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मंत्री जी! खेत भी सूखे हैं और हलक भी, पानी का इंतजाम कराओ
Updated Mon, 15 Jan 2018 12:50 AM IST
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मंत्री जी! खेत भी सूखे हैं और हलक भी, पानी का इंतजाम कराओ
भिवानी। मंत्री जी, गांव में पानी की बहुत ही किल्लत है। पिछले 30 सालों से गांव में पेयजल की किल्लत है। कुछ समाधान कराओ। खेत भी सूखे हैं और लोगों के हलक भी सूखे हैं।
यह बात गांव उमरावत के लोगों ने रविवार को कार्यक्रम में शिरकत करने आए कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के समक्ष कही। उमरावत गांव के किसानों ने पानी की समस्याओं का ज्ञापन सौंपा और समस्याओं को हल करने की गुजारिश की। किसान जयकिशन, रामबिलास व वेद प्रकाश ने बताया कि गांव उमरावत में पिछले 30 साल से पानी की समस्या चल रही है। पूरा इलाका बारिश पर ही निर्भर है। पानी की कमी के कारण सूखा पड़ रहा है। पिछले काफी समय से नहर व जोहड़ सूखे पड़े हैं। इलाके में बारिश के सहारे ही पैदावार हो रही है। गांववासियों ने बताया कि वह हर रोज गांव में टैंकरों से पानी लेेकर जाते हैं और अपनी और जानवरों की प्यास बुझाते हैं। दो महीने पहले अपनी समस्या को मुख्यमंत्री दौरे के समय भी रख चुके हैं। मुख्यमंत्री द्वारा आश्वासन देने पर भी समस्या का हल नहीं हुआ। पानी की समस्या के कारण फसलें सूख रही हैं। फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवाने पर भी फसल का मुआवजा नहीं मिलता।
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भिवानी। मंत्री जी, गांव में पानी की बहुत ही किल्लत है। पिछले 30 सालों से गांव में पेयजल की किल्लत है। कुछ समाधान कराओ। खेत भी सूखे हैं और लोगों के हलक भी सूखे हैं।
यह बात गांव उमरावत के लोगों ने रविवार को कार्यक्रम में शिरकत करने आए कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के समक्ष कही। उमरावत गांव के किसानों ने पानी की समस्याओं का ज्ञापन सौंपा और समस्याओं को हल करने की गुजारिश की। किसान जयकिशन, रामबिलास व वेद प्रकाश ने बताया कि गांव उमरावत में पिछले 30 साल से पानी की समस्या चल रही है। पूरा इलाका बारिश पर ही निर्भर है। पानी की कमी के कारण सूखा पड़ रहा है। पिछले काफी समय से नहर व जोहड़ सूखे पड़े हैं। इलाके में बारिश के सहारे ही पैदावार हो रही है। गांववासियों ने बताया कि वह हर रोज गांव में टैंकरों से पानी लेेकर जाते हैं और अपनी और जानवरों की प्यास बुझाते हैं। दो महीने पहले अपनी समस्या को मुख्यमंत्री दौरे के समय भी रख चुके हैं। मुख्यमंत्री द्वारा आश्वासन देने पर भी समस्या का हल नहीं हुआ। पानी की समस्या के कारण फसलें सूख रही हैं। फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवाने पर भी फसल का मुआवजा नहीं मिलता।
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