{"_id":"e5cbea3506add8698f66d655b2b7fcea","slug":"baby-s-death","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक दवा की पुड़िया में छिपी थी बच्ची की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक दवा की पुड़िया में छिपी थी बच्ची की मौत
बहादुरगढ़/ब्यूरो
Updated Thu, 03 Oct 2013 11:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जाखौदा में स्थित शर्मा क्लीनिक के डॉ. संदीप शर्मा के दवाई देने के बाद छह साल की बच्ची शाहबरीन की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने गलत दवा दी और लापरवाही से इलाज किया, इस वजह से बच्ची की मौत हो गई।
परिजनों ने हंगामा करते हुए पुलिस में केस दर्ज करवा दिया है। वहीं, जिला स्वास्थ्य अधिकारी रमेश धनखड़ ने डॉक्टरों का पैनल बनाकर पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है। वहीं, बच्ची की मौत के बाद से आरोपी डॉक्टर क्लीनिक बंद करके फरार है।
मूल रूप से बिहार के दरभंगा निवासी बच्ची के चाचा सलीम और पिता मोहम्मद शाहबीर ने बताया कि शाहबरीन को बुधवार सुबह बुखार हुआ था, जिसके बाद उन्होंने गांव में ही शर्मा क्लीनिक के डॉक्टर संदीप शर्मा को उपचार के लिए दिखाया। डॉक्टर संदीप ने शाहबरीन को दो इंजेक्शन लगाए और पीने के सीरप दिए। डॉक्टर की दवाई के कारण बच्ची के शरीर पर लाल निशान हो गए। वीरवार सुबह जब परिजन फिर से उसे लेकर डॉक्टर के पास लेकर गए तो डॉक्टर ने बच्ची को नहलाने की सलाह दी। जैसे ही परिजनों ने शाहबरीन को नहलाया वैसे ही उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
झोला छाप डॉक्टर हैं सक्रिय
बच्ची की मौत के बाद एक बार गांवों और कालोनियों में प्रैक्टिस कर रहे झोलाछाप डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग के ढुलमुल रवैये पर सवाल खड़ा हो गया है। स्वास्थ्य विभाग भी इक्का-दुक्का केस में कार्रवाई करके अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद रिपोर्ट के हिसाब से भी कार्रवाई की जाएगी। बच्ची का बिसरा मधुबन लैब में भेजा गया है।
- सतबीर, एएसआई
झोलाछाप डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और बच्ची की मौत की जांच के लिए डाक्टरों का पैनल भी बनाया गया है।
- रमेश धनखड़, जिला स्वास्थ्य अधिकारी
विज्ञापन
परिजनों ने हंगामा करते हुए पुलिस में केस दर्ज करवा दिया है। वहीं, जिला स्वास्थ्य अधिकारी रमेश धनखड़ ने डॉक्टरों का पैनल बनाकर पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है। वहीं, बच्ची की मौत के बाद से आरोपी डॉक्टर क्लीनिक बंद करके फरार है।
विज्ञापन
मूल रूप से बिहार के दरभंगा निवासी बच्ची के चाचा सलीम और पिता मोहम्मद शाहबीर ने बताया कि शाहबरीन को बुधवार सुबह बुखार हुआ था, जिसके बाद उन्होंने गांव में ही शर्मा क्लीनिक के डॉक्टर संदीप शर्मा को उपचार के लिए दिखाया। डॉक्टर संदीप ने शाहबरीन को दो इंजेक्शन लगाए और पीने के सीरप दिए। डॉक्टर की दवाई के कारण बच्ची के शरीर पर लाल निशान हो गए। वीरवार सुबह जब परिजन फिर से उसे लेकर डॉक्टर के पास लेकर गए तो डॉक्टर ने बच्ची को नहलाने की सलाह दी। जैसे ही परिजनों ने शाहबरीन को नहलाया वैसे ही उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
झोला छाप डॉक्टर हैं सक्रिय
बच्ची की मौत के बाद एक बार गांवों और कालोनियों में प्रैक्टिस कर रहे झोलाछाप डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग के ढुलमुल रवैये पर सवाल खड़ा हो गया है। स्वास्थ्य विभाग भी इक्का-दुक्का केस में कार्रवाई करके अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद रिपोर्ट के हिसाब से भी कार्रवाई की जाएगी। बच्ची का बिसरा मधुबन लैब में भेजा गया है।
- सतबीर, एएसआई
झोलाछाप डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और बच्ची की मौत की जांच के लिए डाक्टरों का पैनल भी बनाया गया है।
- रमेश धनखड़, जिला स्वास्थ्य अधिकारी