{"_id":"ec1d0ab835ccaf30ccbbd5abd33313b5","slug":"b-e-o-transfer-demand-starts","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीईओ पर बरसे गुरु तबादले की मांग शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीईओ पर बरसे गुरु तबादले की मांग शुरू
चरखी दादरी/ब्यूरो।
Updated Thu, 19 Sep 2013 10:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में सर्विस बुक पूरी करवाने के विवाद में बीईईओ और हेड टीचर के बीच हुई मारपीट मामले में वीरवार को अध्यापकों ने हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के बैनर तले सहकारिता मंत्री सतपाल सांगवान को ज्ञापन सौंपा।
साथ ही बीईईओ के तबादले की मांग कर बीईओ कार्यालय के आगे धरना दिया। सहकारिता मंत्री से उचित आश्वासन न मिलने पर अध्यापकों ने मंगलवार तक का अल्टीमेटम देते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
बुधवार को बीईईओ अनिल डाला और गांव चरखी के राजकीय स्कूल के हेड टीचर सुरेश कुमार के बीच सर्विस बुक पूरी करवाने को लेकर विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया था कि दोनों के बीच मारपीट भी हो गई।
विज्ञापन
इसके विरोध में अध्यापक संघ ने एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया था। अध्यापक संघ घटना के बाद सहकारिता मंत्री सतपाल सांगवान से मिलने उनके चरखी दादरी निवास पर भी पहुंचे थे लेकिन मंत्री के बाहर होने के कारण उन्हें वीरवार सुबह मिलने का समय दिया गया था। वीरवार को बड़ी संख्या में अध्यापक मंत्री आवास के आगे एकत्रित हुए। जिसके चलते यहां पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
बाद में संघ के चरखी दादरी खंड प्रधान रमेंद्र फौगाट के नेतृत्व में अध्यापकों ने बीईईओ अनिल डाला के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। अध्यापकों ने मांग की कि बीईईओ का तुरंत प्रभाव से तबादला किया जाए ताकि यहां का शैक्षणिक माहौल सुधर सके।
सहकारिता मंत्री ने मामले में जांच करवाने का आश्वासन देने के बाद संघ सदस्यों ने सरकार को मंगलवार तक का अल्टीमेटम देते हुए मंगलवार दोपहर बाद बैठक कर आंदोलन की चेतावनी दी है।
मंत्री निवास के बाद अध्यापकों ने बीईओ कार्यालय के आगे भी धरना-प्रदर्शन किया। चरखीदादरी खंड प्रधान रमेंद्र फौगाट, बौंद खंड प्रधान भगवान साहू ने अध्यापकों को संबोधित करते हुए कहा कि बीईईओ अनिल डाला पहले भी शिक्षकों से अशिष्ट व्यवहार करते रहे हैं। शैक्षणिक अधिकारी का यह व्यवहार शिक्षक कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
मौके पर पहुंचे बीईओ बौंद रामोतार शर्मा और बीईओ जेपी सभ्रवाल ने अध्यापकों को शांत किया।
शिक्षा विभाग की डीईओ निर्मला श्योराण का कहना है कि उनके पास इस मसले की अब तक लिखित में कोई शिकायत नहीं आई है। अगर शिकायत मिलती है तो तुरंत प्रभाव से ऊपरी अधिकारियों के पास भेज दिया जाएगा। उनके पास इस बारे में अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की कोई पावर नहीं है।
विज्ञापन
साथ ही बीईईओ के तबादले की मांग कर बीईओ कार्यालय के आगे धरना दिया। सहकारिता मंत्री से उचित आश्वासन न मिलने पर अध्यापकों ने मंगलवार तक का अल्टीमेटम देते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
बुधवार को बीईईओ अनिल डाला और गांव चरखी के राजकीय स्कूल के हेड टीचर सुरेश कुमार के बीच सर्विस बुक पूरी करवाने को लेकर विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया था कि दोनों के बीच मारपीट भी हो गई।
विज्ञापन
इसके विरोध में अध्यापक संघ ने एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया था। अध्यापक संघ घटना के बाद सहकारिता मंत्री सतपाल सांगवान से मिलने उनके चरखी दादरी निवास पर भी पहुंचे थे लेकिन मंत्री के बाहर होने के कारण उन्हें वीरवार सुबह मिलने का समय दिया गया था। वीरवार को बड़ी संख्या में अध्यापक मंत्री आवास के आगे एकत्रित हुए। जिसके चलते यहां पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
बाद में संघ के चरखी दादरी खंड प्रधान रमेंद्र फौगाट के नेतृत्व में अध्यापकों ने बीईईओ अनिल डाला के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। अध्यापकों ने मांग की कि बीईईओ का तुरंत प्रभाव से तबादला किया जाए ताकि यहां का शैक्षणिक माहौल सुधर सके।
सहकारिता मंत्री ने मामले में जांच करवाने का आश्वासन देने के बाद संघ सदस्यों ने सरकार को मंगलवार तक का अल्टीमेटम देते हुए मंगलवार दोपहर बाद बैठक कर आंदोलन की चेतावनी दी है।
मंत्री निवास के बाद अध्यापकों ने बीईओ कार्यालय के आगे भी धरना-प्रदर्शन किया। चरखीदादरी खंड प्रधान रमेंद्र फौगाट, बौंद खंड प्रधान भगवान साहू ने अध्यापकों को संबोधित करते हुए कहा कि बीईईओ अनिल डाला पहले भी शिक्षकों से अशिष्ट व्यवहार करते रहे हैं। शैक्षणिक अधिकारी का यह व्यवहार शिक्षक कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
मौके पर पहुंचे बीईओ बौंद रामोतार शर्मा और बीईओ जेपी सभ्रवाल ने अध्यापकों को शांत किया।
शिक्षा विभाग की डीईओ निर्मला श्योराण का कहना है कि उनके पास इस मसले की अब तक लिखित में कोई शिकायत नहीं आई है। अगर शिकायत मिलती है तो तुरंत प्रभाव से ऊपरी अधिकारियों के पास भेज दिया जाएगा। उनके पास इस बारे में अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की कोई पावर नहीं है।