने के 24 घंटे में ही बढ़े क्रशर-रोड़ी के भाव
डाडम में खनन बंद होने के 24 घंटे में ही बढ़े क्रशर-रोड़ी के भाव
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उपायुक्त ने अधिकारियों के साथ किया डाडम पहाड़ी का निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी/तोशाम। हाईकोर्ट की फटकार का असर वीरवार को डाडम की पहाड़ियों पर दिखा। खनन के लिए विस्फोट से गूंजने वाली डाडम की पहाड़ी दिनभर खामोश रही तो क्रशर-रोड़ी के भाव 24 घंटे के भीतर ही दो-दो रुपये बढ़ गए। वीरवार को जिला उपायुक्त ने डाडम की पहाड़ी के खनन क्षेत्र का दौरा किया।
डाडम पहाड़ी में खनन कार्य में विभिन्न अनियमितताओं को लेकर डाडम के किसान द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद सकते में आए स्थानीय प्रशासन ने तुरंत कार्यवाई करते हुए बुधवार देर शाम खनन कार्य बंद करवा दिया था। डाडम पहाड़ी में खनन बंद होने से क्रशर-रोड़ी के दामों पर असर दिखा। क्रशर के भाव 22 रुपये प्रति फुट से बढ़कर 24 रुपये और रोड़ी के भाव 18 रुपये से बढ़कर 20 रुपये प्रति फुट हो गए हैं।
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क्रशर मालिक अनिल जैन ने बताया कि खनन बंद होने का भावों पर असर पड़ना स्वाभाविक है। क्रशर व रोड़ी के भावों में दो रुपये का उछाल आया है। खानक से कच्चे माल की पूर्ति नहीं हुई तो भाव ओर भी बढ़ सकते हैं।
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हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बाद वीरवार को उपायुक्त अंशज सिंह ने अधिकारियों के साथ डाडम पहाड़ी का मुआयना किया। उपायुक्त अंशज ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेशानुसार मौके का मुआयना किया गया है। डाडम पहाड़ी में खनन पूरी तरह से बंद पाया गया। इस दौरान एसडीएम अजय चोपड़ा, सीटीएम महेश कुमार, तहसीलदार गुरूदेव व थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार भी साथ रहे।
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दोनों नाकों पर पुलिस तैनात
डाडम पहाड़ी पर पत्थर निकालने के दो रास्ते हैं। कोर्ट की टिप्पणी के बाद अब इन दोनों रास्तों पर बने नाकों पर पुलिस तैनात कर दी गई है। बताया जाता है कि दोनों नाकों पर चार-चार पुलिस के जवान 24 घंटे तैनात रहेंगे।
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याचिकाकर्ता ने बताई अपनी व्यथा
याचिकाकर्ता सत्यवान टापली ने बताया कि हमारे खेत में खनन कार्य किया जा रहा था, वहीं झूठे मुकदमे भी हमारे के खिलाफ करवाए गए थे। सत्यवान ने बताया की खेत के अंदर भी उसे घुसने नहीं दिया जाता था। इसी को लेकर उसने याचिका दायर की थी। कंपनी के माइनिंग मैनेजर प्रकाश चंद्र ने बताया कि कोर्ट के आदेश आते ही खनन कार्य बंद कर दिया था। मैनेजर ने बताया कि मुआवजे का मामला था जो दे दिया गया था।

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2015 में शुरू हुआ था खनन
वर्ष 2010 में पहली बार डाडम में खनन बंद हुआ था। तीन साल बंद रहने के बाद 2013 में पहाड़ी पर खनन की बोली लगी और केजेएसएल सुंदर जेवी कंपनी ने बोली पर 115 करोड़ सालाना किश्त पर छुड़ाया लिया। लेकिन, तकनीकी बाधाओं में दो साल बीत गए। लंबी जद्दोजहद के बाद छह नवंबर 2015 को खनन आरंभ हुआ।
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